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Barabanki News: 234 ग्राम पंचायतें बन सकती हैं एससीआर का हिस्सा
Fri, 17 Mar 2023 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 17 Mar 2023 01:15 AM IST
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बाराबंकी। जिले का लखनऊ सीमा से जुड़ा करीब एक चौथाई हिस्सा राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) में शामिल हो सकता है। करीब 234 ग्राम पंचायतें जिनका क्षेत्रफल डेढ़ हजार वर्ग किलोमीटर है को एससीआर में मिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एससीआर का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश देने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है
।
लखनऊ समेत सात जिलों के हिस्सों को मिलाकर एससीआर बनाया जाएगा। प्रस्तावित एससीआर करीब 28 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। पिछले साल ही इसे लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे जिसके बाद अधिकारियों ने एक रिपोर्ट बनाई थी।
जिले का कुल क्षेत्रफल 4402 वर्ग किलोमीटर है जबकि आबादी 35 लाख से अधिक है। पिछले साल जिले के बंकी, देवा व निंदूरा ब्लाक के गांवों तथा नगर पालिका नवाबगंज व नगर पंचायत बंकी को एससीआर में शामिल करने की बात अधिकारियों ने कही थी।
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बीच में मामला कुछ ठंडा पड़ गया था। मगर बीते बुधवार को जब मुख्यमंत्री ने दो सप्ताह में एससीआर का प्लान बनाकर देने के निर्देश दिए तो एक बार प्रशासन फिर सक्रिय हो गया। अधिकारियों के अनुसार, निकायों के साथ करीब 234 ग्राम पंचायतों के एससीआर में शामिल होने की उम्मीद है जिनमें 500 से अधिक गांव हैं। करीब डेढ़ हजार वर्गकिमी क्षेत्रफल इसमें शामिल हो सकता है। इसे लेकर अधिकारी बृहस्पतिवार को भी प्लान बनाने में जुटे रहे।
तो बीडीए से पहले एससीआर पर मुहर एससीआर बनने की कवायद के बीच जिले के जनप्रतिनिधियों ने बाराबंकी विकास प्राधिकरण (बीडीए) की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। एक महीने पहले राज्यमंत्री सतीश शर्मा व हैदरगढ़ व कुर्सी के विधायकों से सीएम की बैठक हुई थी। तर्क दिया था कि बीडीए बनने से जिले का विकास तेजी से होगा। हालांकि, अब मुख्यमंत्री ने एससीआर को लेकर गंभीरता दिखाई है। ऐसे में बीडीए से पहले एससीआर पर मुहर लगेगी। माना जा रहा है कि एससीआर बनने के बाद बीडीए बन सकता है।
- एससीआर बनने के कई फायदें - शहर व लखनऊ की सीमा से जुड़़े गांवों में नियोजित विकास होगा।
- अनियमित प्लाटिंग व अवैध कालोनियों पर रोक लगेगी।
- शहर का विकास तेजी से होगा। विस्तारित क्षेेत्र में सुविधाएं बढ़ेंगी।
- मल्टीनेशलन कंपनियों द्वारा जिले में निवेश होगा, रोजगार बढ़ेगा।
एससीआर में जिले के हिस्से को शामिल करने के लिए मास्टर प्लान बनाने के लिए निर्देश मिले है। इस पर कार्य हो रहा है, जल्द ही शासन को ब्योरा उपलब्ध करा दिया जाएगा।
- एकता सिंह, सीडीओ
जिले के विकास को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा उठाया गया कदम सराहनीय है। इससे विकास को पंख लगेंगे, रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, जनता को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
- सतीश शर्मा, राज्यमंत्री
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लखनऊ समेत सात जिलों के हिस्सों को मिलाकर एससीआर बनाया जाएगा। प्रस्तावित एससीआर करीब 28 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। पिछले साल ही इसे लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे जिसके बाद अधिकारियों ने एक रिपोर्ट बनाई थी।
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जिले का कुल क्षेत्रफल 4402 वर्ग किलोमीटर है जबकि आबादी 35 लाख से अधिक है। पिछले साल जिले के बंकी, देवा व निंदूरा ब्लाक के गांवों तथा नगर पालिका नवाबगंज व नगर पंचायत बंकी को एससीआर में शामिल करने की बात अधिकारियों ने कही थी।
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बीच में मामला कुछ ठंडा पड़ गया था। मगर बीते बुधवार को जब मुख्यमंत्री ने दो सप्ताह में एससीआर का प्लान बनाकर देने के निर्देश दिए तो एक बार प्रशासन फिर सक्रिय हो गया। अधिकारियों के अनुसार, निकायों के साथ करीब 234 ग्राम पंचायतों के एससीआर में शामिल होने की उम्मीद है जिनमें 500 से अधिक गांव हैं। करीब डेढ़ हजार वर्गकिमी क्षेत्रफल इसमें शामिल हो सकता है। इसे लेकर अधिकारी बृहस्पतिवार को भी प्लान बनाने में जुटे रहे।
तो बीडीए से पहले एससीआर पर मुहर एससीआर बनने की कवायद के बीच जिले के जनप्रतिनिधियों ने बाराबंकी विकास प्राधिकरण (बीडीए) की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। एक महीने पहले राज्यमंत्री सतीश शर्मा व हैदरगढ़ व कुर्सी के विधायकों से सीएम की बैठक हुई थी। तर्क दिया था कि बीडीए बनने से जिले का विकास तेजी से होगा। हालांकि, अब मुख्यमंत्री ने एससीआर को लेकर गंभीरता दिखाई है। ऐसे में बीडीए से पहले एससीआर पर मुहर लगेगी। माना जा रहा है कि एससीआर बनने के बाद बीडीए बन सकता है।
- एससीआर बनने के कई फायदें - शहर व लखनऊ की सीमा से जुड़़े गांवों में नियोजित विकास होगा।
- अनियमित प्लाटिंग व अवैध कालोनियों पर रोक लगेगी।
- शहर का विकास तेजी से होगा। विस्तारित क्षेेत्र में सुविधाएं बढ़ेंगी।
- मल्टीनेशलन कंपनियों द्वारा जिले में निवेश होगा, रोजगार बढ़ेगा।
एससीआर में जिले के हिस्से को शामिल करने के लिए मास्टर प्लान बनाने के लिए निर्देश मिले है। इस पर कार्य हो रहा है, जल्द ही शासन को ब्योरा उपलब्ध करा दिया जाएगा।
- एकता सिंह, सीडीओ
जिले के विकास को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा उठाया गया कदम सराहनीय है। इससे विकास को पंख लगेंगे, रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, जनता को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
- सतीश शर्मा, राज्यमंत्री