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नहर की पटरी कटने से 50 बीघा फसल डूबी
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सैदनपुर (बाराबंकी)। दरियाबाद प्रखंड की शारदा सहायक नहर से संबद्ध सैदनपुर नहर की पटरी शनिवार को कट गई। इससे नहर के पानी में आसपास की करीब 50 बीघा मेंथा की फसल पूरी तरह से डूब गई। किसानों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद पटरी को किसी तरह बांधा, पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
शनिवार सुबह करीब 6 बजे सैदनपुर नहर खिदरापुर गांव के पास पानी के तेज बहाव के कारण कट गई। इसकी भनक किसानों को लगी तो सभी दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। तब तक नहर के पानी में बाबूलाल, रामकेदार, हेतराम, दीपक कुमार, नंदकिशोर, अंकुर आदि किसानों की मेंथा व केले की करीब 50 बीघा फसल डूब चुकी थी।
सूचना मिलने पर पूर्व प्रधान राजेश वर्मा ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नहर विभाग के अधिकारियों को दूरभाष से सूचना दी, मगर विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। आखिरकार पूर्व प्रधान ने जेसीबी मशीन मंगवा कर ग्रामीणों की मदद से कटी नहर पटरी की मरम्मत शुरू करवाई।
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करीब तीन घंटे बाद पटरी दुरस्त की जा सकी। किसानों ने फसल के मुआवजे की मांग करते हुए विभाग को इसका जिम्मेदार ठहराया है।
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शनिवार सुबह करीब 6 बजे सैदनपुर नहर खिदरापुर गांव के पास पानी के तेज बहाव के कारण कट गई। इसकी भनक किसानों को लगी तो सभी दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। तब तक नहर के पानी में बाबूलाल, रामकेदार, हेतराम, दीपक कुमार, नंदकिशोर, अंकुर आदि किसानों की मेंथा व केले की करीब 50 बीघा फसल डूब चुकी थी।
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सूचना मिलने पर पूर्व प्रधान राजेश वर्मा ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नहर विभाग के अधिकारियों को दूरभाष से सूचना दी, मगर विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। आखिरकार पूर्व प्रधान ने जेसीबी मशीन मंगवा कर ग्रामीणों की मदद से कटी नहर पटरी की मरम्मत शुरू करवाई।
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करीब तीन घंटे बाद पटरी दुरस्त की जा सकी। किसानों ने फसल के मुआवजे की मांग करते हुए विभाग को इसका जिम्मेदार ठहराया है।