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Barabanki News: नौकरी दिलाने के नाम पर 25 लाख की ठगी, आरोपियों पर केस दर्ज
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बाराबंकी। नौकरी के नाम पर तीन लोगाें से 25 लाख रुपये ठग लिए गए। इन लाेगों को व्हाट्सएप पर डाक व रेल विभाग के फर्जी लेटर भी दिए गए। दो लोगों की तहरीर पर सात लोगों पर शहर कोतवाली में दो केस दर्ज किए गए हैं। आरोपी लखनऊ, बलिया व गाजियाबाद के रहने वाले हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी विजय कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एक मॉल में मानक नगर निवासी धनीराम के साथ काम करते थे। धनीराम ने विजय को झांसा दिया कि उसने अपने भाई की नौकरी एफसीआई खाद्य विभाग में लगवाई है। उसने कहा कि यदि कोई पढ़ा-लिखा साथी हो तो उसकी भी नौकरी लग सकती है। इस पर विजय ने अपने मित्र प्रदीप कुमार यादव, संतोष कुमार और खुद के लिए नौकरी की बात की। कुल 25 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद धनीराम ने बलिया जिले के चौबे छपरा निवासी चेतन चौबे से मिलवाया।
चेतन के कहने पर विजय और उसके साथियों ने कई खातों में रुपये जमा किए। 24 दिसंबर 2024 तक अलग-अलग किस्तों में कुल 25 लाख 48 हजार रुपये ले लिए गए। धनीराम ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही जॉइनिंग लेटर आ जाएगा। इतना ही नहीं 15 दिन बाद उसने विजय के भाई अनुज को भारतीय डाक विभाग और संतोष कुमार के भाई अमन कुमार व प्रदीप कुमार के नाम से रेलवे भर्ती बोर्ड का ट्रेनिंग लेटर व्हाट्सएप पर भेजा। आठ जनवरी 2025 को सभी को कानपुर के पोस्ट ऑफिस के पास बुलाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि पूरा मामला धोखाधड़ी का है। विजय ने आरोप लगाया कि आठ अगस्त 2025 को धनीराम और चेतन चौबे अपने साथियों साथ सफेदाबाद के पास मिले और जान से मारने की धमकी दी। इसी मामले में संतोष कुमार ने भी शहर कोतवाली में तहरीर दी। शहर कोतवाल आरके राना ने बताया कि पुलिस ने लखनऊ निवासी धनीराम, बलिया के चेतन चौबे, गाजियाबाद के अमित कुमार शर्मा, रेशमा खातून, आलोक कुमार वर्मा, संदीप कुमार और कल्लू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी विजय कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एक मॉल में मानक नगर निवासी धनीराम के साथ काम करते थे। धनीराम ने विजय को झांसा दिया कि उसने अपने भाई की नौकरी एफसीआई खाद्य विभाग में लगवाई है। उसने कहा कि यदि कोई पढ़ा-लिखा साथी हो तो उसकी भी नौकरी लग सकती है। इस पर विजय ने अपने मित्र प्रदीप कुमार यादव, संतोष कुमार और खुद के लिए नौकरी की बात की। कुल 25 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद धनीराम ने बलिया जिले के चौबे छपरा निवासी चेतन चौबे से मिलवाया।
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चेतन के कहने पर विजय और उसके साथियों ने कई खातों में रुपये जमा किए। 24 दिसंबर 2024 तक अलग-अलग किस्तों में कुल 25 लाख 48 हजार रुपये ले लिए गए। धनीराम ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही जॉइनिंग लेटर आ जाएगा। इतना ही नहीं 15 दिन बाद उसने विजय के भाई अनुज को भारतीय डाक विभाग और संतोष कुमार के भाई अमन कुमार व प्रदीप कुमार के नाम से रेलवे भर्ती बोर्ड का ट्रेनिंग लेटर व्हाट्सएप पर भेजा। आठ जनवरी 2025 को सभी को कानपुर के पोस्ट ऑफिस के पास बुलाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि पूरा मामला धोखाधड़ी का है। विजय ने आरोप लगाया कि आठ अगस्त 2025 को धनीराम और चेतन चौबे अपने साथियों साथ सफेदाबाद के पास मिले और जान से मारने की धमकी दी। इसी मामले में संतोष कुमार ने भी शहर कोतवाली में तहरीर दी। शहर कोतवाल आरके राना ने बताया कि पुलिस ने लखनऊ निवासी धनीराम, बलिया के चेतन चौबे, गाजियाबाद के अमित कुमार शर्मा, रेशमा खातून, आलोक कुमार वर्मा, संदीप कुमार और कल्लू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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