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Barabanki News: बिना मान्यता प्रवेश, अर्णव इंस्टीट्यूट के प्राचार्य, निदेशक पर एफआईआर

Mon, 23 Feb 2026 02:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Mon, 23 Feb 2026 02:12 AM IST
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Admission without recognition, FIR against Principal, Director of Arnav Institute
अर्णव इंस्टीट्यूट। 
सतरिख। हरख–सतरिख रोड स्थित अर्णव पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के प्राचार्य, निदेशक व अन्य सदस्यों के खिलाफ बिना मान्यता के बीएससी नर्सिंग में प्रवेश लेने तथा छात्रों को गुमराह कर उनके मूल प्रमाणपत्र जमा कर लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-16 के आदेश पर सतरिख पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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लखनऊ के द्वारकापुरी कॉलोनी, हैवतमऊ मवैया निवासी अनुराधा पत्नी राजेश कुमार गुप्ता ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी पुत्री सात्विका गुप्ता ने सत्र 2025 में अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय, लखनऊ से बीएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की थी। मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची में अर्णव पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट सतरिख रोड का नाम देखकर उन्होंने संस्थान से संपर्क किया।
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आरोप है कि संस्थान के प्राचार्य व प्रवेश समिति के अध्यक्ष ने स्वयं को नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त बताया। संस्थान की वेबसाइट पर भी मान्यता दर्शाई गई थी। सात्विका ने चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया और किराए का कमरा लेकर पढ़ाई शुरू की। करीब तीन माह तक कक्षाएं करने के बाद जानकारी मिली कि संस्थान को बीएससी नर्सिंग की मान्यता प्राप्त नहीं है। अभिभावक ने नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया से संपर्क किया, जहां से कथित रूप से मान्यता न होने की पुष्टि हुई। सतरिख के प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।
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अंकपत्र जमा कराए...छात्रा को धमकाने का आरोप
आरोप है कि छात्रा के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के मूल अंकपत्र व अन्य प्रमाणपत्र अपने पास जमा कर लिए। जब प्रवेश निरस्त करने की बात कही गई तो छात्रा को कथित रूप से डराया-धमकाया गया और मानसिक प्रताड़ना दी गई। मामले की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली।
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