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Barabanki News: सुविधा न मिलने से 250 करोड़ रुपये का निवेश वापस
Tue, 02 Dec 2025 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:20 AM IST
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बाराबंकी। औद्योगिक सुविधाओं और विभागीय उदासीनता के अभाव में जिले के लिए एक बड़ा झटका लगा है। करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहे दो बड़े उद्यमियों ने बाराबंकी से अपना कदम वापस खींच लिया है। दोनों अब संडीला के औद्योगिक क्षेत्र में अपने उद्योग स्थापित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जिले के औद्योगिक विकास के लिए बड़ा झटका है।
जिले में उद्योग लगाने को उत्सुक उद्यमियों को विभागीय उदासीनता का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि आवेदन और स्टीमेट (अनुमानित लागत) जमा करने के महीनों बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उद्योग स्थापना की तैयारी करने वाले निवेशक परेशान और निराश हैं। कुर्सी औद्योगिक क्षेत्र में एक उद्यमी ने चार माह पूर्व अपनी प्रस्तावित फैक्ट्री के लिए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। पावर कॉरपोरेशन द्वारा जारी स्टीमेट के अनुसार पांच लाख रुपये जमा भी कर दिए गए, लेकिन कनेक्शन प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो सकी है।
आईआईए (इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) के डिवीजन चेयरमैन कैप्टन राजेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने चार माह पूर्व ही फैक्ट्री के लिए कनेक्शन का आवेदन कर दिया था। स्टीमेट जमा करने के बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई है। उद्यमियों का कहना है कि विभाग की लापरवाही और जटिल प्रक्रियाओं के कारण उद्योग लगाने में लगातार बाधाएं आ रही हैं। इससे न केवल उद्योग स्थापना में देरी हो रही है, बल्कि जिले में निवेश भी प्रभावित हो रहा है।अधीक्षण अभियंता राजबाला ने कहा कि संबंधित उद्यमी का कनेक्शन प्रक्रिया में है। यदि कहीं कोई तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन है तो विभाग उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर कराएगा और जल्द ही कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
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बाक्स-
लापरवाही पर पूर्व में हो चुकी है कार्रवाई
फतेहपुर डिवीजन के कुर्सी क्षेत्र में मेसर्स आर्चियन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को समय पर बिजली कनेक्शन न देने पर पूर्व में एसडीओ सर्वेश कुमार और जेई अनिल कुमार निलंबित हो चुके हैं। इसी मामले को लेकर अधिशासी अभियंता नीरज सिंह गर्ग का स्थानांतरण पश्चिमांचल विद्युत निगम कर दिया गया था। आरोप था कि अधिकारियों व कर्मचारियों ने औद्योगिक इकाई के लिए ओवरहेड बिजली लाइन निर्माण में सहयोग नहीं किया था।
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जिले में उद्योग लगाने को उत्सुक उद्यमियों को विभागीय उदासीनता का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि आवेदन और स्टीमेट (अनुमानित लागत) जमा करने के महीनों बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उद्योग स्थापना की तैयारी करने वाले निवेशक परेशान और निराश हैं। कुर्सी औद्योगिक क्षेत्र में एक उद्यमी ने चार माह पूर्व अपनी प्रस्तावित फैक्ट्री के लिए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। पावर कॉरपोरेशन द्वारा जारी स्टीमेट के अनुसार पांच लाख रुपये जमा भी कर दिए गए, लेकिन कनेक्शन प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो सकी है।
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आईआईए (इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) के डिवीजन चेयरमैन कैप्टन राजेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने चार माह पूर्व ही फैक्ट्री के लिए कनेक्शन का आवेदन कर दिया था। स्टीमेट जमा करने के बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई है। उद्यमियों का कहना है कि विभाग की लापरवाही और जटिल प्रक्रियाओं के कारण उद्योग लगाने में लगातार बाधाएं आ रही हैं। इससे न केवल उद्योग स्थापना में देरी हो रही है, बल्कि जिले में निवेश भी प्रभावित हो रहा है।अधीक्षण अभियंता राजबाला ने कहा कि संबंधित उद्यमी का कनेक्शन प्रक्रिया में है। यदि कहीं कोई तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन है तो विभाग उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर कराएगा और जल्द ही कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
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लापरवाही पर पूर्व में हो चुकी है कार्रवाई
फतेहपुर डिवीजन के कुर्सी क्षेत्र में मेसर्स आर्चियन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को समय पर बिजली कनेक्शन न देने पर पूर्व में एसडीओ सर्वेश कुमार और जेई अनिल कुमार निलंबित हो चुके हैं। इसी मामले को लेकर अधिशासी अभियंता नीरज सिंह गर्ग का स्थानांतरण पश्चिमांचल विद्युत निगम कर दिया गया था। आरोप था कि अधिकारियों व कर्मचारियों ने औद्योगिक इकाई के लिए ओवरहेड बिजली लाइन निर्माण में सहयोग नहीं किया था।