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यहां भी हो सकती है वक्फ बोर्डो में भ्रष्टाचार की जांच
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:48 PM IST
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यहां भी हो सकती है वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार की जांच
बाराबंकी। जिले में वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कब्जेदारी को लेकर खूब विवाद हुआ। धरना प्रदर्शन के साथ ज्ञापनों का दौर चला। यहां तक की मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कब्जा हटाने को लेकर कार्रवाई भी शुरू हुई। लेकिन मामला ऊंची पहुंच वालों के होने के कारण उसे दबा दिया गया। आज भी वक्फ बोर्ड की जमीनें कब्जेदारों की गिरफ्त में हैं।
जिले मेें वक्फ बोर्ड की कुल 5,125 संपत्तियां दर्ज हैं। जिनमें से सुन्नी वक्फ के पास 4,967 तो शिया वक्फ की 158 हैं। आज भी जिले की कई वक्फ संपत्तियों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर भवन निर्माण करा लिया है। जिसे लेकर वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों ने धर्मगुरुओं के साथ धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी समेत उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भी दिया हैं। लेकिन हालात जस के तस हैं। वक्फ बोर्ड की जमीनों पर बनीं दुकानों से न के बराबर किराया लिया जा रहा है। जिसे लेकर भी कई बार विवाद हो चुका है।
शहर के एक बडे़ उद्योगपति पर लगा वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जे का आरोप
वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों ने बेगमगंज स्थित चांदतारा बिल्डिंग के सामने बने भवन निर्माण को लेकर कई बार डीएम को ज्ञापन देने के साथ धरना-प्रदर्शन भी किया गया। आरोप लगाया गया कि शहर के जाने माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल द्वारा ये निर्माण कराया जा रहा है। यह भी आरोप लगे की वक्फ संपत्ति पर किराएदार फर्जी तरीके से मालिक बन गए है। यहां तक की कुछ दुकानदार आज भी हजारों रुपये के किराए के बदले मात्र दस से सौ रुपये प्रतिमाह किराए देकर लाखो का व्यापार कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों द्वारा इस संबंध में कई बार लिखित शिकायत तो हुई जांच भी हुई लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। अब अगर शासन इस मामले की सीबीआई जांच कराती है तो यहां से भी कई ऐसे मामले निकल कर सामने आएंगे की लोगों की आंखें फटी की फटी रह जाएगी।
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बाक्स
जहां-जहां वक्फ बोर्ड की संपत्तियां हैं उनकी जांच कराई जाएगी। अगर किसी ने अवैध कब्जा कर रखा है तो उसकी जांच कर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
- अनिल कुमार सिंह, एडीएम।
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बाराबंकी। जिले में वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कब्जेदारी को लेकर खूब विवाद हुआ। धरना प्रदर्शन के साथ ज्ञापनों का दौर चला। यहां तक की मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कब्जा हटाने को लेकर कार्रवाई भी शुरू हुई। लेकिन मामला ऊंची पहुंच वालों के होने के कारण उसे दबा दिया गया। आज भी वक्फ बोर्ड की जमीनें कब्जेदारों की गिरफ्त में हैं।
जिले मेें वक्फ बोर्ड की कुल 5,125 संपत्तियां दर्ज हैं। जिनमें से सुन्नी वक्फ के पास 4,967 तो शिया वक्फ की 158 हैं। आज भी जिले की कई वक्फ संपत्तियों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर भवन निर्माण करा लिया है। जिसे लेकर वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों ने धर्मगुरुओं के साथ धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी समेत उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भी दिया हैं। लेकिन हालात जस के तस हैं। वक्फ बोर्ड की जमीनों पर बनीं दुकानों से न के बराबर किराया लिया जा रहा है। जिसे लेकर भी कई बार विवाद हो चुका है।
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शहर के एक बडे़ उद्योगपति पर लगा वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जे का आरोप
वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों ने बेगमगंज स्थित चांदतारा बिल्डिंग के सामने बने भवन निर्माण को लेकर कई बार डीएम को ज्ञापन देने के साथ धरना-प्रदर्शन भी किया गया। आरोप लगाया गया कि शहर के जाने माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल द्वारा ये निर्माण कराया जा रहा है। यह भी आरोप लगे की वक्फ संपत्ति पर किराएदार फर्जी तरीके से मालिक बन गए है। यहां तक की कुछ दुकानदार आज भी हजारों रुपये के किराए के बदले मात्र दस से सौ रुपये प्रतिमाह किराए देकर लाखो का व्यापार कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों द्वारा इस संबंध में कई बार लिखित शिकायत तो हुई जांच भी हुई लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। अब अगर शासन इस मामले की सीबीआई जांच कराती है तो यहां से भी कई ऐसे मामले निकल कर सामने आएंगे की लोगों की आंखें फटी की फटी रह जाएगी।
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जहां-जहां वक्फ बोर्ड की संपत्तियां हैं उनकी जांच कराई जाएगी। अगर किसी ने अवैध कब्जा कर रखा है तो उसकी जांच कर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
- अनिल कुमार सिंह, एडीएम।