फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   AKTU: Now, direct entry into PhD after B.Tech/B.E.

एकेटीयू: अब बीटेक-बीई के बाद सीधे कर सकेंगे पीएचडी

Thu, 16 Jul 2026 02:31 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 02:31 AM IST
विज्ञापन
AKTU: Now, direct entry into PhD after B.Tech/B.E.
लखनऊ। एकेटीयू ने पीएचडी अध्यादेश 2023-24 में अहम संशोधन करते हुए बीटेक-बीई के बाद सीधे पीएचडी करने को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए अब एमटेक होना अनिवार्य नहीं होगा। विद्या परिषद की मंजूरी के बाद विवि ने शोध की गुणवत्ता बढ़ाने व पीएचडी को यूजीसी के नए निर्देशों के अनुरूप बनाया है।
विज्ञापन

निर्देश में कहा गया कि चार वर्षीय स्नातक (बीटेक-बीई) के बाद छात्र सीधे पीएचडी कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें 75 प्रतिशत या समकक्ष सीजीपीए प्राप्त करना होगा। ऐसे अभ्यर्थी नियमित प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होकर सीधे पीएचडी में प्रवेश ले सकेंगे। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि ऐसे छात्रों को पीएचडी के पहले दो वर्षों में न्यूनतम 24 क्रेडिट के 8 पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। इनमें रिसर्च मेथडोलॉजी तथा रिसर्च पब्लिकेशन एंड एथिक्स विषय अनिवार्य होंगे। उन्हें थीसिस जमा करने से पहले दो शोध-पत्र प्रकाशित करना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इसमें एक शोध-पत्र एबीसीडी सूचीबद्ध जर्नल में प्रकाशित होना चाहिए। दूसरा शोध-पत्र स्कोपस या एबीसीडी सूची के जर्नल में प्रकाशित होना आवश्यक होगा। शोधार्थी प्रथम लेखक होगा, जबकि शोध-निर्देशक सह-लेखक होंगे तथा कुल लेखकों की संख्या पांच से अधिक नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कार्यरत पेशेवरों के लिए पार्ट टाइम पीएचडी
विवि ने कार्यरत पेशेवरों के लिए पार्टटाइम पीएचडी को सरल बनाया है। नौकरीपेशा अभ्यर्थी नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर यूजीसी के प्रावधानों के अनुरूप पार्ट-टाइम पीएचडी में प्रवेश ले सकेंगे। यह नॉन-फेलोशिप श्रेणी में होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed