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Barabanki News: आधार बनना मुश्किल, योजनाओं से हजारों वंचित
Thu, 17 Aug 2023 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 17 Aug 2023 12:35 AM IST
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बाराबंकी। आधार के बिना अब किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलता। यहां तक कि सरकारी अस्पताल में जांच कराने, ट्रेन का टिकट बुक करवाने व जेल में बंद परिजन से मुलाकात तक के लिए आधार जरूरी है। जिले में आधार बनवाने व अपडेट कराने के लिए विभिन्न प्रकार के 228 केंद्र संचालित हैं मगर इनमें तो कागजों पर संचालित है। नया आधार बनवाने इतना मुश्किलें है कि लोगों को कई दिन केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कहीं मशीन खराब है तो कहीं ऑपरेटर नहीं है। आधार से जुड़ी समस्याओं के कारण सरकारी विद्यालयों के करीब 20 हजार बच्चों को यूनीफार्म का पैसा नहीं मिल सका है। एक अधिकारी के अनुसार, रोजाना चार हजार से अधिक लोग केंद्रों पर पहुंचते हैं। बीते एक माह में 15 हजार ने नया आधार बनवाया तो 57 हजार ने अपडेशन करवाया।
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दृश्य एक-
प्रधान डाकघर में जुटी भीड़, रो पड़ी महिला
शहर में बेगमगंज रोड पर स्थित प्रधान डाकघर में बुधवार सुबह 12 बजे अंदर से बाहर तक 10 से अधिक लोग नया आधार बनवाने या संशोधन के लिए पहुंचे थे। शहर के शिवनाथ अपनी बेटियों खुशबू के साथ सुबह आठ बजे से थे। बच्चे स्कूल नहीं गए थे। देवा के पीरानगर से अपने दो बच्चों संदीप व प्रीत के साथ आई महिला रो पड़ी। बोली की पति का बीमारी से निधन हो गया। आधार के लिए तीन दिन से चक्कर लगा रहे हैं। दिव्यांग तक कतार में खड़े थे।
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दृश्य दो-
देवा में डेढ़ साल से खराब पड़ी मशीन
देवा के सिपहिया स्थित बीआरसी केंद्र पर वर्ष 2020 स्कूली बच्चों के आधार बनाने के लिए दो मशीनें भेजी गई थी। इनमें एक मशीन डेढ़ वर्ष से एक मशीन बंद है। बुधवार को यहां दूसरी मशीन से भी आधार बनना ठप था। एक कमर्चारी करने कहीं बाहर गए हैं। दर्जनों अभिभावक यहां बच्चों निराश होकर लौट चुके थे।
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दृश्य तीन-
बीआरसी में बिजली गुल, डाकघर से भी निराशा
त्रिवेदीगंज ब्लॉक के बीआरसी दहिला में अध्यापक सत्यदेव त्रिपाठी ने बताया कि सुबह से बिजली नहीं आई है। ऐसा अक्सर होता है। पास में ही मयंक, शालू, सचिन, रंजीत, शिवानी आदि पढ़ाई छोड़कर इंतजार में बैठे थे। क्षेत्र के ही उपडाकघर त्रिवेदीगंज में भी पिछले कई महीनों से ओटीपी नहीं आने से आधार का काम ठप है।
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दृश्य- चार
प्रिंटर खराब तो कर्मचारियों ने दिया जवाब
ब्लॉक संसाधन केंद्र दरियाबाद में आधार कार्ड बनाने के लिए दो मशीन लगी है। पहली मशीन ब्लॉक संसाधन केंद्र वही दूसरी मशीन प्राथमिक विद्यालय डीहा में लगी है। स्कूल वाली विद्यालय का प्रिंटर बीते 10 दिनों से खराब पड़ा है जिससे यहां बच्चों का आधार बनना ठप है।
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दृश्य- पांच
मशीनें संचालित करने के लिए ऑपरेटर ही नहीं
मसौली के ब्लाक संसाधन केंद्र (बीआरसी) बड़ागांव में बुधवार को आधार बनने का काम ठप मिला। क्योंकि यहां मशीनें संचालित करने वाला ऑपरेटर ही नहीं है। महीनों से मामला यूं ही लटका है। बीईओ संजय शुक्ला ने बताया कि इसे लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है।
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दृश्य- छह
दो मशीनें तो आईं थी, कहां गई पता नहीं
निंदूरा ब्लॉक का बीआरसी केंद्र कुर्सी में हैं। यहां बुधवार को आधार बनाने का काम ठप मिला। मौके पर मिले कर्मचारी ने बताया कि दो मशीनें तो आईं थी मगर वे किसी गांव में भेजी गई है। कहां है मालूम नहीं है। अधिकारी बता सकते है। सूरतगंज के छेदा में रखी मशीन भी खराब पड़ी है।
वर्जन-
आधार बनाने का काम यू आईडीएआई वाले करते है। इसलिए इस संबंध में हमें कोई जानकारी नही है। पता करके ही बता सकते हैं।
- धर्मेद्र उपाध्याय, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर
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दृश्य एक-
प्रधान डाकघर में जुटी भीड़, रो पड़ी महिला
शहर में बेगमगंज रोड पर स्थित प्रधान डाकघर में बुधवार सुबह 12 बजे अंदर से बाहर तक 10 से अधिक लोग नया आधार बनवाने या संशोधन के लिए पहुंचे थे। शहर के शिवनाथ अपनी बेटियों खुशबू के साथ सुबह आठ बजे से थे। बच्चे स्कूल नहीं गए थे। देवा के पीरानगर से अपने दो बच्चों संदीप व प्रीत के साथ आई महिला रो पड़ी। बोली की पति का बीमारी से निधन हो गया। आधार के लिए तीन दिन से चक्कर लगा रहे हैं। दिव्यांग तक कतार में खड़े थे।
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दृश्य दो-
देवा में डेढ़ साल से खराब पड़ी मशीन
देवा के सिपहिया स्थित बीआरसी केंद्र पर वर्ष 2020 स्कूली बच्चों के आधार बनाने के लिए दो मशीनें भेजी गई थी। इनमें एक मशीन डेढ़ वर्ष से एक मशीन बंद है। बुधवार को यहां दूसरी मशीन से भी आधार बनना ठप था। एक कमर्चारी करने कहीं बाहर गए हैं। दर्जनों अभिभावक यहां बच्चों निराश होकर लौट चुके थे।
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दृश्य तीन-
बीआरसी में बिजली गुल, डाकघर से भी निराशा
त्रिवेदीगंज ब्लॉक के बीआरसी दहिला में अध्यापक सत्यदेव त्रिपाठी ने बताया कि सुबह से बिजली नहीं आई है। ऐसा अक्सर होता है। पास में ही मयंक, शालू, सचिन, रंजीत, शिवानी आदि पढ़ाई छोड़कर इंतजार में बैठे थे। क्षेत्र के ही उपडाकघर त्रिवेदीगंज में भी पिछले कई महीनों से ओटीपी नहीं आने से आधार का काम ठप है।
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दृश्य- चार
प्रिंटर खराब तो कर्मचारियों ने दिया जवाब
ब्लॉक संसाधन केंद्र दरियाबाद में आधार कार्ड बनाने के लिए दो मशीन लगी है। पहली मशीन ब्लॉक संसाधन केंद्र वही दूसरी मशीन प्राथमिक विद्यालय डीहा में लगी है। स्कूल वाली विद्यालय का प्रिंटर बीते 10 दिनों से खराब पड़ा है जिससे यहां बच्चों का आधार बनना ठप है।
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दृश्य- पांच
मशीनें संचालित करने के लिए ऑपरेटर ही नहीं
मसौली के ब्लाक संसाधन केंद्र (बीआरसी) बड़ागांव में बुधवार को आधार बनने का काम ठप मिला। क्योंकि यहां मशीनें संचालित करने वाला ऑपरेटर ही नहीं है। महीनों से मामला यूं ही लटका है। बीईओ संजय शुक्ला ने बताया कि इसे लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है।
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दृश्य- छह
दो मशीनें तो आईं थी, कहां गई पता नहीं
निंदूरा ब्लॉक का बीआरसी केंद्र कुर्सी में हैं। यहां बुधवार को आधार बनाने का काम ठप मिला। मौके पर मिले कर्मचारी ने बताया कि दो मशीनें तो आईं थी मगर वे किसी गांव में भेजी गई है। कहां है मालूम नहीं है। अधिकारी बता सकते है। सूरतगंज के छेदा में रखी मशीन भी खराब पड़ी है।
वर्जन-
आधार बनाने का काम यू आईडीएआई वाले करते है। इसलिए इस संबंध में हमें कोई जानकारी नही है। पता करके ही बता सकते हैं।
- धर्मेद्र उपाध्याय, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर