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Barabanki News: दो लाख नौनिहालों के नहीं बने आधार
Wed, 23 Aug 2023 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 23 Aug 2023 12:49 AM IST
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बाराबंकी। जिले के दो लाख नौनिहालों के अब तक आधार नहीं बन पाए हैं, ऐसे में उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के परियोजना कार्यालयों पर आधार बनाने के लिए उपलब्ध कराए गए टेबलेट में बायोमैट्रिक डिवाइस सपोर्ट नहीं कर रही है। अब यहां लगे डेस्कटाॅप के सहारे ही आधार बनाए जा रहे हैं। ऐसे में आधार बनाने की रफ्तार बहु सुस्त पड़ गई है।
बता दें कि जिले में शून्य से पांच वर्ष तक के 299270 बच्चे हैं। इनमें 62502 बच्चोें के आधार पहले सेे बने हैं। वहीं 236768 के आधार बनाए जाने थे। इसके सापेक्ष अगस्त के पहले पखवारे तक 36617 बच्चों के आधार बनाए जा चुके हैैं। मई माह में बाराबंकी आधार नामांकन में प्रदेश में तीसरे व जून में पहले पायदान पर था।
डोर टू डोर जाकर आधार नामांकन कराने के लिए शहर समेत सभी ब्लॉकों के परियोजना कार्यालयों को टेबलेट व बायोमीट्रिक डिवाइस मुहैया कराई गई थी। 21 जुुलाई से आधार किट में साफ्टवेयर अपडेट होने के कारण बायोमीट्रिक डिवाइस टेबलेट में सपोर्ट नहीं कर रही है। ऐसे में डोर टू डोर अभियान ठप हो चुका है एवं दफ्तर में लगे डेस्कटाप के सहारे ही आधार बनवाए जा रहे हैं।
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यही वजह है कि 16 परियोजनाओं को आवंटित आठ हजार लक्ष्य के सापेक्ष 3477 बच्चों का ही आधार नामांकन हो पाया है। इनमें हरख, निंदूरा व बनीकोडर ब्लॉकों की स्थिति सबसे खराब है। यहां 20 प्रतिशत से भी कम बच्चों के आधार बने हैं।
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परियोजनावार बच्चे व बने आधार
रामनगर- 20662- 5033
मसौली- 16912- 7286
फतेहपुर- 24627- 5418
त्रिवेदीगंज- 15475- 8875
सिद्धौर- 20840- 13115
सिरौलीगौसपुर- 20215- 5211
सूरतगंज- 21696- 5739
हरख- 16164- 2806
निंदूरा- 22050- 3619
बंकी- 20058- 6602
हैदरगढ़- 19294- 7252
देवा- 20339- 6994
बनीकोडर- 19861- 1819
पूरेडलई- 14406- 5157
दरियाबाद- 19431- 11960
शहर- 7242- 3133
टेबलेट में बायोमीट्रिक डिवाइस सपोर्ट न करने से रफ्तार धीमी पड़ी है, लेकिन परियोजना कार्यालयों पर उपलब्ध डेस्कटाप दुरुस्त कराकर आधार नामांकन कराया जा रहा है। जल्द ही इसकी रफ्तार भी ठीक हो जाएगी।
- अखिलेंद्र दुबे, डीपीओ
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बता दें कि जिले में शून्य से पांच वर्ष तक के 299270 बच्चे हैं। इनमें 62502 बच्चोें के आधार पहले सेे बने हैं। वहीं 236768 के आधार बनाए जाने थे। इसके सापेक्ष अगस्त के पहले पखवारे तक 36617 बच्चों के आधार बनाए जा चुके हैैं। मई माह में बाराबंकी आधार नामांकन में प्रदेश में तीसरे व जून में पहले पायदान पर था।
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डोर टू डोर जाकर आधार नामांकन कराने के लिए शहर समेत सभी ब्लॉकों के परियोजना कार्यालयों को टेबलेट व बायोमीट्रिक डिवाइस मुहैया कराई गई थी। 21 जुुलाई से आधार किट में साफ्टवेयर अपडेट होने के कारण बायोमीट्रिक डिवाइस टेबलेट में सपोर्ट नहीं कर रही है। ऐसे में डोर टू डोर अभियान ठप हो चुका है एवं दफ्तर में लगे डेस्कटाप के सहारे ही आधार बनवाए जा रहे हैं।
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यही वजह है कि 16 परियोजनाओं को आवंटित आठ हजार लक्ष्य के सापेक्ष 3477 बच्चों का ही आधार नामांकन हो पाया है। इनमें हरख, निंदूरा व बनीकोडर ब्लॉकों की स्थिति सबसे खराब है। यहां 20 प्रतिशत से भी कम बच्चों के आधार बने हैं।
परियोजनावार बच्चे व बने आधार
रामनगर- 20662- 5033
मसौली- 16912- 7286
फतेहपुर- 24627- 5418
त्रिवेदीगंज- 15475- 8875
सिद्धौर- 20840- 13115
सिरौलीगौसपुर- 20215- 5211
सूरतगंज- 21696- 5739
हरख- 16164- 2806
निंदूरा- 22050- 3619
बंकी- 20058- 6602
हैदरगढ़- 19294- 7252
देवा- 20339- 6994
बनीकोडर- 19861- 1819
पूरेडलई- 14406- 5157
दरियाबाद- 19431- 11960
शहर- 7242- 3133
टेबलेट में बायोमीट्रिक डिवाइस सपोर्ट न करने से रफ्तार धीमी पड़ी है, लेकिन परियोजना कार्यालयों पर उपलब्ध डेस्कटाप दुरुस्त कराकर आधार नामांकन कराया जा रहा है। जल्द ही इसकी रफ्तार भी ठीक हो जाएगी।
- अखिलेंद्र दुबे, डीपीओ