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नसबंदी के बाद 27 महिलाओं कोे फर्श पर लिटाया
बाराबंकी
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:47 PM IST
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बाराबंकी में बरौली सीएचसी में बृहस्पतिवार को नसबंदी के बाद फर्श पर लिटाई गई महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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सीएचसी जाटा बरौली के महिला नसबंदी कैंप में डॉक्टर ऑपरेशन के बाद महिलाआें को सीलनभरे फर्श पर लिटाते रहे। कुछ की तो हालत भी गड़बड़ा गई। सीएमओ ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बंकी ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाटा बरौली मेें गुरुवार को नसबंदी कैंप में आशा बहुओं द्वारा 37 महिलाओं को नसबंदी कराने के लिए लाया गया था। कैंप में आलम यह था कि डॉक्टर ही दस बजे तक नहीं पहुंचे, इसके चलते महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा।
जब अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश कुरील पहुुंचे तो महिला चिकित्सक नदारद मिलीं जिससे नसबंदी से पहले की जांच भी बिलंब से हुई। कुछ देर बाद पुरुष डॉक्टरों द्वारा जांच की गई। जांच के बाद सर्जन एमके गुप्ता ने महिलाओें की नसबंदी शुरू की।
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नसबंदी कराने आई राधा देवी, संतोष, पम्मी निवासी नारे का पुरवा, जोशम निवासी पल्हरी डल्लू खेड़ा की पुष्पादेवी व ज्वारी की उमादेवी समेत 27 महिलाओं कोे ऑपरेशन थियेटर से निकालकर बेड पर न लिटा कर सीलनयुक्त फर्श पर लिटा दिया गया।
इस दौरान कुछ महिलाओं की तबीयत भी बिगड़ गई। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि अस्पताल प्रशासन व डॉक्टर द्वारा जमकर लापरवाही बरती गई। ऑपरेशन के बाद कुछ महिलाएं तो दवाओं के अभाव में फर्श पर छटपटाती रहीं।
महिला नसबंदी कैंप में नसबंदी के बाद मरीजों को बेड पर न लिटाकर फर्श पर लिटाना गंभीर मामला है। मामले की जांच के बाद लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ
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बंकी ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाटा बरौली मेें गुरुवार को नसबंदी कैंप में आशा बहुओं द्वारा 37 महिलाओं को नसबंदी कराने के लिए लाया गया था। कैंप में आलम यह था कि डॉक्टर ही दस बजे तक नहीं पहुंचे, इसके चलते महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा।
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जब अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश कुरील पहुुंचे तो महिला चिकित्सक नदारद मिलीं जिससे नसबंदी से पहले की जांच भी बिलंब से हुई। कुछ देर बाद पुरुष डॉक्टरों द्वारा जांच की गई। जांच के बाद सर्जन एमके गुप्ता ने महिलाओें की नसबंदी शुरू की।
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नसबंदी कराने आई राधा देवी, संतोष, पम्मी निवासी नारे का पुरवा, जोशम निवासी पल्हरी डल्लू खेड़ा की पुष्पादेवी व ज्वारी की उमादेवी समेत 27 महिलाओं कोे ऑपरेशन थियेटर से निकालकर बेड पर न लिटा कर सीलनयुक्त फर्श पर लिटा दिया गया।
इस दौरान कुछ महिलाओं की तबीयत भी बिगड़ गई। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि अस्पताल प्रशासन व डॉक्टर द्वारा जमकर लापरवाही बरती गई। ऑपरेशन के बाद कुछ महिलाएं तो दवाओं के अभाव में फर्श पर छटपटाती रहीं।
महिला नसबंदी कैंप में नसबंदी के बाद मरीजों को बेड पर न लिटाकर फर्श पर लिटाना गंभीर मामला है। मामले की जांच के बाद लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