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Barabanki News: 18 लाख जुर्माने के बाद भी नहीं थम रही मिलावटखोरी
Mon, 20 Jul 2026 01:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 20 Jul 2026 01:51 AM IST
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बाराबंकी। मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है। इसके बावजूद जिले में मिलावटखोरी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। अपर जिलाधिकारी न्यायालय ने खाद्य पदार्थों के नमूने मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर 28 कारोबारियों और निर्माताओं पर करीब 18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
एडीएम कोर्ट ने देवा के आशीष गुप्ता के यहां से लिए गए मिल्क केक के नमूने की गुणवत्ता खराब मिलने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं इचौली के सदानंद के मिश्रित दूध पर 20 हजार, कैसरबाग के देवेंद्र के बंद पर 30 हजार, बारा के रविशंकर की अरहर दाल पर 20 हजार और महुलारा के देवराज के काजू पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पीरबटावन के अभय गुप्ता की कुल्फी और आइसक्रीम के नमूने मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर 30-30 हजार रुपये, वसीनगर के बिलाल के टोस्ट पर 30 हजार और फूलबाग स्थित एसएम बेकरी से लिए गए टोस्ट के नमूने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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इसके अलावा बछरावां के शिवकुमार के पनीर, केसरुआ के लवकुश के गरम मसाले, राजेश मसाला उद्योग, भिटरिया के राहुल के मिश्रित दूध और दंतातु के अशोक के पनीर के नमूनों पर भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है। नाका सतरिख के फैज के इडिबल वेजिटेबल ऑयल और निर्माता हनुमत एग्री प्रोडक्ट्स, नादरगंज अमौसी पर भी कार्रवाई हुई है।
हैदरगढ़ के परमिंदर के बेसन, मामापुर देवा के सिराज के रिफाइंड ऑयल और फतेहगंज क्रॉसिंग अमीनाबाद निवासी संतोष कुमार के खाद्य पदार्थों के नमूने भी गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं मिले, जिस पर जुर्माना लगाया गया है।
खजुरी सिरौलीगौसपुर स्थित केके इंटरप्राइजेज की राइस मिल से लिए गए फोर्टिफाइड राइस के नमूने मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं सरावगी के मनोज के यहां से लिए गए रजनीगंधा पान मसाले पर 10 हजार रुपये और पैगंबरपुर के हारून द्वारा बिना पंजीकरण दुकान संचालित करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि होने पर विक्रेताओं और निर्माताओं के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। एफएसडीए को अभियान चलाकर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
- निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी
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एडीएम कोर्ट ने देवा के आशीष गुप्ता के यहां से लिए गए मिल्क केक के नमूने की गुणवत्ता खराब मिलने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं इचौली के सदानंद के मिश्रित दूध पर 20 हजार, कैसरबाग के देवेंद्र के बंद पर 30 हजार, बारा के रविशंकर की अरहर दाल पर 20 हजार और महुलारा के देवराज के काजू पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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पीरबटावन के अभय गुप्ता की कुल्फी और आइसक्रीम के नमूने मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर 30-30 हजार रुपये, वसीनगर के बिलाल के टोस्ट पर 30 हजार और फूलबाग स्थित एसएम बेकरी से लिए गए टोस्ट के नमूने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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इसके अलावा बछरावां के शिवकुमार के पनीर, केसरुआ के लवकुश के गरम मसाले, राजेश मसाला उद्योग, भिटरिया के राहुल के मिश्रित दूध और दंतातु के अशोक के पनीर के नमूनों पर भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है। नाका सतरिख के फैज के इडिबल वेजिटेबल ऑयल और निर्माता हनुमत एग्री प्रोडक्ट्स, नादरगंज अमौसी पर भी कार्रवाई हुई है।
हैदरगढ़ के परमिंदर के बेसन, मामापुर देवा के सिराज के रिफाइंड ऑयल और फतेहगंज क्रॉसिंग अमीनाबाद निवासी संतोष कुमार के खाद्य पदार्थों के नमूने भी गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं मिले, जिस पर जुर्माना लगाया गया है।
खजुरी सिरौलीगौसपुर स्थित केके इंटरप्राइजेज की राइस मिल से लिए गए फोर्टिफाइड राइस के नमूने मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं सरावगी के मनोज के यहां से लिए गए रजनीगंधा पान मसाले पर 10 हजार रुपये और पैगंबरपुर के हारून द्वारा बिना पंजीकरण दुकान संचालित करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि होने पर विक्रेताओं और निर्माताओं के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। एफएसडीए को अभियान चलाकर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
- निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी