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प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध आदेश में हो संशोधन
बाराबंकी/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:44 PM IST
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पॉलीथिन कैरीबैग को 21 जनवरी से प्रतिबंधित करने के विरोध में मंगलवार को शहर में व्यापारियोें ने जुलूस निकाला। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सदर उमेश सिंह को सौंपा। इसमें प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध की नियमावली में संशोधन की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता बब्बी ने कहा कि कागज कभी भी पॉलीथिन का विकल्प नहीं हो सकता है। यदि सभी प्रकार की पॉलीथिन प्रतिबंधित कर दी गईं तो इस कारोबार से जुड़े व्यापारी, आम जनता, उद्योगपति व कारखानों में काम करने वाले लोग आहत होंगे। बब्बी ने बताया कि 40 माइक्रान से मोटी जिन थैलियों को रिसाइकल किया जा सकता है वो या तो प्लास्टिक बायो ग्रेडेबिल हैं या उनसे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार के पॉलीथिन से संबंधित सन 2011 का गजट लागू करने की मांग की। कहा कि यदि पॉलीथिन पूर्णत: प्रतिबंधित की जाती है, तो 50 लाख लोगों के रोजगार का सरकार विकल्प दे।
नगर अध्यक्ष उसामा अंसारी ने कहा कि पर्यावरण अनुकूल (इको फ्रेंडली) प्लास्टिक का कैरी बैग, जो तीन-चार महीनों में कागज की तरह स्वत: नष्ट हो जाता है उसे चलाने की अनुमति प्रदान की जाए। जिस प्लास्टिक से वास्तव में पर्यावरण को नुकसान होता है, वही बंद हो। इस मौके पर राजेंद्र गुप्ता, अजय वर्मा, प्रशांत वर्मा, नवनीत निगम, रईस अंसारी, राजेश चौबे, महेश जायसवाल, महबूब अंसारी, सर्वेश निगम, राजेश कृष्णा, टीडी शुक्ल, अंबर आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता बब्बी ने कहा कि कागज कभी भी पॉलीथिन का विकल्प नहीं हो सकता है। यदि सभी प्रकार की पॉलीथिन प्रतिबंधित कर दी गईं तो इस कारोबार से जुड़े व्यापारी, आम जनता, उद्योगपति व कारखानों में काम करने वाले लोग आहत होंगे। बब्बी ने बताया कि 40 माइक्रान से मोटी जिन थैलियों को रिसाइकल किया जा सकता है वो या तो प्लास्टिक बायो ग्रेडेबिल हैं या उनसे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार के पॉलीथिन से संबंधित सन 2011 का गजट लागू करने की मांग की। कहा कि यदि पॉलीथिन पूर्णत: प्रतिबंधित की जाती है, तो 50 लाख लोगों के रोजगार का सरकार विकल्प दे।
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नगर अध्यक्ष उसामा अंसारी ने कहा कि पर्यावरण अनुकूल (इको फ्रेंडली) प्लास्टिक का कैरी बैग, जो तीन-चार महीनों में कागज की तरह स्वत: नष्ट हो जाता है उसे चलाने की अनुमति प्रदान की जाए। जिस प्लास्टिक से वास्तव में पर्यावरण को नुकसान होता है, वही बंद हो। इस मौके पर राजेंद्र गुप्ता, अजय वर्मा, प्रशांत वर्मा, नवनीत निगम, रईस अंसारी, राजेश चौबे, महेश जायसवाल, महबूब अंसारी, सर्वेश निगम, राजेश कृष्णा, टीडी शुक्ल, अंबर आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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