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Barabanki News: छह किलोमीटर का शहर, चार लाख वाहनों का बोझ
Sun, 01 Mar 2026 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 01 Mar 2026 12:21 AM IST
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बाराबंकी। करीब छह किलोमीटर की परिधि में सिमटा शहर रोजाना जाम और अव्यवस्थित यातायात की मार झेल रहा है। समस्या केवल वाहनों की संख्या नहीं, बल्कि योजना के अभाव की है। प्रतिदिन तीन से चार लाख वाहन शहर से गुजरते हैं या शहर के भीतर चलते हैं, लेकिन यातायात के लिए न कोई स्पष्ट रूट तय है और न ही ठोस प्लानिंग। बाजार मेें दो, तीन और चार पहिया वाहन धड़ल्ले से प्रवेश कर जाते हैं। स्थिति यह है कि मुख्य बाजारों में जहां पैदल चलना मुश्किल है,
लखनऊ-अयोध्या पुराना हाईवे शहर के बीचोंबीच से गुजरता है और अधिकतर यातायात इसी मार्ग पर निर्भर है। हैरानी की बात यह है कि इसका कोई सहायक मार्ग नहीं है। धनोखर, नाका, घंटाघर और मैया मंडी जैसे प्रमुख बाजारों में ई-रिक्शा और तिपहिया वाहनों की भरमार रहती है। बाजार क्षेत्र में प्रवेश के लिए कोई स्पष्ट प्रतिबंध लागू नहीं है। दो वर्ष पूर्व तत्कालीन एसपी दिनेश कुमार सिंह ने मुख्य बाजार और कुछ सड़कों पर तीन व चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था, परंतु वह व्यवस्था स्थायी रूप नहीं ले सकी। परिवहन विभाग के अधिकारी अक्सर अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए जिम्मेदारी नगर पालिका या यातायात पुलिस पर डाल देते हैं। नतीजा यह है कि समस्या जस की तस बनी हुई है। लखपेड़ाबाग से बड़ेल मार्ग पर दो दर्जन से अधिक स्कूल और कॉलेज होने से भीड़ रहती है। पुलिस लाइन-घोसियाना-छाया चौराहा मार्ग एंबुलेंस, निजी वाहन और ई-रिक्शा की आवाजाही से यह रास्ता जामग्रस्त रहता है। नाका सतरिख से धनोखर मुख्य बाजार में प्रवेश का अहम रास्ता है। सड़क संकरी और दोनों ओर अतिक्रमण है। यहां वाहन रेंगते हुए चलते हैं। जाम लगना आम बात है। रोक के बावजूद बावजूद ई-रिक्शा और अन्य तिपहिया वाहन भीतर तक पहुंच जाते हैं। जिससे जाम लगता है पर व्यवस्था मौन रहती है। सीओ ट्रैफिक आलोक पाठक का कहना है कि होली के मद्देनजर सभी चौराहों पर पुलिस की तैनाती रहेगी और बाजार मेें वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
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लखनऊ-अयोध्या पुराना हाईवे शहर के बीचोंबीच से गुजरता है और अधिकतर यातायात इसी मार्ग पर निर्भर है। हैरानी की बात यह है कि इसका कोई सहायक मार्ग नहीं है। धनोखर, नाका, घंटाघर और मैया मंडी जैसे प्रमुख बाजारों में ई-रिक्शा और तिपहिया वाहनों की भरमार रहती है। बाजार क्षेत्र में प्रवेश के लिए कोई स्पष्ट प्रतिबंध लागू नहीं है। दो वर्ष पूर्व तत्कालीन एसपी दिनेश कुमार सिंह ने मुख्य बाजार और कुछ सड़कों पर तीन व चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था, परंतु वह व्यवस्था स्थायी रूप नहीं ले सकी। परिवहन विभाग के अधिकारी अक्सर अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए जिम्मेदारी नगर पालिका या यातायात पुलिस पर डाल देते हैं। नतीजा यह है कि समस्या जस की तस बनी हुई है। लखपेड़ाबाग से बड़ेल मार्ग पर दो दर्जन से अधिक स्कूल और कॉलेज होने से भीड़ रहती है। पुलिस लाइन-घोसियाना-छाया चौराहा मार्ग एंबुलेंस, निजी वाहन और ई-रिक्शा की आवाजाही से यह रास्ता जामग्रस्त रहता है। नाका सतरिख से धनोखर मुख्य बाजार में प्रवेश का अहम रास्ता है। सड़क संकरी और दोनों ओर अतिक्रमण है। यहां वाहन रेंगते हुए चलते हैं। जाम लगना आम बात है। रोक के बावजूद बावजूद ई-रिक्शा और अन्य तिपहिया वाहन भीतर तक पहुंच जाते हैं। जिससे जाम लगता है पर व्यवस्था मौन रहती है। सीओ ट्रैफिक आलोक पाठक का कहना है कि होली के मद्देनजर सभी चौराहों पर पुलिस की तैनाती रहेगी और बाजार मेें वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
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