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तहसील परिसर से गायब हुई भूमाफिया की सूची
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बाराबंकी। सदर तहसील में चस्पा की गई पांच भूमाफिया की सूची परिसर से गायब हो गई। सूची के गायब होते ही चर्चाओं का बाजार भी गरम हो गया। कोई इसे भूमाफिया का दबाव बता रहा है तो कई कर्मचारी विभागीय कर्मचारियों की मिली भगत से सूची गायब किए जाने की आशंका जता रहे हैं।
तत्कालीन एसडीएम सदर रहे आईएएस अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के आदेश पर पांच भूमाफिया की सूची तहसील परिसर में चस्पा की गई थी। अमर उजाला ने सूची चस्पा किए जाने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। सूत्र बताते हैं कि जो सूची परिसर में चस्पा हुई थी एसडीएम के हटते ही सूची परिसर से गायब करा दी गई। इसमें उन कर्मचारियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है जिन्होंने नियमों को दरकिनार करते हुए इन भूमाफिया को ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने में मदद की है।
क्योंकि तत्कालीन एसडीएम की रिपोर्ट में इन कर्मचारियों के नाम शामिल हैं और इनमें से एक लेखपाल से जवाब तलब भी किया जा चुका है। अन्य पर कार्रवाई किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। लेकिन उनके तबादले के बाद सब कुछ पहले जैसा ही होता जा रहा है। क्योंकि इन भूमाफिया कि मदद करने वाले कर्मचारी फिर से तहसील प्रशासन पर हावी होने लगे हैं और इन्हीं के दबाव में इस सूची को हटाया गया है।
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इस बाबत एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय का कहना है कि सूची में कुछ त्रुटियां थी जिन्हें सही कराने के लिए भेजा गया है। त्रुटियां सही होते ही इसे फिर से चस्पा करा दिया जाएगा।
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तत्कालीन एसडीएम सदर रहे आईएएस अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के आदेश पर पांच भूमाफिया की सूची तहसील परिसर में चस्पा की गई थी। अमर उजाला ने सूची चस्पा किए जाने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। सूत्र बताते हैं कि जो सूची परिसर में चस्पा हुई थी एसडीएम के हटते ही सूची परिसर से गायब करा दी गई। इसमें उन कर्मचारियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है जिन्होंने नियमों को दरकिनार करते हुए इन भूमाफिया को ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने में मदद की है।
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क्योंकि तत्कालीन एसडीएम की रिपोर्ट में इन कर्मचारियों के नाम शामिल हैं और इनमें से एक लेखपाल से जवाब तलब भी किया जा चुका है। अन्य पर कार्रवाई किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। लेकिन उनके तबादले के बाद सब कुछ पहले जैसा ही होता जा रहा है। क्योंकि इन भूमाफिया कि मदद करने वाले कर्मचारी फिर से तहसील प्रशासन पर हावी होने लगे हैं और इन्हीं के दबाव में इस सूची को हटाया गया है।
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इस बाबत एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय का कहना है कि सूची में कुछ त्रुटियां थी जिन्हें सही कराने के लिए भेजा गया है। त्रुटियां सही होते ही इसे फिर से चस्पा करा दिया जाएगा।