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Barabanki News: आरोग्य मेले में पहुंचे 29 गंभीर मरीज, किए गए रेफर
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बाराबंकी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 29 मरीज गंभीर हालत में पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। मेले में बुखार और पेटदर्द के मरीजों की संख्या ज्यादा रही।
जिले के 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित स्वास्थ्य मेले में कुल 3306 मरीज देखे गए। इनमें पुरुषों की संख्या 1250, महिलाओं की संख्या 1171 और बच्चों की संख्या 885 रही। इस दौरान 27 लोगों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। संदिग्ध पाए जाने पर 62 लोगों की कोरोना, 14 लोगों की हेपेटाइटिस बी, दो लोगों की हेपेटाइटिस सी, चार लोगों की डेंगू की जांच कराई गई, लेकिन एक भी संक्रमित नहीं मिला।
इस दौरान बुखार के 207, पेटदर्द के 394, जुकाम के 335, लिवर के 218, डायबिटीज के 242, त्वचारोग के 430, संदिग्ध टीबी के तीन, खून की कमी के 33 मरीज देखे गए। पीएचसी पर दवा लेने पहुंचे राजेश कुमार, मीना, मालती, गौतम आदि ने बताया कि बुखार और पेटदर्द से परेशान होने पर इलाज के लिए आए थे। चिकित्सकों ने जांच कर दवाएं दीं। कार्यक्रम के नोडल एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि मेले में आए मरीजों की सुविधा के लिए 98 डॉक्टरों और 230 कर्मियों को लगाया गया था।
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बुखार के मरीजों को सांस और गले की तकलीफ
कोरोना की चपेट में आ चुकी जानकी देवी ने बताया कि इस बार जो बुखार आ रहा है उसके लक्षण कोरोना से मिलते जुलते हैं। पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। सांस लेने में दिक्कत के साथ ही गला रूंध जा रहा है। ऐसा लगता है कि गले में कुछ फंस गया, जिससे दम घुटने लगता है। विमलेश ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा है और वह भी कुछ इसी प्रकार की समस्या से पीड़ित हैं। चिकित्सकों द्वारा कराई गई जांच में टायफायड और निमोनिया की पुष्टि हुई है।
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जिले के 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित स्वास्थ्य मेले में कुल 3306 मरीज देखे गए। इनमें पुरुषों की संख्या 1250, महिलाओं की संख्या 1171 और बच्चों की संख्या 885 रही। इस दौरान 27 लोगों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। संदिग्ध पाए जाने पर 62 लोगों की कोरोना, 14 लोगों की हेपेटाइटिस बी, दो लोगों की हेपेटाइटिस सी, चार लोगों की डेंगू की जांच कराई गई, लेकिन एक भी संक्रमित नहीं मिला।
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इस दौरान बुखार के 207, पेटदर्द के 394, जुकाम के 335, लिवर के 218, डायबिटीज के 242, त्वचारोग के 430, संदिग्ध टीबी के तीन, खून की कमी के 33 मरीज देखे गए। पीएचसी पर दवा लेने पहुंचे राजेश कुमार, मीना, मालती, गौतम आदि ने बताया कि बुखार और पेटदर्द से परेशान होने पर इलाज के लिए आए थे। चिकित्सकों ने जांच कर दवाएं दीं। कार्यक्रम के नोडल एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि मेले में आए मरीजों की सुविधा के लिए 98 डॉक्टरों और 230 कर्मियों को लगाया गया था।
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बुखार के मरीजों को सांस और गले की तकलीफ
कोरोना की चपेट में आ चुकी जानकी देवी ने बताया कि इस बार जो बुखार आ रहा है उसके लक्षण कोरोना से मिलते जुलते हैं। पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। सांस लेने में दिक्कत के साथ ही गला रूंध जा रहा है। ऐसा लगता है कि गले में कुछ फंस गया, जिससे दम घुटने लगता है। विमलेश ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा है और वह भी कुछ इसी प्रकार की समस्या से पीड़ित हैं। चिकित्सकों द्वारा कराई गई जांच में टायफायड और निमोनिया की पुष्टि हुई है।