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सुबह दिखे पगचिंह पर नही मिला तेंदुवा
Updated Tue, 13 Jun 2017 02:35 AM IST
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पगचिन्ह दिखे पर नहीं मिला तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत बरकरार
रामनगर इलाके के तैराई क्षेत्र में कैम्प कर रही वन विभाग व पुलिस की टीम
तेंदुआ के वापस जाने को लेकर बेेफ्रिक दिखे अफसर पर रात भर निगरानी के निर्देश
अमर उजाला ब्यूूरो
फोटो-13
बाराबंकी। रामनगर इलाके के तराई क्षेत्र में पहुंचे तेंदुआ को वन विभाग की टीम पकड़ तो नहीं पाई है। सुबह पहुंची टीम को पिजंड़ा खाली मिला पर उसके पगचिन्ह देखने के बाद अधिकारी तेंदुआ के लौटने की बात कह रहे हैं। अधिकारियों के दावों के विपरीत ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर दहशत बरकरार है। इसे लेकर वन विभाग की टीम सोमवार को जिस केले के खेत में तेंदुआ छिपे होने की आशंका थी, उसकी कई बार कॉम्बिंग की गई। अधिकारियों ने भले ही तेंदुए के लौट जाने का दावा किया हो, लेकिन पिंजड़ा और उसके भीतर बकरी को बांधकर रात भर निगरानी करने के आदेश दिए है।
रविवार की सुबह टटेरपुर में एक युवक व डायल 100 के सिपाही पर हमले के बाद वन विभाग के अधिकारी पिंजरे को साथ लेकर तेंदुआ पकड़ने पहुंचे। पूरे दिन गहमागहमी रही। मगर, सूरज ढलते ही वन विभाग के अधिकारी पिंजरे में बकरी बांधकर चलते बने। गनीमत रही की पिंजरा, बकरी व ग्रामीण सलामत रहे। दहशत से भरे ग्रामीण रात भर रतजगा करते रहे। सुबह वन विभाग के चौकीदार ने तेंदुए के पगचिन्ह टटेरपुर गांव के बाहर देखा तो इसकी सूचना रेंजर को दी। उसके बाद सोमवार को जिला मुख्यालय फतेहपुर, रामनगर के अलावा फैजाबाद के बीकापुर वन क्षेत्राधिकारी व सीओ रामनगर के साथ ग्रामीणों ने टटेरपुर के बाहर स्थित जंगल में छानबीन की। मगर, तेंदुए का कहीं पता नहीं चला। ऐसे में टीमें लौट गईं। ऐहतियात के तौर वन विभाग की चार सदस्सीय टीम व महादेवा चौकी प्रभारी की टीम कैम्प कर रही है। सोमवार को देखे गए तेंदुए के पगचिन्ह करीब 15 मीटर तक मिले। उसके बाद ठोस जमीन होने के कारण पगचिन्ह नहीं दिखे। ऐसे में तेंदुआ किधर गया, इसकी जानकारी किसी को नहीं हो सकी।
सोमवार को कॉम्बिंग करने पहुंचे अधिकारी
पगचिन्ह दिखने के बाद सोमवार को फैजाबाद के बीकापुर के वन क्षेत्राधिकारी संजय श्रीवास्तव के साथ दो वन दारोगा, जिला मुख्यालय से एसडीओ अरूण कुमार, डिप्टी रेंजर अशोक श्रीवास्तव तथा 4 फारेस्टर, फतेहुपर से वन विभाग के 6 कर्मी व रामनगर वन विभाग की पूरी टीम तथा सीओ रामनगर व रामनगर थाने की पुलिस तथा टेटेपुर के ग्राम प्रधान के साथ दर्जनों ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित केले के खेत की खाक छान डाली। मगर, कोई सफलता हाथ नहीं लगी। रामनगर क्षेत्र के रेंजर राजकुमार श्रीवास्तव की माने तो तेंदुआ यहां आकर संकट में फंस गया था। रात के सन्नाटे में वह जिस रास्ते से आया था चला गया। हालांकि पिंजरा में बकरी बांधने के साथ ही बन विभाग की एक टीम ऐहतियात के तौर पर तैनात की गई है।
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बाक्स
तेंदुएं के वापस जाने की दलील कम नहीं कर सकी ग्रामीणों की दहशत
सोमवार की सुबह टेटेपुर गांव के बाहर तेंदुए के पगचिन्ह मिलने के बाद ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर और भी दहशत पैदा कर दी है। हालांकि डीएफओ ने जिलाधिकारी को तेंदुए के वापस जाने की बात कहकर आश्वस्त किया तो वन विभाग के रेंजर राजकुमार श्रीवास्तव तेंदुए के वापस जाने की बात ग्रामीणों को बता रहे हैं। मगर, अफसरों की इस दलील को लेकर ग्रामीणों में दहशत कम नहीं है।
