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केला व तुलसी की खेती का निर्धारित हुआ लक्ष्य, मिलेगा अनुदान
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:32 AM IST
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केला व तुलसी की खेती का
तय हुआ लक्ष्य, मिलेगा अनुदान
क्रासर
- पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर होगा किसानों का चयन
- 155 केला व 265 किसान तुलसी के लिए कर चुके आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। उद्यान विभाग की ओर से केला व तुलसी की खेती कराने के लिए लक्ष्य मिल चुका है। परंपरागत खेती छोड़ फल व औषधीय खेती करने वाले किसान ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। किसानों का चयन पहले आओ-पहले पाओ की नीति के आधार पर किया जाएगा। अनुदान की धनराशि डीबीटी माध्यम से किसानों के खाते में भेजी जाएगी। योजना में विगत वर्ष के छूटे किसानों को प्राथमिकता मिलेगी।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत जिले में केले की खेती के लिए 100 हेक्टेअर व औषधीय पौध मिशन योजना के तहत तुलसी की खेती का 500 हेक्टेअर लक्ष्य निदेशालय से मिला है। केले व तुलसी की खेती करने वाले किसान विभाग की साइड पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन करा सकते हैं। दोनों योजनाओं के लिए पहले आओ-पहले पाओ की नीति पर किसान चयनित किए जाएंगे। केला खेती के लिए अब तक 155 किसान व तुलसी की खेती के लिए 265 किसान अब तक आवेदन कर चुके हैं। एक किसान को केला में एक एकड़ व तुलसी के लिए दो हेक्टेअर तक लाभ दिया जाएगा। किसी भी केला नर्सरी से 17 रुपये की दर से पौध खरीदेंगे, जिस पर 14 रुपये प्रति पौधा व अधिकतम 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। एक एकड़ में करीब 14 सौ पौधे लगते हैं। वहीं पिछले वर्ष योजना से छूटे किसानों को इस वर्ष वरीयता दी जाएगी।
बाक्स-
तुलसी खेती पर प्रति हेक्टेअर 13 हजार अनुदान
औषधीय पौध मिशन योजना के तहत वर्ष 2018-19 के लिए 500 हेक्टेअर का लक्ष्य विभाग को मिला है। योजना के तहत एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेअर तक लाभ दिया जाएगा। प्रति हेक्टेअर पर विभाग 13 हजार रुपये का अनुदान देगा। इसके लिए अब तब 265 किसान आवेदन कर चुके हैं। दोनो योजनाओं के अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
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वर्जन-
केला व तुलसी की खेती का जो लक्ष्य मिला है उसके सापेक्ष किसानों से आवेदन मांगे गए हैं। ब्लॉकवार लक्ष्य के आधार पर किसानों का चयन कर योजना का लाभ दिया जाएगा।
- महेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
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तय हुआ लक्ष्य, मिलेगा अनुदान
क्रासर
- पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर होगा किसानों का चयन
- 155 केला व 265 किसान तुलसी के लिए कर चुके आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। उद्यान विभाग की ओर से केला व तुलसी की खेती कराने के लिए लक्ष्य मिल चुका है। परंपरागत खेती छोड़ फल व औषधीय खेती करने वाले किसान ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। किसानों का चयन पहले आओ-पहले पाओ की नीति के आधार पर किया जाएगा। अनुदान की धनराशि डीबीटी माध्यम से किसानों के खाते में भेजी जाएगी। योजना में विगत वर्ष के छूटे किसानों को प्राथमिकता मिलेगी।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत जिले में केले की खेती के लिए 100 हेक्टेअर व औषधीय पौध मिशन योजना के तहत तुलसी की खेती का 500 हेक्टेअर लक्ष्य निदेशालय से मिला है। केले व तुलसी की खेती करने वाले किसान विभाग की साइड पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन करा सकते हैं। दोनों योजनाओं के लिए पहले आओ-पहले पाओ की नीति पर किसान चयनित किए जाएंगे। केला खेती के लिए अब तक 155 किसान व तुलसी की खेती के लिए 265 किसान अब तक आवेदन कर चुके हैं। एक किसान को केला में एक एकड़ व तुलसी के लिए दो हेक्टेअर तक लाभ दिया जाएगा। किसी भी केला नर्सरी से 17 रुपये की दर से पौध खरीदेंगे, जिस पर 14 रुपये प्रति पौधा व अधिकतम 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। एक एकड़ में करीब 14 सौ पौधे लगते हैं। वहीं पिछले वर्ष योजना से छूटे किसानों को इस वर्ष वरीयता दी जाएगी।
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बाक्स-
तुलसी खेती पर प्रति हेक्टेअर 13 हजार अनुदान
औषधीय पौध मिशन योजना के तहत वर्ष 2018-19 के लिए 500 हेक्टेअर का लक्ष्य विभाग को मिला है। योजना के तहत एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेअर तक लाभ दिया जाएगा। प्रति हेक्टेअर पर विभाग 13 हजार रुपये का अनुदान देगा। इसके लिए अब तब 265 किसान आवेदन कर चुके हैं। दोनो योजनाओं के अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
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वर्जन-
केला व तुलसी की खेती का जो लक्ष्य मिला है उसके सापेक्ष किसानों से आवेदन मांगे गए हैं। ब्लॉकवार लक्ष्य के आधार पर किसानों का चयन कर योजना का लाभ दिया जाएगा।
- महेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी