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लोन का झांसा दे खाते से निकाले 38 हजार
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2015 11:55 PM IST
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ग्राम इनायतपुर निवासी एक व्यक्ति को आर्यावर्त ग्रामीण बैंक सेमरावां के बैंक मित्र ने लोन दिलाने का झांसा देकर उसके खाते से करीब 38 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत बैंक मैनेजर से की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिस पर उसने मामले की शिकायत पुलिस में की है।
कोठी थानाक्षेत्र के ग्राम इनायतपुर निवासी जितेंद्र कुमार का बैंक खाता आर्यावर्त ग्रामीण बैंक सेमरावां में है। इसी बैंक में विजयराज बैंक मित्र पद पर कार्यरत है। जितेंद्र कुमार ने बताया कि विजय राज ने किसी मुद्रा मंत्री योजना के तहत 50000 रुपये लोन दिलाने की बात कही थी। मुझे भी पैसों की जरूरत थी जिससे उसके झांसे में आया गया।
इसका लाभ विजय राज ने उठाते हुए बैंक के दस्तावेज दस्तावेज मंगवा कर अपने पास ही रख लिए थे। जितेंद्र ने बताया कि विजय राज ने उसके खाता से एक माह पहले 17 सितंबर के 31000 व 18 सितंबर को 7500 हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद उसने 28 सितंबर को खाता से 148 रुपये निकाले।
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इस दौरान विजयराज ने बैंक पासबुक भी वापस नहीं की। कई चक्कर लगाने के बाद विजयराज ने 19 अक्तूबर हो बैंक पासबुक (खाता सं- 034430410000004) वापस की। पासबुक की इंट्री कराने पर पता चला कि खाते से 38648 रुपये की निकासी की गई है। पीड़ित जितेंद्र ने बताया कि शिकायत बैंक मैनेजर से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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कोठी थानाक्षेत्र के ग्राम इनायतपुर निवासी जितेंद्र कुमार का बैंक खाता आर्यावर्त ग्रामीण बैंक सेमरावां में है। इसी बैंक में विजयराज बैंक मित्र पद पर कार्यरत है। जितेंद्र कुमार ने बताया कि विजय राज ने किसी मुद्रा मंत्री योजना के तहत 50000 रुपये लोन दिलाने की बात कही थी। मुझे भी पैसों की जरूरत थी जिससे उसके झांसे में आया गया।
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इसका लाभ विजय राज ने उठाते हुए बैंक के दस्तावेज दस्तावेज मंगवा कर अपने पास ही रख लिए थे। जितेंद्र ने बताया कि विजय राज ने उसके खाता से एक माह पहले 17 सितंबर के 31000 व 18 सितंबर को 7500 हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद उसने 28 सितंबर को खाता से 148 रुपये निकाले।
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इस दौरान विजयराज ने बैंक पासबुक भी वापस नहीं की। कई चक्कर लगाने के बाद विजयराज ने 19 अक्तूबर हो बैंक पासबुक (खाता सं- 034430410000004) वापस की। पासबुक की इंट्री कराने पर पता चला कि खाते से 38648 रुपये की निकासी की गई है। पीड़ित जितेंद्र ने बताया कि शिकायत बैंक मैनेजर से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।