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तीन सगे भाईयों के घर लगी आग, लाखों की गृहस्थी खाक
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:19 PM IST
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आग से तीन भाइयों के मकान राख
देवा (बाराबंकी)। देवा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम देवगांव में बुधवार रात चूल्हे की चिंगारी से तीन सगे भाइयों के मकान में आग लग गई। जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते तब तक तीनों घरों में रखा अनाज, कपड़े सहित लाखों का सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना के काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। पीड़ित परिवारों ने खुले आसमान के नीचे किसी तरह रात बिताई, गुरुवार सुबह सभी ने आस पास के ग्रामीणों के घर में शरण ली। कोतवाली देवा क्षेत्र के ग्राम देवगांव निवासी हरिश्चंद गौतम पुत्र शुकरु के घर पर बुुधवार रात चूल्हे पर दूध गरम किया जा रहा था। इसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से घर के बाहर रखे छप्पर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद पड़ोस में रह रहे हरिश्चंद्र के भाई रमापति व भोला के घरों में भी आग लग गई। इससे तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। घर पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार पर एकत्र हुए ग्रामीणों ने किसी तरीके से आग पर काबू पाया। जब तक आग बुझाई गई तब तक घरों में रखा करीब 60 लीटर मेंथा ऑयल, कपड़े, नकदी, जेवर समेत लाखों रुपये कीमत का सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित हरिश्चंद्र ने बताया कि घर में खाने तक को कुछ नहीं बचा है। किसी तरह खुले आसमान के नीचे रात तो कट गई लेकिन दिन की भीषण गर्मी से परिवारवाले परेशान हैं। पास पड़ोस के घरों में शरण लिए हुए हैं। इन पीड़ित परिवारों को प्रशासन ने अभी तक कोई मदद मुहैया नहीं कराई है।
देवागांव में आग लगने से जो लोग प्रभावित हुए है उनको आर्थिक मदद दी जा रही है। मौके पर तहसील प्रशासन की टीम को भेजकर क्षति का आंकलन करवाया जा रहा है। -अखिलेश सिंह, तहसीलदार, नवाबगंज
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देवा (बाराबंकी)। देवा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम देवगांव में बुधवार रात चूल्हे की चिंगारी से तीन सगे भाइयों के मकान में आग लग गई। जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते तब तक तीनों घरों में रखा अनाज, कपड़े सहित लाखों का सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना के काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। पीड़ित परिवारों ने खुले आसमान के नीचे किसी तरह रात बिताई, गुरुवार सुबह सभी ने आस पास के ग्रामीणों के घर में शरण ली। कोतवाली देवा क्षेत्र के ग्राम देवगांव निवासी हरिश्चंद गौतम पुत्र शुकरु के घर पर बुुधवार रात चूल्हे पर दूध गरम किया जा रहा था। इसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से घर के बाहर रखे छप्पर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद पड़ोस में रह रहे हरिश्चंद्र के भाई रमापति व भोला के घरों में भी आग लग गई। इससे तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। घर पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार पर एकत्र हुए ग्रामीणों ने किसी तरीके से आग पर काबू पाया। जब तक आग बुझाई गई तब तक घरों में रखा करीब 60 लीटर मेंथा ऑयल, कपड़े, नकदी, जेवर समेत लाखों रुपये कीमत का सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित हरिश्चंद्र ने बताया कि घर में खाने तक को कुछ नहीं बचा है। किसी तरह खुले आसमान के नीचे रात तो कट गई लेकिन दिन की भीषण गर्मी से परिवारवाले परेशान हैं। पास पड़ोस के घरों में शरण लिए हुए हैं। इन पीड़ित परिवारों को प्रशासन ने अभी तक कोई मदद मुहैया नहीं कराई है।
देवागांव में आग लगने से जो लोग प्रभावित हुए है उनको आर्थिक मदद दी जा रही है। मौके पर तहसील प्रशासन की टीम को भेजकर क्षति का आंकलन करवाया जा रहा है। -अखिलेश सिंह, तहसीलदार, नवाबगंज
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