{"_id":"5b5cb36c4f1c1b572f8b7049","slug":"181532801900-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तराई में तबाही मचाने को बेताब घाघरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तराई में तबाही मचाने को बेताब घाघरा
Updated Sat, 28 Jul 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एलिग्न चरसड़ी तटबंध में लीकेज, मचा हड़कंप
गनेशपुर/ टिकैतनगर (बाराबंकी)। घाघरा नदी के एलिग्न चरसड़ी तटबंध में बासगांव के निकट लीकेज शुरू होने से तराई में हड़कंप मच गया है। क्योंकि पिछले साल भी बांध इसी स्थान पर कटा था। जिस तेजी से पानी निकल रहा है उससे बांध को रोक पाना आसान नहीं होगा। वहीं नदी का जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर पहुंच गया।
नदी के तेवर देखते हुए तराई वासियों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। उधर जिलाधिकारी ने अन्य अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कराए जा रहे कार्यों का जायजा लिया और तेजी से कार्य करने के आदेश दिए।
तराई वासियों का कहना है कि पिछले साल भी बांध में इसी तरह से रिसाव शुरू हुआ था इसके बाद नदी का पानी बांध को बहा ले गया था। जिससे सैकड़ों गांव नदी के पानी की चपेट में आ गए थे। नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से 106.426 तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार नदी का पानी रिंग बांध से महज दस मीटर दूर है यदि नदी इस बार कटान करती है तो रिंग बांध को बचा पाना मुश्किल हो जाएगा। यदि रिंग बांध कटता है तो नैपुरा, कमियार, रायपुर और परसावल को बचा पाना काफी मुश्किल हो गया। जिससे इन गांवों के लोग अभी से सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने की तैयारियां में जुट गए हैं।
विज्ञापन
गनेशपुर/ टिकैतनगर (बाराबंकी)। घाघरा नदी के एलिग्न चरसड़ी तटबंध में बासगांव के निकट लीकेज शुरू होने से तराई में हड़कंप मच गया है। क्योंकि पिछले साल भी बांध इसी स्थान पर कटा था। जिस तेजी से पानी निकल रहा है उससे बांध को रोक पाना आसान नहीं होगा। वहीं नदी का जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर पहुंच गया।
नदी के तेवर देखते हुए तराई वासियों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। उधर जिलाधिकारी ने अन्य अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कराए जा रहे कार्यों का जायजा लिया और तेजी से कार्य करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
तराई वासियों का कहना है कि पिछले साल भी बांध में इसी तरह से रिसाव शुरू हुआ था इसके बाद नदी का पानी बांध को बहा ले गया था। जिससे सैकड़ों गांव नदी के पानी की चपेट में आ गए थे। नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से 106.426 तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार नदी का पानी रिंग बांध से महज दस मीटर दूर है यदि नदी इस बार कटान करती है तो रिंग बांध को बचा पाना मुश्किल हो जाएगा। यदि रिंग बांध कटता है तो नैपुरा, कमियार, रायपुर और परसावल को बचा पाना काफी मुश्किल हो गया। जिससे इन गांवों के लोग अभी से सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने की तैयारियां में जुट गए हैं।