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Barabanki News: तेंदुए ने वनरोज के बच्चे को दौड़ाकर मारा
Fri, 02 Oct 2026 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 02 Oct 2026 11:49 PM IST
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शरीफाबाद के जंगल में पिंजड़े में बांधी गई बकरी।
हैदरगढ़/सुबेहा। गोमती किनारे शरीफाबाद के जंगल में शुक्रवार सुबह फिर तेंदुए की दहशत फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ वनरोज के बच्चे को दौड़ाते हुए जंगल से खेल मैदान तक ले आया। शोर मचाने पर शिकार छोड़कर झाड़ियों में चला गया। बाद में वनरोज का बच्चा मृत मिला। वन विभाग ने जंगल और आसपास कांबिंग शुरू कर दी है। पिंजड़े में बकरी बांधकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
करीब दो माह से शरीफाबाद के 82 हेक्टेयर जंगल में तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा है। खोहली गांव के पास वनरोज का शिकार और पगचिह्न मिलने के बाद विभाग सक्रिय हुआ था। इसके बाद बंदर और बछड़े पर हमले की घटनाएं सामने आईं। कुछ दिन पहले खेत में मवेशी मृत मिलने पर भी तेंदुए के हमले की चर्चा हुई थी। एक सप्ताह की शांति के बाद शुक्रवार को रामप्रसाद के अनुसार तेंदुआ दिखाई दिया।
वन दरोगा अनुज कुमार सिंह ने बताया कि गोमती किनारे जंगल में कई वर्षों से तेंदुए की आहट मिलती रही है। निगरानी के लिए तीन स्थानों पर नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं। अमेठी के मुसाफिरखाना रेंज के पन्ही जंगल से अयोध्या के कुमारगंज क्षेत्र तक उसकी मौजूदगी के निशान मिले हैं।
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शिकार के तरीके पर विशेषज्ञ की अलग राय
वन्यजीव विशेषज्ञ विपिन कपूर के अनुसार वनरोज के बच्चे के पीछे से करीब आधा किलो मांस खाया गया है। गर्दन और पीठ पर तेंदुए के हमले जैसे निशान नहीं हैं। डीएफओ आकाश दीप बधावन ने कहा कि तेंदुआ होने पर वह जल्द कैमरों में कैद होगा।
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करीब दो माह से शरीफाबाद के 82 हेक्टेयर जंगल में तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा है। खोहली गांव के पास वनरोज का शिकार और पगचिह्न मिलने के बाद विभाग सक्रिय हुआ था। इसके बाद बंदर और बछड़े पर हमले की घटनाएं सामने आईं। कुछ दिन पहले खेत में मवेशी मृत मिलने पर भी तेंदुए के हमले की चर्चा हुई थी। एक सप्ताह की शांति के बाद शुक्रवार को रामप्रसाद के अनुसार तेंदुआ दिखाई दिया।
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वन दरोगा अनुज कुमार सिंह ने बताया कि गोमती किनारे जंगल में कई वर्षों से तेंदुए की आहट मिलती रही है। निगरानी के लिए तीन स्थानों पर नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं। अमेठी के मुसाफिरखाना रेंज के पन्ही जंगल से अयोध्या के कुमारगंज क्षेत्र तक उसकी मौजूदगी के निशान मिले हैं।
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शिकार के तरीके पर विशेषज्ञ की अलग राय
वन्यजीव विशेषज्ञ विपिन कपूर के अनुसार वनरोज के बच्चे के पीछे से करीब आधा किलो मांस खाया गया है। गर्दन और पीठ पर तेंदुए के हमले जैसे निशान नहीं हैं। डीएफओ आकाश दीप बधावन ने कहा कि तेंदुआ होने पर वह जल्द कैमरों में कैद होगा।