{"_id":"125-85666","slug":"Barabanki-85666-125","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं मिली एंबुलेंस, ठेलिया पर प्रसव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं मिली एंबुलेंस, ठेलिया पर प्रसव
Barabanki
Updated Wed, 17 Sep 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टिकैतनगर (बाराबंकी)। प्रसव पीड़िताओं के इलाज को लेकर बरती जा रही लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। लापरवाही का एक और मामला सोमवार रात सामने आया। एक महिला प्रसव पीड़ा से छटपटाती रही लेकिन सूचना देने के दो घंटे बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पीड़िता का पति उसे ठेलिया पर लेकर सीएचसी की ओर चल पड़ा। इस दौरान रास्ते में ठेलिया पर प्रसव हो गया। इसके बाद सीएचसी टिकैतनगर में जच्चा-बच्चा को भर्ती कराया गया जहां अब दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है। क्षेत्र के सरांय नेतामऊ निवासी इंदल ने बताया कि सोमवार रात करीब नौ बजे उसकी पत्नी श्रीमती को प्रसव पीड़ा हुई तो उसने तत्काल 108 पर फोन कर एंबुलेंस की मांग की। इंदल का कहना है कि करीब दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई और पीड़िता दर्द से तड़पती रही। एंबुलेंस के संबंध में इंदल ने रात 11 बजे फिर से फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पत्नी की हालत बिगड़ती देख इंदल ने हाथ ठेलिया में ही पत्नी को लिटाया और सीएचसी टिकैतनगर की ओर चल पड़ा लेकिन वह अभी आधा किलोमीटर दूर ही पहुंचा था कि पत्नी दर्द को बर्दाश्त न कर सकी और ठेलिया पर ही प्रसव हो गया। इंदल ने इसके बाद सीएचसी पहुंच जच्चा-बच्चा को भर्ती कराया। डॉक्टरों का कहना है कि जच्चा और बच्चा दोनों खतरे से बाहर हैं। एंबुलेंस न मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले घुंघटेर क्षेत्र में इस प्रकार की दो घटनाएं हो चुकी हैं। परिवारीजन प्रसव पीड़िता को ठेलिया से लेकर आ रहे थे कि रास्ते में ही प्रसव हो गया था।
विज्ञापन