फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   61 मिलर्स ने सरकारी धान कुटाई से खड़े किए हाथ, प्रभावित होगी धान खरीद

61 मिलर्स ने सरकारी धान कुटाई से खड़े किए हाथ, प्रभावित होगी धान खरीद

Thu, 27 Sep 2018 01:17 AM IST
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:17 AM IST
विज्ञापन
61 मिलर्स ने सरकारी धान कुटाई से खड़े किए हाथ, प्रभावित होगी धान खरीद
61 मिलर्स ने खड़े किए हाथ, प्रभावित होगी धान खरीद
विज्ञापन


फोटो-42
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। धान मिल मालिकों ने बुधवार को मंडी सचिव को अपने लाइसेंस सरेंडर करते हुए सरकारी धान की कुटाई करने से हाथ खड़े कर दिए। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कोई कार्रवाई न होने से आहत मिल मालिकों द्वारा उठाए गए इस कदम से धान खरीद पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी।

चावल उद्योग एसोसिऐशन के जिलाध्यक्ष अमूल सिंह बुधवार को 61 मिल मालिकों के साथ मंडी कार्यालय पहुंचे। मिल मालिकों ने अपने मिलिंग लाइसेंस कृषि मंडी सचिव को सौंपकर धान की कुटाई करने से मना कर दिया। मिल मालिकों का कहा है कि बीते चार जुुलाई को जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी को ज्ञापन सौंप कर हालिंग शुल्क 10 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये किए जाने, एक क्विंतल पर 67 किग्रा. चावल के बजाए 62 किग्रा. लिए जाने, कुटाई के चावल को एफसीआई द्वारा मिल से उठान कराने की मांग की थी। मिल मालिकों का यह भी आरोप है कि एफसीआई को चावल भेजने पर वहां कई तरह से वसूली कर मिल मालिकों का शोषण किया जाता है। इस मौके पर बंशराज वर्मा, प्रमोद वर्मा, निर्मल वर्मा, राजेश वर्मा, राम किशोर वर्मा, फतेह सिंह, दिनेश वर्मा आदि मिलर्स मौजूद रहे। इस बारे में मंडी सचिव धनंजय सिंह ने बताया कि मिलर्स की समस्या डीएम के सामने रखेंगे। मिलर्स ने लाइसेंस सरेंडर नहीं किया है। धान कुटाई न करने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed