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Barabanki News: प्रभारी प्रधानाध्यापकों को मिलेगा एरियर सहित बढ़ा वेतन
Fri, 16 Oct 2026 02:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 16 Oct 2026 02:19 AM IST
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बाराबंकी। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पद खाली होने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक का दायित्व निभाने वाले शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। वर्षों से प्रमोशन न मिलने के बावजूद विद्यालयों की कमान संभाल रहे इन शिक्षकों के संघर्ष के बाद शासन ने अपना रुख बदलते हुए वेतन व एरियर भुगतान का रास्ता साफ कर दिया है।
अब तक केवल बेसिक शिक्षा अधिकारी के लिखित आदेश की अनुपस्थिति का बहाना बनाकर बढ़ा हुआ वेतन और एरियर रोक दिया जाता था। हालांकि, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी संशोधित शासनादेश ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया है।
शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सहायक अध्यापक ने प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य किया है और उनके पास न्यूनतम पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव है, तो तथ्यात्मक जांच के बाद एरियर सहित पूरा वेतन दिया जाएगा।
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पांच वर्ष के अनुभव और सत्यापन के आधार पर मिलेगा वित्तीय लाभ : शासन के नए आदेश से पूर्व की जटिल शर्तें और बीएसए के लिखित अधिकार पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब केवल पांच वर्ष का सेवा अनुभव और कार्य करने का भौतिक व तथ्यात्मक सत्यापन ही बढ़ा हुआ वेतन जारी करने का आधार होगा।
इस फैसले से बंकी, निंदूरा, सिद्धौर, हरख, सूरतगंज, त्रिवेदीगंज और रामनगर ब्लॉक के 200 से अधिक याची शिक्षकों (विमला देवी, रागिनी श्रीवास्तव, सरिता श्रीवास्तव, धर्मेंद्र व धीरेंद्र कुमार समेत) सहित प्रदेश भर के हजारों पात्र शिक्षकों को सीधा विधिक और वित्तीय लाभ मिलेगा।
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अब तक केवल बेसिक शिक्षा अधिकारी के लिखित आदेश की अनुपस्थिति का बहाना बनाकर बढ़ा हुआ वेतन और एरियर रोक दिया जाता था। हालांकि, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी संशोधित शासनादेश ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया है।
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शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सहायक अध्यापक ने प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य किया है और उनके पास न्यूनतम पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव है, तो तथ्यात्मक जांच के बाद एरियर सहित पूरा वेतन दिया जाएगा।
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पांच वर्ष के अनुभव और सत्यापन के आधार पर मिलेगा वित्तीय लाभ : शासन के नए आदेश से पूर्व की जटिल शर्तें और बीएसए के लिखित अधिकार पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब केवल पांच वर्ष का सेवा अनुभव और कार्य करने का भौतिक व तथ्यात्मक सत्यापन ही बढ़ा हुआ वेतन जारी करने का आधार होगा।
इस फैसले से बंकी, निंदूरा, सिद्धौर, हरख, सूरतगंज, त्रिवेदीगंज और रामनगर ब्लॉक के 200 से अधिक याची शिक्षकों (विमला देवी, रागिनी श्रीवास्तव, सरिता श्रीवास्तव, धर्मेंद्र व धीरेंद्र कुमार समेत) सहित प्रदेश भर के हजारों पात्र शिक्षकों को सीधा विधिक और वित्तीय लाभ मिलेगा।