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कृषि उपकरण के लिए मोबाइल मैसेज से मिलेगी सूचना
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:47 PM IST
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कृषि यंत्रों के लिए एसएमएस से मिलेगी सूचना
स्वीकृति से पूर्व खरीदे गए कृषि यंत्रों पर नहीं मिलेगा अनुदान, बिचौलियों से मिलेगी निजात
पंजीकरण के साथ लॉक होगी सूचना, नहीं होगा कोई बदलाव
अमरउजाला ब्यूरो
बाराबंकी। पंजीकरण कराने के बाद कृषि यंत्र के लिए किसानों को विभाग के चक्कर काटने पड़ते थे। उसके बाद भी अनुदान आने पर उनके नाम सूची में नही होते थे। मगर, अब ऐसा नही होगा। शासन ने किसानों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। जिसमें उनके साथ भेदभाव नही होगा। वहीं कृषि यंत्रों की खरीद के लिए अब किसानों को विभाग के चक्कर भी नही लगाने होगे। बिचौलियों से भी किसानों को निजात मिलेगी।
कृषि यंत्र की खरीद व अनुदान में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने नया शासनादेश जारी किया है। जिसमें किसानों के चयन से लेकर खाते में अनुदान पहुंचने तक की सारी प्रक्रिया आनलाइन होगी। कृषि यंत्र के लिए किसानों को अपना पंजीकरण कराना होगा। चयन के बाद मोबाइल पर संबंधित कृषि उपकरण के चयन का संदेश आ जाएगा। उसके बाद उपकृषि निदेशक संबंधित किसान का स्वीकृति पत्र आनलाइन करेंगे। जिसके 30 दिनों के अंदर किसान को कृषि यंत्र खरीदना होगा। कृषि उपकरण की खरीद के बाद किसानों को प्रारूप-3 पर मांगी गई सूचना व कृषि यंत्र खरीद की रसीद संलग्न कर उप कृषि निदेशक के कार्यालय में जमा करनी होगी। जिसे दोबारा पोर्टल पर उपकृषि निदेशक ऑनलाइन करेंगे।
10 हजार से कम के कृषि यंत्र का सत्यापन ग्रुप-3 के प्राविधिक सहायक व एडीओ एग्रीकल्चर करेंगे। वहीं 10 हजार से ऊपर के कृषि यंत्रों का सत्यापन उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी व जिला कृषि रक्षा अधिकारी करेंगे। सत्यापन करने वाले अधिकारी मौके पर जाकर कृषि यंत्र की फोटो खींचेंगे। जिसे भी आनलाइन अपलोड़ किया जाना है। ऐसे में अगर किसान ने स्वीकृति से पूर्व कृषि यंत्र की खरीद कर ली है तो उसे अनुदान का लाभ नही मिलेगा। वहीं उसका स्वीकृति पत्र निरस्त कर दिया जाएगा। अगर चयनित किसान कृषि यंत्र की खरीद खरीदने के इच्छुक नही है तो उनके स्थान पर वेटिंग सूची से किसानों का चयन होगा। किसानों को मिलने वाले कृषि यंत्रों का लक्ष्य ब्लाकवार तय होगा। इसकी जिम्मेदारी उप कृषि निदेशक को सौंपी गई है। जिसका आवंटन उप कृषि निदेशक आवश्यकतानुसार कर सकेंगे।
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बोरिंग होने पर ही मिलेगा सोलर पंप
किसानों को विभाग से अनुदान पर मिलने वाला सोलर पंप तभी मिलेगा जब उसके मानक के अनुसार बोरिंग होगी। दो हार्स पावर के सोलर पंप के लिए 4 इंच बोरिंग तो 3 व 5 हार्स पावर के लिए 6 इंच बोरिंग होना आवश्यक होगा। नई व्यवस्था में पहले कृषि विभाग के अधिकारी किसान के खेत में जाकर उसकी बोरिंग के संबंध में विभाग को जानकारी देंगे। उसके बाद ही किसानों को सोलर पंप की स्वीकृति दी जाएगी।
पूरा मूल्य अदा करने पर मिलेगेे कृषि रक्षा रसायन
किसान को फसल में डालने वाली कृषि रक्षा रसायन व दवाएं पूरी कीमत अदा करने पर ही मिलेगी। हालांकि उस पर मिलने वाला अनुदान सीधे उनके खातों में पहुंच जाएगा। पहले किसानों को कृषि रक्षा रसायन की खरीद करते समय ही अनुदान की छूट दे दी जाती थी। मगर, इसमें धांधली की शिकायतें मिलने को लेकर शासन ने पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था की है। जिसके बाद अब अनुदान सीधे किसानों के खाते में भेजा जाएगा।
पंजीकरण का लॉक होगा ब्यौरा
जिन किसानों का विभाग में पंजीकरण है उनको आधार से जोड़ने का काम इन दिनों किया जा रहा है। वही नए पंजीकरण बिना आधार नही किए जा रहे है। किसानों को रकबा व खाता नंबर आदि संशोधित कराने की विभाग द्वारा सूचना दी गई है। जिसे पूरा करने के बाद किसानों के अभिलेखों की जांच कर उसे लाक करेंगे। ऐसे में पोर्टल पर कोई संशोधन नही हो सकेगा। किसानों को बीज के क्रय करने के समय ही आधार से जोड़ने का काम भी इन दिनों किया जा रहा है। जिससे की उनके खातों में अनुदान की राशि भेजी जा सके।
