{"_id":"5d6c0fc28ebc3e012d67e4de","slug":"accident-barabanki-news-lko479329976","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे में महिला की मौत, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे में महिला की मौत, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। सुल्तानपुर हाईवे पर बाइक की टक्कर से महिला श्रमिक की मौत हो गई। ग्रामीणो ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। एक निर्माण एजेंसी के मैनेजर ने पीड़ित परिवार को डेढ़ लाख रुपये देने की बात कही जिसके बाद लोग शांत हुए।
पुलिस के मुताबिक क्षेत्र के हरिपालपुर निवासी शिवकला (45) पत्नी मयकू टोल प्लॉजा के पास रविवार को घास की छिलाई कर रही थी। एक तेज रफ्तार बाइक सवार की टक्कर से वह घायल हो गई। इसके बाद बाइक सवार मौके से भाग गया। एनएचएआई की एंबुलेंस से शिवकला को सीएचसी पहुंचाया गया जहां मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच पूर्व विधायक राममगन रावत भी पहुंच गए। मृतका का शव हाईवे पर रखने जा रहे ग्रामीणों को प्रभारी निरीक्षक अवनीश सिंह ने सीएचसी पर रोक दिया। इसके बाद भी ग्रामीण मृतका के परिवार को पांच लाख रुपये देने की मांग पर अड़े रहे। मजदूरों को लाने वाली फर्म के मैनेजर अतुल को बुलाकर पुलिस ने ग्रामीणों से बात कराई। पीड़ित परिवार को डेढ़ लाख रुपये देने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक क्षेत्र के हरिपालपुर निवासी शिवकला (45) पत्नी मयकू टोल प्लॉजा के पास रविवार को घास की छिलाई कर रही थी। एक तेज रफ्तार बाइक सवार की टक्कर से वह घायल हो गई। इसके बाद बाइक सवार मौके से भाग गया। एनएचएआई की एंबुलेंस से शिवकला को सीएचसी पहुंचाया गया जहां मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच पूर्व विधायक राममगन रावत भी पहुंच गए। मृतका का शव हाईवे पर रखने जा रहे ग्रामीणों को प्रभारी निरीक्षक अवनीश सिंह ने सीएचसी पर रोक दिया। इसके बाद भी ग्रामीण मृतका के परिवार को पांच लाख रुपये देने की मांग पर अड़े रहे। मजदूरों को लाने वाली फर्म के मैनेजर अतुल को बुलाकर पुलिस ने ग्रामीणों से बात कराई। पीड़ित परिवार को डेढ़ लाख रुपये देने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
विज्ञापन