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क्वांर में सावन, फसलों को जीवनदान

Sat, 13 Sep 2014 05:30 AM IST
Barabanki
Barabanki Updated Sat, 13 Sep 2014 05:30 AM IST
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बाराबंकी। देर से ही सही इंद्रदेव प्रसन्न हुए तो बारिश ने न सिर्फ उमस से राहत दिलाकर मौसम को खुशगवार कर दिया बल्कि किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी। गुरुवार रात से शुरू हुई रिमझिम बारिश शुक्रवार को पूरे दिन होती रही। इससे धान की फसल को काफी लाभ और किसानों को राहत मिली है। शुक्रवार को 43.4 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई।
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क्वांर में शुक्रवार को लोगों ने सावन जैसी बारिश का आनंद लिया। गुरुवार को सुबह व शाम को बारिश हुई। फिर रात में शुरू हुई बारिश शुक्रवार को दिनभर होती रही। रिमझिम बारिश ने उमस व गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत दी। बारिश ने नगर क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की पोल भी खोल दी है। जगह-जगह जलभराव हो गया है। बस स्टेशन के पास हुए गड्ढे में मिट्टी भरवा दिए जाने से कीचड़ ही कीचड़ हो गया। बारिश के चलते लक्ष्मणपुर कालोनी, दीनदयाल नगर, विजय नगर, आवास विकास कालोनी, घंटाघर रोड, छाया चौराहा सहित कई जगहों पर जलभराव हो गया। जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से बारिश होने से लोग घरों में ही दुबके रहे। रिमझिम बारिश का स्कूली बच्चों ने खूब मजा लिया। वे रेनकोट व छाता लेकर स्कूल पहुंचे लेकिन वापसी में बच्चों ने छाता व रेन कोट को हटा बारिश में भीगना पसंद किया। रिक्शा व पैदल स्कूल गए बच्चों ने रेनी-डे का पूरा लुत्फ उठाया। स्कूल में भी इंटरवल में भी बच्चों ने कक्षा में ही बैठ का खूब बातें की। बारिश ने नगर क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की पोल भी खोल दी है। जगह-जगह जलभराव हो गया है। बस स्टेशन के पास हुए गड्ढे में मिट्टी भरवा दिए जाने से कीचड़ ही कीचड़ हो गया। बारिश के चलते लक्ष्मणपुर कालोनी, दीनदयाल नगर, विजय नगर, आवास विकास कालोनी, घंटाघर रोड, छाया चौराहा सहित कई जगहों पर जलभराव हो गया जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से बारिश होने से लोग घरों में ही दुबके रहे।
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वहीं दूसरी ओर यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि बारिश न होने से किसानाें की धान की खेतों में खड़ी फसल सूख रही थी। लेकिन गुरुवार रात से धीरे-धीरे हो रही बारिश ने धान में जान डाल दी है। कृषि विशेषज्ञ भी इस बारिश को आवश्यकता के समय पर हुई बरसात मान रहे हैं। यदि इस समय से बारिश न होती तो धान की फसल जहां सूखने की स्थिति में पहुंच गई थी वहीं धान की उत्पादकता पर भी इसका असर पड़ सकता था।
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जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव का कहना है कि जिले में सितंबर में अब तक 69.05 मिमी. बारिश हुई है। बृहस्पतिवार को 2.50 मिमी. तो शुक्रवार को 43. 40 मिमी बारिश से धान की फसल को काफी लाभ मिलेगा साथ ही उत्पादन भी बढ़ेगा। इस समय इस तरह की बारिश की बहुत जरूरत थी।
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