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Barabanki News: 250 बुखार पीड़ितों की जांच, 11 मिले डेंगू संक्रमित
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सुल्तानपुर। जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को आई एलाइजा जांच रिपोर्ट में 11 लोगों में डेंगू का संक्रमण मिला है। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर अब 41 हो गई है।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेज समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में 250 बुखार मरीजों का रैपिड टेस्ट किया गया। इसमें 20 मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए गए। इनके रक्त नमूने एलाइजा जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। डेंगू रोगियों के लिए मेडिकल कॉलेज में आठ और 15 सीएचसी पर 90 बेड सुरक्षित किए गए हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में रैपिड जांच की व्यवस्था की गई है।
मच्छरजनित रोगों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा सतर्क है। खासकर डेंगू को लेकर मेडिकल कॉलेज समेत सभी सीएचसी व पीएचसी में बुखार रोगियों की रैपिड जांच की जा रही है। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले बुखार मरीजों की स्क्रीनिंग हो रही है।
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मेडिकल कॉलेज समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में बृहस्पतिवार को 250 बुखार रोगियों की रैपिड जांच की गई। इसमें 20 लोगों में डेंगू के लक्षण मिलने के बाद उनके रक्त नमूने को एलाइजा जांच के लिए करौंदिया स्थित लैब में भेजा गया है। मेडिकल कॉलेज में सात और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
सहायक मलेरिया अधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य मुख्यालय के पोर्टल पर जिले में कुल 41 मरीजों को डेंगू संक्रमित दिखाया जा रहा है। जिनमें से तीन अन्य जिलों के मरीज हैं। बृहस्पतिवार को एलाइजा जांच में 11 लोग डेंगू संक्रमित मिले हैं।
सीएमएस डॉ. सुधीर कुमार गोयल ने बताया कि डेंगू के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में आठ बेड का वार्ड बनाया गया है। सभी बेड पर मच्छरदानी लगा दी गई है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जनरल वार्ड के लिए भी मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है। सभी वार्डों में मौजूद 226 बेड पर मच्छरदानी की व्यवस्था है। ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट्स हैं। मेडिकल कॉलेज डेंगू के इलाज के लिए पूरी तरह सक्षम है।
तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, दाने, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, उल्टी, रक्तस्राव, कमजोरी, भूख न लगना, थकान आदि डेंगू के लक्षण हैं।
स्वाशाषी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि बुखार के सभी मरीजों को पहले रैपिड जांच की जा रही है। जांच में लक्षण मिलने के बाद डेंगू संक्रमण की पुष्टि के लिए रक्त नमूने को बीएसएल (बाॅयो सेफ्टी लेबल-टू) लैब में एलाइजा जांच के लिए भेजी जा रही है। माइक्रोबाॅयोलाजिस्ट डाॅ. सौम्या सिंह को लैब की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लैब में 50 से 60 मरीजों की एलाइजा जांच की जा रही है।
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इसके अलावा मेडिकल कॉलेज समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में 250 बुखार मरीजों का रैपिड टेस्ट किया गया। इसमें 20 मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए गए। इनके रक्त नमूने एलाइजा जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। डेंगू रोगियों के लिए मेडिकल कॉलेज में आठ और 15 सीएचसी पर 90 बेड सुरक्षित किए गए हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में रैपिड जांच की व्यवस्था की गई है।
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मच्छरजनित रोगों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा सतर्क है। खासकर डेंगू को लेकर मेडिकल कॉलेज समेत सभी सीएचसी व पीएचसी में बुखार रोगियों की रैपिड जांच की जा रही है। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले बुखार मरीजों की स्क्रीनिंग हो रही है।
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मेडिकल कॉलेज समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में बृहस्पतिवार को 250 बुखार रोगियों की रैपिड जांच की गई। इसमें 20 लोगों में डेंगू के लक्षण मिलने के बाद उनके रक्त नमूने को एलाइजा जांच के लिए करौंदिया स्थित लैब में भेजा गया है। मेडिकल कॉलेज में सात और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
सहायक मलेरिया अधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य मुख्यालय के पोर्टल पर जिले में कुल 41 मरीजों को डेंगू संक्रमित दिखाया जा रहा है। जिनमें से तीन अन्य जिलों के मरीज हैं। बृहस्पतिवार को एलाइजा जांच में 11 लोग डेंगू संक्रमित मिले हैं।
सीएमएस डॉ. सुधीर कुमार गोयल ने बताया कि डेंगू के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में आठ बेड का वार्ड बनाया गया है। सभी बेड पर मच्छरदानी लगा दी गई है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जनरल वार्ड के लिए भी मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है। सभी वार्डों में मौजूद 226 बेड पर मच्छरदानी की व्यवस्था है। ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट्स हैं। मेडिकल कॉलेज डेंगू के इलाज के लिए पूरी तरह सक्षम है।
तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, दाने, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, उल्टी, रक्तस्राव, कमजोरी, भूख न लगना, थकान आदि डेंगू के लक्षण हैं।
स्वाशाषी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि बुखार के सभी मरीजों को पहले रैपिड जांच की जा रही है। जांच में लक्षण मिलने के बाद डेंगू संक्रमण की पुष्टि के लिए रक्त नमूने को बीएसएल (बाॅयो सेफ्टी लेबल-टू) लैब में एलाइजा जांच के लिए भेजी जा रही है। माइक्रोबाॅयोलाजिस्ट डाॅ. सौम्या सिंह को लैब की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लैब में 50 से 60 मरीजों की एलाइजा जांच की जा रही है।