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पेंचकस से गोदकर हत्या करने वाले को उम्रकैद
Barabanki
Updated Sat, 13 Sep 2014 05:30 AM IST
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बाराबंकी। बहन की अस्मत बचाने के प्रयास में भाई की हुई हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञानेश कुमार ने आरोपी को आजीवन कारावास व 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला कुर्सी थाना क्षेत्र के ग्राम मोहसंड का है। 7 जून 2009 की रात मेला देख कर लौट रही किशोरी के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर उसके भाई की गला दबाकर व पेंचकस से आरोपी ने हत्या कर दी थी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा ने बताया कि थाना कुर्सी के मोहसंड में 7 जून 2009 को पीर बाबा की मजार पर मेला था। गांव का ही चंद्रशेखर अपनी बहन के साथ मजार पर मेला देखने गया था। दोनों मेला देखने के बाद नौटंकी देखने लगे। रात एक बजे चन्द्रशेखर अपनी बहन के साथ घर जा रहा था तभी रास्ते में परसादीपुरवा मजरे मोहसंड निवासी सुरेश रावत किशोरी से छेड़छाड़ करने लगा। पीछे से आ रहे भाई चन्द्रशेखर के विरोध करने पर किशोरी तो खुद को छुड़ाकर भाग गई लेकिन इसी दौरान आरोपी सुरेश कुमार ने चन्द्रशेखर की पेंचकस भोंककर व गला दबाकर हत्या कर दी।
घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता रामबिलास ने थाना कुर्सी में दर्ज कराई। पोस्टमार्टम में मृतक के शरीर में पेचकस से घोंपने के 18 घाव पाए गए थे। न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए। पीड़िता किशोरी समेत गवाहों व डाॅक्टर के बयान के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञानेश कुमार ने आरोपी सुरेश रावत को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को 12 हजार रुपये जुर्माना भुगतने का आदेश दिया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा ने बताया कि थाना कुर्सी के मोहसंड में 7 जून 2009 को पीर बाबा की मजार पर मेला था। गांव का ही चंद्रशेखर अपनी बहन के साथ मजार पर मेला देखने गया था। दोनों मेला देखने के बाद नौटंकी देखने लगे। रात एक बजे चन्द्रशेखर अपनी बहन के साथ घर जा रहा था तभी रास्ते में परसादीपुरवा मजरे मोहसंड निवासी सुरेश रावत किशोरी से छेड़छाड़ करने लगा। पीछे से आ रहे भाई चन्द्रशेखर के विरोध करने पर किशोरी तो खुद को छुड़ाकर भाग गई लेकिन इसी दौरान आरोपी सुरेश कुमार ने चन्द्रशेखर की पेंचकस भोंककर व गला दबाकर हत्या कर दी।
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घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता रामबिलास ने थाना कुर्सी में दर्ज कराई। पोस्टमार्टम में मृतक के शरीर में पेचकस से घोंपने के 18 घाव पाए गए थे। न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए। पीड़िता किशोरी समेत गवाहों व डाॅक्टर के बयान के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञानेश कुमार ने आरोपी सुरेश रावत को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को 12 हजार रुपये जुर्माना भुगतने का आदेश दिया है।
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