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Barabanki News: उड़ान भरने की तैयारी में गरीब परिवारों के 3,400 बच्चे, नौ को होगी परीक्षा
Sun, 02 Nov 2025 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 02 Nov 2025 12:55 AM IST
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बाराबंकी। आर्थिक रूप से कमजोर मगर मेधावी बच्चों को हाईस्कूल व इंटर की तक की पढ़ाई के लिए सरकार हर साल राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा कराती है। जिसमें सफल बच्चों को कक्षा नौ से 12 तक हर माह 1,000 रुपये दिए जाते हैं। इस बार जिले के रिकार्ड 3,400 बच्चों ने परीक्षा में बैठने के लिए आवेदन किया है। परीक्षा नौ नवंबर को होनी है।
राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा के तहत कक्षा आठ में अध्ययनरत गरीब या दिव्यांग विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। पिछले साल 2,900 बच्चों ने आवेदन किया था। परीक्षा के नोडल अधिकारी राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक आशुतोष आनंद अवस्थी ने बताया कि आवेदन संख्या में वृद्धि यह दर्शाती है कि अब अभिभावक और बच्चे शिक्षा के महत्व को लेकर ज्यादा सजग हैं। उन्होंने कहा कि नौ नवंबर को परीक्षा जीआईसी, जीजीआईसी, डीएवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामिया इंटर कॉलेज और जीआईसी बरौली में आयोजित की जाएगी।
जाति प्रमाणपत्र नहीं बना तो सामान्य वर्ग से भरा फॉर्म
दरियाबाद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मियागंज में पढ़ने वाले कक्षा आठ के छात्र रोहित का जाति प्रमाणपत्र न बनने के कारण सामान्य वर्ग से परीक्षा फॉर्म भरना पड़ा। रोहित मंझार गांव निवासी हैं, जहां करीब 16 परिवार लंबे समय से जाति प्रमाणपत्र न बनने की समस्या से जूझ रहे हैं। ये परिवार दशकों पहले मथुरा जिले से आकर यहां बसे थे। वे खुद को अनुसूचित जाति का बताते हैं।
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राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा के तहत कक्षा आठ में अध्ययनरत गरीब या दिव्यांग विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। पिछले साल 2,900 बच्चों ने आवेदन किया था। परीक्षा के नोडल अधिकारी राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक आशुतोष आनंद अवस्थी ने बताया कि आवेदन संख्या में वृद्धि यह दर्शाती है कि अब अभिभावक और बच्चे शिक्षा के महत्व को लेकर ज्यादा सजग हैं। उन्होंने कहा कि नौ नवंबर को परीक्षा जीआईसी, जीजीआईसी, डीएवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामिया इंटर कॉलेज और जीआईसी बरौली में आयोजित की जाएगी।
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जाति प्रमाणपत्र नहीं बना तो सामान्य वर्ग से भरा फॉर्म
दरियाबाद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मियागंज में पढ़ने वाले कक्षा आठ के छात्र रोहित का जाति प्रमाणपत्र न बनने के कारण सामान्य वर्ग से परीक्षा फॉर्म भरना पड़ा। रोहित मंझार गांव निवासी हैं, जहां करीब 16 परिवार लंबे समय से जाति प्रमाणपत्र न बनने की समस्या से जूझ रहे हैं। ये परिवार दशकों पहले मथुरा जिले से आकर यहां बसे थे। वे खुद को अनुसूचित जाति का बताते हैं।
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