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रामनगर इलाके के तैराई क्षेत्र में कैम्प कर रही वन विभाग व पुलिस की टीम
तेंदुआ के वापस जाने को लेकर बेेफ्रिक दिखे अफसर पर रात भर निगरानी के निर्देश
अमर उजाला ब्यूूरो
फोटो-13
बाराबंकी। रामनगर इलाके के तराई क्षेत्र में पहुंचे तेंदुआ को वन विभाग की टीम पकड़ तो नहीं पाई है। सुबह पहुंची टीम को पिजंड़ा खाली मिला पर उसके पगचिन्ह देखने के बाद अधिकारी तेंदुआ के लौटने की बात कह रहे हैं। अधिकारियों के दावों के विपरीत ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर दहशत बरकरार है। इसे लेकर वन विभाग की टीम सोमवार को जिस केले के खेत में तेंदुआ छिपे होने की आशंका थी, उसकी कई बार कॉम्बिंग की गई। अधिकारियों ने भले ही तेंदुए के लौट जाने का दावा किया हो, लेकिन पिंजड़ा और उसके भीतर बकरी को बांधकर रात भर निगरानी करने के आदेश दिए है।
रविवार की सुबह टटेरपुर में एक युवक व डायल 100 के सिपाही पर हमले के बाद वन विभाग के अधिकारी पिंजरे को साथ लेकर तेंदुआ पकड़ने पहुंचे। पूरे दिन गहमागहमी रही। मगर, सूरज ढलते ही वन विभाग के अधिकारी पिंजरे में बकरी बांधकर चलते बने। गनीमत रही की पिंजरा, बकरी व ग्रामीण सलामत रहे। दहशत से भरे ग्रामीण रात भर रतजगा करते रहे। सुबह वन विभाग के चौकीदार ने तेंदुए के पगचिन्ह टटेरपुर गांव के बाहर देखा तो इसकी सूचना रेंजर को दी। उसके बाद सोमवार को जिला मुख्यालय फतेहपुर, रामनगर के अलावा फैजाबाद के बीकापुर वन क्षेत्राधिकारी व सीओ रामनगर के साथ ग्रामीणों ने टटेरपुर के बाहर स्थित जंगल में छानबीन की। मगर, तेंदुए का कहीं पता नहीं चला। ऐसे में टीमें लौट गईं। ऐहतियात के तौर वन विभाग की चार सदस्सीय टीम व महादेवा चौकी प्रभारी की टीम कैम्प कर रही है। सोमवार को देखे गए तेंदुए के पगचिन्ह करीब 15 मीटर तक मिले। उसके बाद ठोस जमीन होने के कारण पगचिन्ह नहीं दिखे। ऐसे में तेंदुआ किधर गया, इसकी जानकारी किसी को नहीं हो सकी।
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सोमवार को कॉम्बिंग करने पहुंचे अधिकारी
पगचिन्ह दिखने के बाद सोमवार को फैजाबाद के बीकापुर के वन क्षेत्राधिकारी संजय श्रीवास्तव के साथ दो वन दारोगा, जिला मुख्यालय से एसडीओ अरूण कुमार, डिप्टी रेंजर अशोक श्रीवास्तव तथा 4 फारेस्टर, फतेहुपर से वन विभाग के 6 कर्मी व रामनगर वन विभाग की पूरी टीम तथा सीओ रामनगर व रामनगर थाने की पुलिस तथा टेटेपुर के ग्राम प्रधान के साथ दर्जनों ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित केले के खेत की खाक छान डाली। मगर, कोई सफलता हाथ नहीं लगी। रामनगर क्षेत्र के रेंजर राजकुमार श्रीवास्तव की माने तो तेंदुआ यहां आकर संकट में फंस गया था। रात के सन्नाटे में वह जिस रास्ते से आया था चला गया। हालांकि पिंजरा में बकरी बांधने के साथ ही बन विभाग की एक टीम ऐहतियात के तौर पर तैनात की गई है।
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तेंदुएं के वापस जाने की दलील कम नहीं कर सकी ग्रामीणों की दहशत
सोमवार की सुबह टेटेपुर गांव के बाहर तेंदुए के पगचिन्ह मिलने के बाद ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर और भी दहशत पैदा कर दी है। हालांकि डीएफओ ने जिलाधिकारी को तेंदुए के वापस जाने की बात कहकर आश्वस्त किया तो वन विभाग के रेंजर राजकुमार श्रीवास्तव तेंदुए के वापस जाने की बात ग्रामीणों को बता रहे हैं। मगर, अफसरों की इस दलील को लेकर ग्रामीणों में दहशत कम नहीं है।