{"_id":"60e747cd8ebc3e9ea7054026","slug":"ambulance-barabanki-news-lko58607962","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाहुबली मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस का निरस्त हुआ पंजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाहुबली मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस का निरस्त हुआ पंजीकरण
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बाराबंकी। बाहुबली मुख्तार अंसारी की चर्चित एंबुलेंस का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। इसको करीब आठ साल पहले फर्जी प्रपत्र से जिले के एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर छह आरोपी जेल भेजे हैं और केस की चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल हो चुकी है।
बता दें कि जेल में निरुद्ध रहने के दौरान मुख्तार अंसारी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एंबुलेंस का पंजीकरण परिवहन विभाग द्वारा बुधवार को निरस्त कर दिया गया है। विभाग की माने तो यह एंबुलेंस शहर के पल्हरी में स्थित एमजीएस ऑटो फेब प्राइवेट लिमिटेड नामक डीलर से बीते नौ दिसंबर वर्ष 2013 को खरीदी गई थी।
फर्जी पते पर इस एंबुलेंस को 21 दिसंबर 2013 को एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत कराया गया था। मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में बंद होने के दौरान इस एंबुलेंस का प्रयोग कर रहा था जो बीते 31 मार्च को चर्चा में आई गई थी। इसके बाद एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बीते दो अप्रैल को इस मामले में मऊ की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय पर मुकदमा कराया था।
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इसके बाद जांच में अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे। पुलिस टीम ने पंजाब से पांच अप्रैल को एंबुलेंस को भी बरामद कर लिया था। यह एंबुलेंस अब कोतवाली शहर के मालखाने में दाखिल है और यहां खड़ी कंडम हो रही है। एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि इस एंबुलेंस का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है।
तीन आरोपी अभी तक चल रहे फरार
इस मामले में पुलिस ने डॉ. अलका राय, शेषनाथ राय, मो. सैयद मुजाहिद, राजनाथ यादव व आनंद यादव सहित एंबुलेंस चालक सलीम को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जबकि मुख्तार अंसारी बांदा जेल में निरुद्ध है। बाकी तीन आरोपी मो. जाफरी उर्फ शाहिद, सुरेंद्र शर्मा व अफरोज को पुलिस अभी तक तलाश नहीं सकी है।
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बता दें कि जेल में निरुद्ध रहने के दौरान मुख्तार अंसारी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एंबुलेंस का पंजीकरण परिवहन विभाग द्वारा बुधवार को निरस्त कर दिया गया है। विभाग की माने तो यह एंबुलेंस शहर के पल्हरी में स्थित एमजीएस ऑटो फेब प्राइवेट लिमिटेड नामक डीलर से बीते नौ दिसंबर वर्ष 2013 को खरीदी गई थी।
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फर्जी पते पर इस एंबुलेंस को 21 दिसंबर 2013 को एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत कराया गया था। मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में बंद होने के दौरान इस एंबुलेंस का प्रयोग कर रहा था जो बीते 31 मार्च को चर्चा में आई गई थी। इसके बाद एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बीते दो अप्रैल को इस मामले में मऊ की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय पर मुकदमा कराया था।
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इसके बाद जांच में अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे। पुलिस टीम ने पंजाब से पांच अप्रैल को एंबुलेंस को भी बरामद कर लिया था। यह एंबुलेंस अब कोतवाली शहर के मालखाने में दाखिल है और यहां खड़ी कंडम हो रही है। एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि इस एंबुलेंस का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है।
तीन आरोपी अभी तक चल रहे फरार
इस मामले में पुलिस ने डॉ. अलका राय, शेषनाथ राय, मो. सैयद मुजाहिद, राजनाथ यादव व आनंद यादव सहित एंबुलेंस चालक सलीम को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जबकि मुख्तार अंसारी बांदा जेल में निरुद्ध है। बाकी तीन आरोपी मो. जाफरी उर्फ शाहिद, सुरेंद्र शर्मा व अफरोज को पुलिस अभी तक तलाश नहीं सकी है।