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लेखपालों की हड़ताल से डंप हो गए 20 हजार आवेदन
Updated Sun, 15 Jul 2018 10:49 PM IST
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लेखपालों की हड़ताल से 20 हजार आवेदन डंप
क्रासर
-झुकने को तैयार नहीं है लेखपाल, विभागीय कार्य भी प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। लेखपालों की हड़ताल का असर विभागीय कार्यों पर पड़ने लगा है। जिले की तहसीलों में आय, जाति और निवास के करीब 20 हजार आवेदन लंबित पड़े हैं और इनके प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं।आवेदक तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं और उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। कार्य प्रभावित होता देख प्रशासन ने इनके खिलाफ कार्रवाई भी की है लेकिन लेखपाल झुकने को तैयार नहीं हैं। वहीं राजस्व कर्मियों को इस कार्य में लगाया गया है लेकिन वह भी इस गति नहीं दे पा रहे हैं।
जिले में मौजूदा समय में 467 लेखपाल कार्यरत हैं जो पिछले 3 जुलाई से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। जिसके चलते आय, जाति और निवासी के प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा अवैध कब्जे हटाने और पैमाइश के मामलों का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है। जबकि आवेदक प्रमाण पत्र पाने के लिए तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। सबसे ज्यादा मामले सदर तहसील में इसके बाद हैदरगढ़ और फतेहपुर में लंबित हैं। इस प्रकार देखा जाए तो जाति के करीब जाति 7988, आय के 7321 और निवास के 5078 कुल 20 हजार 387 मामले लंबित पड़े हैं जिनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। जबकि प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजस्व निरीक्षक, राजस्व कर्मियों आदि को लगाया गया है। लेकि इसका लाभ आवेदकों को नहीं मिल पा रहा है।
बाक्स
जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार का कहना है कि हमारे यहां प्रवेश के समय आय, जाति व निवास की कोई आवश्यकता नहीं होती है। छात्रवृत्ति में इसकी जरुरत होती जो अभी नहीं है। वहीं बीएसए विनय कुमार का कहना है कि शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्रमाण पत्रों के साथ पहले ही आवेदन किया जा चुका है उन्हीं बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा। वर्तमान में इन प्रमाण पत्रों की जरुरत नहीं है।
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बाक्स
लेखपालों की हड़ताल को देखते हुए आय, जाति और निवासी के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजस्व निरीक्षकों, राजस्व कर्मियों आदि को लगाया गया है। इससे आवेदन करने वालों को समय से प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जा सकें।
संदीप कुमार गुप्ता, एडीएम
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क्रासर
-झुकने को तैयार नहीं है लेखपाल, विभागीय कार्य भी प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। लेखपालों की हड़ताल का असर विभागीय कार्यों पर पड़ने लगा है। जिले की तहसीलों में आय, जाति और निवास के करीब 20 हजार आवेदन लंबित पड़े हैं और इनके प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं।आवेदक तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं और उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। कार्य प्रभावित होता देख प्रशासन ने इनके खिलाफ कार्रवाई भी की है लेकिन लेखपाल झुकने को तैयार नहीं हैं। वहीं राजस्व कर्मियों को इस कार्य में लगाया गया है लेकिन वह भी इस गति नहीं दे पा रहे हैं।
जिले में मौजूदा समय में 467 लेखपाल कार्यरत हैं जो पिछले 3 जुलाई से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। जिसके चलते आय, जाति और निवासी के प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा अवैध कब्जे हटाने और पैमाइश के मामलों का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है। जबकि आवेदक प्रमाण पत्र पाने के लिए तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। सबसे ज्यादा मामले सदर तहसील में इसके बाद हैदरगढ़ और फतेहपुर में लंबित हैं। इस प्रकार देखा जाए तो जाति के करीब जाति 7988, आय के 7321 और निवास के 5078 कुल 20 हजार 387 मामले लंबित पड़े हैं जिनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। जबकि प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजस्व निरीक्षक, राजस्व कर्मियों आदि को लगाया गया है। लेकि इसका लाभ आवेदकों को नहीं मिल पा रहा है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार का कहना है कि हमारे यहां प्रवेश के समय आय, जाति व निवास की कोई आवश्यकता नहीं होती है। छात्रवृत्ति में इसकी जरुरत होती जो अभी नहीं है। वहीं बीएसए विनय कुमार का कहना है कि शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्रमाण पत्रों के साथ पहले ही आवेदन किया जा चुका है उन्हीं बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा। वर्तमान में इन प्रमाण पत्रों की जरुरत नहीं है।
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लेखपालों की हड़ताल को देखते हुए आय, जाति और निवासी के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजस्व निरीक्षकों, राजस्व कर्मियों आदि को लगाया गया है। इससे आवेदन करने वालों को समय से प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जा सकें।
संदीप कुमार गुप्ता, एडीएम