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...सबके भाग्य संवारे प्रभ्ाु खाटू श्याम
Barabanki
Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
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बाराबंकी। राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित श्रीश्याम महोत्सव में गुरुवार सुबह भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा आयोजन स्थल पर पहुंची। यहां देर शाम तक भंडारे में लोगोें ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। देर रात श्रीश्याम प्रभु की लीलाओं का अद्भुत मंचन किया गया। इसके बाद कुमार शानू, शीतल पांडेय ने खाटू श्रीश्याम आधारित भजनों की प्रस्तुति कर लोगों को भक्तिरस से सरोबार कर दिया।
शहर के नागेश्वरनाथ मंदिर पर निशान पूजन कर शोभायात्रा निकाली गई। पीले व लाल रंग के झंडे से सजी शोभायात्रा में शामिल भक्त खाटू श्रीश्याम के जयकारे लगाते आगे बढ़ते रहे। शोभायात्रा मार्ग पर लोगाें ने स्टाल लगाकर पानी, मिठाई वितरित कर पुष्प वर्षा की। भगवान शंकर, गणेश, और हनुमान की झांकियों से सुसज्जित शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्ग सट्टी बाजार, घंटाघर, धनोखर, नाका चौराहा होते हुए जीआईसी पहुंची। बैंडबाजों की धुन के बीच खाटू श्रीश्याम की महिमा का बखान करते भक्तिगीतों ने वातावरण श्याममय कर दिया। शोभायात्रा के जीआईसी पहुंचने के बाद यहीं पर भंडारा हुआ। इसमें सभी वर्ग के लोगोें ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कलकत्ता से मंगाए गए फूलों से दिल्ली से आए संजय खेमका ने बाबा का भव्य शृंगार किया। खाटू श्रीश्याम के दरबार में शीश झुकाने व आरती के बाद देर रात शुरू हुए कार्यक्रम में बद्रीनाथ से आए पवन गोदियाल, कविता गोदियाल और साथियों ने प्रभु श्याम की लीलाओं का मंचन किया। रुक्मणी सत्यभामा का चरित्र, माखन चोरी और फूलों की होली मेें उर्वशी, कृष्णा और मीनाक्षी के सजीव मंचन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आकर्षक मयूर नृत्य पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। दिल्ली से आए शीतल पांडेय ने ...तू जहां-जहां चलेगा, मेरा साया साथ होगा, ...सबके भाग्य संवारे प्रभु खाटू श्याम..भजनों की प्रस्तुति से समां बांधा। कोलकाता से आए संजय मित्तल के भजनों की प्रस्तुति को सराहा गया। इसके बाद प्रसिद्ध गायक नानपारा के कुमार शानू ने मंच संभाला। भजनों का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
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शहर के नागेश्वरनाथ मंदिर पर निशान पूजन कर शोभायात्रा निकाली गई। पीले व लाल रंग के झंडे से सजी शोभायात्रा में शामिल भक्त खाटू श्रीश्याम के जयकारे लगाते आगे बढ़ते रहे। शोभायात्रा मार्ग पर लोगाें ने स्टाल लगाकर पानी, मिठाई वितरित कर पुष्प वर्षा की। भगवान शंकर, गणेश, और हनुमान की झांकियों से सुसज्जित शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्ग सट्टी बाजार, घंटाघर, धनोखर, नाका चौराहा होते हुए जीआईसी पहुंची। बैंडबाजों की धुन के बीच खाटू श्रीश्याम की महिमा का बखान करते भक्तिगीतों ने वातावरण श्याममय कर दिया। शोभायात्रा के जीआईसी पहुंचने के बाद यहीं पर भंडारा हुआ। इसमें सभी वर्ग के लोगोें ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कलकत्ता से मंगाए गए फूलों से दिल्ली से आए संजय खेमका ने बाबा का भव्य शृंगार किया। खाटू श्रीश्याम के दरबार में शीश झुकाने व आरती के बाद देर रात शुरू हुए कार्यक्रम में बद्रीनाथ से आए पवन गोदियाल, कविता गोदियाल और साथियों ने प्रभु श्याम की लीलाओं का मंचन किया। रुक्मणी सत्यभामा का चरित्र, माखन चोरी और फूलों की होली मेें उर्वशी, कृष्णा और मीनाक्षी के सजीव मंचन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आकर्षक मयूर नृत्य पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। दिल्ली से आए शीतल पांडेय ने ...तू जहां-जहां चलेगा, मेरा साया साथ होगा, ...सबके भाग्य संवारे प्रभु खाटू श्याम..भजनों की प्रस्तुति से समां बांधा। कोलकाता से आए संजय मित्तल के भजनों की प्रस्तुति को सराहा गया। इसके बाद प्रसिद्ध गायक नानपारा के कुमार शानू ने मंच संभाला। भजनों का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
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