- डॉ एसपी सिंह, उप कृृषि निदेशक
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स्वीकृति से पूर्व खरीदे गए कृषि यंत्रों पर नहीं मिलेगा अनुदान, बिचौलियों से मिलेगी निजात
पंजीकरण के साथ लॉक होगी सूचना, नहीं होगा कोई बदलाव
अमरउजाला ब्यूरो
बाराबंकी। पंजीकरण कराने के बाद कृषि यंत्र के लिए किसानों को विभाग के चक्कर काटने पड़ते थे। उसके बाद भी अनुदान आने पर उनके नाम सूची में नही होते थे। मगर, अब ऐसा नही होगा। शासन ने किसानों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। जिसमें उनके साथ भेदभाव नही होगा। वहीं कृषि यंत्रों की खरीद के लिए अब किसानों को विभाग के चक्कर भी नही लगाने होगे। बिचौलियों से भी किसानों को निजात मिलेगी।
कृषि यंत्र की खरीद व अनुदान में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने नया शासनादेश जारी किया है। जिसमें किसानों के चयन से लेकर खाते में अनुदान पहुंचने तक की सारी प्रक्रिया आनलाइन होगी। कृषि यंत्र के लिए किसानों को अपना पंजीकरण कराना होगा। चयन के बाद मोबाइल पर संबंधित कृषि उपकरण के चयन का संदेश आ जाएगा। उसके बाद उपकृषि निदेशक संबंधित किसान का स्वीकृति पत्र आनलाइन करेंगे। जिसके 30 दिनों के अंदर किसान को कृषि यंत्र खरीदना होगा। कृषि उपकरण की खरीद के बाद किसानों को प्रारूप-3 पर मांगी गई सूचना व कृषि यंत्र खरीद की रसीद संलग्न कर उप कृषि निदेशक के कार्यालय में जमा करनी होगी। जिसे दोबारा पोर्टल पर उपकृषि निदेशक ऑनलाइन करेंगे।
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10 हजार से कम के कृषि यंत्र का सत्यापन ग्रुप-3 के प्राविधिक सहायक व एडीओ एग्रीकल्चर करेंगे। वहीं 10 हजार से ऊपर के कृषि यंत्रों का सत्यापन उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी व जिला कृषि रक्षा अधिकारी करेंगे। सत्यापन करने वाले अधिकारी मौके पर जाकर कृषि यंत्र की फोटो खींचेंगे। जिसे भी आनलाइन अपलोड़ किया जाना है। ऐसे में अगर किसान ने स्वीकृति से पूर्व कृषि यंत्र की खरीद कर ली है तो उसे अनुदान का लाभ नही मिलेगा। वहीं उसका स्वीकृति पत्र निरस्त कर दिया जाएगा। अगर चयनित किसान कृषि यंत्र की खरीद खरीदने के इच्छुक नही है तो उनके स्थान पर वेटिंग सूची से किसानों का चयन होगा। किसानों को मिलने वाले कृषि यंत्रों का लक्ष्य ब्लाकवार तय होगा। इसकी जिम्मेदारी उप कृषि निदेशक को सौंपी गई है। जिसका आवंटन उप कृषि निदेशक आवश्यकतानुसार कर सकेंगे।
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बोरिंग होने पर ही मिलेगा सोलर पंप
किसानों को विभाग से अनुदान पर मिलने वाला सोलर पंप तभी मिलेगा जब उसके मानक के अनुसार बोरिंग होगी। दो हार्स पावर के सोलर पंप के लिए 4 इंच बोरिंग तो 3 व 5 हार्स पावर के लिए 6 इंच बोरिंग होना आवश्यक होगा। नई व्यवस्था में पहले कृषि विभाग के अधिकारी किसान के खेत में जाकर उसकी बोरिंग के संबंध में विभाग को जानकारी देंगे। उसके बाद ही किसानों को सोलर पंप की स्वीकृति दी जाएगी।
पूरा मूल्य अदा करने पर मिलेगेे कृषि रक्षा रसायन
किसान को फसल में डालने वाली कृषि रक्षा रसायन व दवाएं पूरी कीमत अदा करने पर ही मिलेगी। हालांकि उस पर मिलने वाला अनुदान सीधे उनके खातों में पहुंच जाएगा। पहले किसानों को कृषि रक्षा रसायन की खरीद करते समय ही अनुदान की छूट दे दी जाती थी। मगर, इसमें धांधली की शिकायतें मिलने को लेकर शासन ने पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था की है। जिसके बाद अब अनुदान सीधे किसानों के खाते में भेजा जाएगा।
पंजीकरण का लॉक होगा ब्यौरा
जिन किसानों का विभाग में पंजीकरण है उनको आधार से जोड़ने का काम इन दिनों किया जा रहा है। वही नए पंजीकरण बिना आधार नही किए जा रहे है। किसानों को रकबा व खाता नंबर आदि संशोधित कराने की विभाग द्वारा सूचना दी गई है। जिसे पूरा करने के बाद किसानों के अभिलेखों की जांच कर उसे लाक करेंगे। ऐसे में पोर्टल पर कोई संशोधन नही हो सकेगा। किसानों को बीज के क्रय करने के समय ही आधार से जोड़ने का काम भी इन दिनों किया जा रहा है। जिससे की उनके खातों में अनुदान की राशि भेजी जा सके।
- डॉ एसपी सिंह, उप कृृषि निदेशक