{"_id":"594d5f154f1c1be51b8b4863","slug":"71498242837-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेंथा टंकी फटी चार भाइयों समेत सात झुलसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेंथा टंकी फटी चार भाइयों समेत सात झुलसे
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेंथा टंकी फटी, चार भाइयों समेत सात झुलसे
सभी की हालत गंभीर, जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर
रामनगर थाना क्षेत्र के लालूपुर गांव में हादसा
15 घटनाओं में पांच महिलाओं की जा चुकी है जान
अमर उजाला ब्यूरो
रानीबाजार (बाराबंकी)। दो साल पुरानी मेंथा टंकी पेराई करते समय अचानक फट गई। जिससे पेराई कर रहे चार सगे भाइयों समेत सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। टंकी में विस्फोट इतनी तेज हुआ कि वह दो सौ मीटर दूर खेत में जा गिरी। सूचना पर पहुंची चार एंबुलेंसों से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां सभी घायलों की हालत बिगड़ने पर लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। सीजन में इस बार अब तक 15 घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें सगी बहनों समेत पांच महिलाएं जान गवां चुकी हैं। बावजूद इसके प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
मामला रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम लालूपुर का है। यहां के निवासी रामानंद पुत्र गनेश की दो साल पुरानी मेंथा टंकी लगी हुई है। इसी टंकी पर गनेश वर्मा की मेंथा पेराई का काम सुबह चल रहा था। टंकी में ईंधन झोंकाई का कार्य अजीत (30) पुत्र गनेश कर रहा था। ज्यादा देर तेल नहीं गिरा तभी अचानक टंकी के ढक्कन से भाप बाहर निकलने लगी। तभी उसके भाई रंजीत (28), बब्लू (17), अंकित (20) ढक्कन के नटबोल्ड टाइट करने पहुंच गए। इतने में तेज आवाज के साथ टंकी में विस्फोट हो गया। जिससे टंकी के अंदर खौलता पानी मौके पर मौजूद तीन लोगों के अलावा सिब्बू (14) पुत्र गनेश व चचेरे भाई प्रेमप्रकाश वर्मा (26) पुत्र अवधराम वर्मा व लक्की (15) पुत्र वेदप्रकाश पर गिरने से सभी गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने एंबुलेंस से सभी झुलसे लोगों को आननफानन जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से सभी को लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया है।
आखिर कब रुकेगा मेंथा टंकियों का फटना
जिला प्रशासन मानक विहीन बनाई जा रही मेंथा टंकियों पर रोक लगाने में कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे हर साल कई किसानों की जान जा रही हैं तो कई अपंग हो गए है। पिछले वर्ष आठ मौतों के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया था। इस सीजन में अब तक पांच महिलाओं की मौतें मेंथा टंकी फटने से हो चुकी हैं। एक भी घटना में राजस्व कर्मचारी मौके पर जाकर टंकी वाले व बनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। प्रशासन की अनेदखी के कारण किसान असमय काल के गाल में समा रहे हैं।
विज्ञापन
वर्जन-
मेंथा टंकी फटने के संबंध में कृषि उप निदेशक को निर्देशित किया गया है कि वह क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों से जहां टंकी फटे मौके पर भेजकर जांच कराएं। अगर टंकी अधोमानक पाई जाए तो टंकी मालिक व उसके निर्माता पर कार्रवाई की जाएगी। टंकी फटने से जिन किसानों की मौत हुई है सभी को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
-अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी
विज्ञापन
सभी की हालत गंभीर, जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर
रामनगर थाना क्षेत्र के लालूपुर गांव में हादसा
15 घटनाओं में पांच महिलाओं की जा चुकी है जान
अमर उजाला ब्यूरो
रानीबाजार (बाराबंकी)। दो साल पुरानी मेंथा टंकी पेराई करते समय अचानक फट गई। जिससे पेराई कर रहे चार सगे भाइयों समेत सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। टंकी में विस्फोट इतनी तेज हुआ कि वह दो सौ मीटर दूर खेत में जा गिरी। सूचना पर पहुंची चार एंबुलेंसों से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां सभी घायलों की हालत बिगड़ने पर लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। सीजन में इस बार अब तक 15 घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें सगी बहनों समेत पांच महिलाएं जान गवां चुकी हैं। बावजूद इसके प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
मामला रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम लालूपुर का है। यहां के निवासी रामानंद पुत्र गनेश की दो साल पुरानी मेंथा टंकी लगी हुई है। इसी टंकी पर गनेश वर्मा की मेंथा पेराई का काम सुबह चल रहा था। टंकी में ईंधन झोंकाई का कार्य अजीत (30) पुत्र गनेश कर रहा था। ज्यादा देर तेल नहीं गिरा तभी अचानक टंकी के ढक्कन से भाप बाहर निकलने लगी। तभी उसके भाई रंजीत (28), बब्लू (17), अंकित (20) ढक्कन के नटबोल्ड टाइट करने पहुंच गए। इतने में तेज आवाज के साथ टंकी में विस्फोट हो गया। जिससे टंकी के अंदर खौलता पानी मौके पर मौजूद तीन लोगों के अलावा सिब्बू (14) पुत्र गनेश व चचेरे भाई प्रेमप्रकाश वर्मा (26) पुत्र अवधराम वर्मा व लक्की (15) पुत्र वेदप्रकाश पर गिरने से सभी गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने एंबुलेंस से सभी झुलसे लोगों को आननफानन जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से सभी को लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया है।
विज्ञापन
आखिर कब रुकेगा मेंथा टंकियों का फटना
जिला प्रशासन मानक विहीन बनाई जा रही मेंथा टंकियों पर रोक लगाने में कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे हर साल कई किसानों की जान जा रही हैं तो कई अपंग हो गए है। पिछले वर्ष आठ मौतों के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया था। इस सीजन में अब तक पांच महिलाओं की मौतें मेंथा टंकी फटने से हो चुकी हैं। एक भी घटना में राजस्व कर्मचारी मौके पर जाकर टंकी वाले व बनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। प्रशासन की अनेदखी के कारण किसान असमय काल के गाल में समा रहे हैं।
विज्ञापन
वर्जन-
मेंथा टंकी फटने के संबंध में कृषि उप निदेशक को निर्देशित किया गया है कि वह क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों से जहां टंकी फटे मौके पर भेजकर जांच कराएं। अगर टंकी अधोमानक पाई जाए तो टंकी मालिक व उसके निर्माता पर कार्रवाई की जाएगी। टंकी फटने से जिन किसानों की मौत हुई है सभी को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
-अनिल कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी