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डॉल्फिन को पकड़ने में लगी तीन टीमें
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डॉल्फिन पकड़ने में लगीं तीन टीमें
बाराबंकी। दरियाबाद समानांतर नहर में दो दिन पूर्व आई डॉल्फिन जहां लोगों के लिए कौतुहल का विषय बनी है और वहीं वन विभाग के लिए मुसीबत बन चुकी है। शुक्रवार को डॉल्फिन दिखने की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जगह-जगह जाल लगाया, मगर वह पकड़ में नहीं आ सकी। शनिवार को तीन टीमें डॉल्फिन पकड़ने के लिए दिनभर मशक्कत करती रहीं।
फतेहपुर तहसील क्षेत्र में चक काजीपुर के पास शुक्रवार को ग्रामीणों ने नहर में डॉल्फिन दिखने की सूचना अधिकारियों को दी थी। तहसील प्रशासन ने वन विभाग की टीम को उसे पकड़कर नदी में छोड़ने को कहा था। टीम ने कई जगह जाल लगाया लेकिन सफलता नहीं मिली।
डीएफओ ने शनिवार को बहराइच की एक्सपर्ट टीम, लखनऊ की टीएसए और वन विभाग समेत तीन टीम लगाईं। टीम ने नहर में 20 किमी. तक जाल लगाकर डॉल्फिन पकड़ने का प्रयास किया मगर सफलता नहीं मिली। भगौली, काजीपुर, सिहाली, अछेछा गांव के पास भी जाल लगाया।
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रेंजर आरसी भट्ट ने बताया कि नहर में पांच फीट पानी होने के कारण डॉल्फिन जाल के नीचे से निकलकर भाग जाती थी। डॉल्फिन को पकड़ने का प्रयास जारी है। लखनऊ की टीएसए की टीम भी उसे पकड़ने के लिए मशक्कत कर रही है।
नहर किनारे डॉल्फिन देखने वालों की दिनभर भीड़ जमा रही। इस मौके पर देवा रेंजर अरुण सक्सेना, रामनगर के सुबोध कुमार और एसडीओ संत कुमार तिवारी समेत 20 वनरक्षक मौजूद रहे।
डीएफओ एनके सिंह ने बताया कि नहर में पानी ज्यादा होने के कारण डॉल्फिन पकड़ में नहीं आ रही है। इसके लिए बहराइच और लखनऊ की टीम को भी लगाया है। डॉल्फिन को दोनों ओर जाल लगाकर रोक लिया गया है, जल्द ही पकड़कर उसे सुरक्षित किसी नदी में छुड़वा दिया जाएगा।
बहराइच टीम के एक सदस्य के मुताबिक शारदा नहर से दरियाबाद समानांतर में आई डॉल्फिन की लंबाई करीब पांच फीट है। इसका वजन करीब पांच क्विंटल है।
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बाराबंकी। दरियाबाद समानांतर नहर में दो दिन पूर्व आई डॉल्फिन जहां लोगों के लिए कौतुहल का विषय बनी है और वहीं वन विभाग के लिए मुसीबत बन चुकी है। शुक्रवार को डॉल्फिन दिखने की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जगह-जगह जाल लगाया, मगर वह पकड़ में नहीं आ सकी। शनिवार को तीन टीमें डॉल्फिन पकड़ने के लिए दिनभर मशक्कत करती रहीं।
फतेहपुर तहसील क्षेत्र में चक काजीपुर के पास शुक्रवार को ग्रामीणों ने नहर में डॉल्फिन दिखने की सूचना अधिकारियों को दी थी। तहसील प्रशासन ने वन विभाग की टीम को उसे पकड़कर नदी में छोड़ने को कहा था। टीम ने कई जगह जाल लगाया लेकिन सफलता नहीं मिली।
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डीएफओ ने शनिवार को बहराइच की एक्सपर्ट टीम, लखनऊ की टीएसए और वन विभाग समेत तीन टीम लगाईं। टीम ने नहर में 20 किमी. तक जाल लगाकर डॉल्फिन पकड़ने का प्रयास किया मगर सफलता नहीं मिली। भगौली, काजीपुर, सिहाली, अछेछा गांव के पास भी जाल लगाया।
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रेंजर आरसी भट्ट ने बताया कि नहर में पांच फीट पानी होने के कारण डॉल्फिन जाल के नीचे से निकलकर भाग जाती थी। डॉल्फिन को पकड़ने का प्रयास जारी है। लखनऊ की टीएसए की टीम भी उसे पकड़ने के लिए मशक्कत कर रही है।
नहर किनारे डॉल्फिन देखने वालों की दिनभर भीड़ जमा रही। इस मौके पर देवा रेंजर अरुण सक्सेना, रामनगर के सुबोध कुमार और एसडीओ संत कुमार तिवारी समेत 20 वनरक्षक मौजूद रहे।
डीएफओ एनके सिंह ने बताया कि नहर में पानी ज्यादा होने के कारण डॉल्फिन पकड़ में नहीं आ रही है। इसके लिए बहराइच और लखनऊ की टीम को भी लगाया है। डॉल्फिन को दोनों ओर जाल लगाकर रोक लिया गया है, जल्द ही पकड़कर उसे सुरक्षित किसी नदी में छुड़वा दिया जाएगा।
बहराइच टीम के एक सदस्य के मुताबिक शारदा नहर से दरियाबाद समानांतर में आई डॉल्फिन की लंबाई करीब पांच फीट है। इसका वजन करीब पांच क्विंटल है।