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17 शिक्षक निलंबित, 17 का वेतन कटा
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Nov 2015 10:46 PM IST
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नौनिहालों के भविष्य के साथ किस तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है इसका खुलासा बृहस्पतिवार को बीएसए के निरीक्षण में हुआ। निरीक्षण के दौरान निंदूरा ब्लॉक के चार स्कूलों में ताला लगा मिला। वहीं 33 शिक्षक बिना सूचना के विद्यालयों से गायब पाए गए। शिक्षकों की इस लापरवाही से भड़के बीएसए ने 17 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया तथा 17 शिक्षकों का वेतन काटते हुए जवाब तलब किया है। निंदूरा ब्लॉक के करीब नौ विद्यालयों का बृहस्पतिवार केे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह ने निरीक्षण किया।
इन विद्यालयों में तैनात करीब 33 शिक्षक और शिक्षिकाएं बिना सूचना के गायब पाए गए। विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता देख बीएसए का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इनमें से 17 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बीएसए सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय बड्डूपुर पहुंचे। स्कूल बंद मिला जिस पर यहां पर तैनात अल्पना गंगवार, मुन्नी गुप्ता, कुसमावती को निलंबित कर दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव भी बंद मिला जिस पर यहां तैनात सुनीता और प्रियंका को निलंबित कर दिया गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव में तैनात वंदना शुक्ला, वाती शर्मा, उमाकांत पांडेय और धर्मेंद्र सिंह को विद्यालय बंद पाए जाने पर निलंबित किया गया है। प्राथमिक विद्यालय बच्छरौली भी बंद मिला। जिस पर यहां तैनात मधुकर कटियार, प्रियंका वर्मा, अर्चना गुप्ता को निलंबित किया गया है।
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प्राथमिक विद्यालय रमपुरवा बंद पाए जाने पर यहां तैनात अनुपम वर्मा, अर्चना वर्मा, डिम्पल पमनानी, राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यही नहीं बीएसए ने बगैर सूचना के गायब मिले उच्च प्राथमिक विद्यालय पिलेहटी के शिक्षक मो. हसन वासिफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय मल्लावां में तैनात सपना शुक्ला, कनक लता श्रीवास्तव, रामजनक यादव और उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात अनूप कुमार और निहारिका के अनुपस्थित पाए जाने पर इनका वेतन काट दिया गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय खिंजना में तैनात सरिता श्रीवास्तव, दिनेश कुमार को अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन काटा गया है।
वहीं प्राथमिक विद्यालय खिंजना में तैनात रेहाना खातून, अल्का श्रीवास्तव, पूनम गुप्ता, संतोष कुमार शर्मा, ज्योत्सना यादव, सुमन लता चौधरी का अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन काट दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय उधापुर में तैनात विजय कुमार, उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात सरिता कुमारी, प्राथमिक विद्यालय पिलेहटी में तैनात मो. आसिफ और इसी विद्यालय में तैनात मजाहिद अली के अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन काटते हुए जवाब तलब किया गया है।
निंदूरा ब्लॉक के करीब 9 विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। इनमें पांच विद्यालयों बंद मिले। इस दौरान 17 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है जबकि अनुपस्थित पाए जाने पर 17 शिक्षकों का वेतन काटते हुए जवाब तलब किया गया है।
- प्रताप नरायन सिंह बीएसए
दो का पहाड़ा नहीं सुना पाए बच्चे
बीएसए ने निरीक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता को भी परखा। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सवाल जवाब भी किए। बीएसए ने बच्चों से पूछा कि किस विद्यालय में पढ़ते हुए बच्चे स्कूल का नाम नहीं बता पाए और जवाब दिया कि वह सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। इसके अलावा कक्षा चार के बच्चे दो का पहाड़ा नहीं सुना सके। नौनिहालों के भविष्य से शिक्षक किस तरह से खिलवाड़ कर रहे हैं यह देख बीएसए भी दंग रह गए।
राजधानी में रहते हैं अधिकतर शिक्षक
सूत्रों की मानें तो निंदूरा ब्लॉक में तैनात ज्यादातर शिक्षक राजधानी से आते हैं। अपनी पहुंच और रसूख के दम पर ये शिक्षक रोड साइड का या फिर सड़क से चंद कदमों की दूरी पर बना विद्यालय पा जाते हैं। तैनाती पाने के बाद ये विद्यालय कब आते हैं और कब चले जाते हैं इसकी जानकारी न तो बच्चों को है और न ही यहां के रहने वाले लोगों को।
पहली बार हुए इतने निलंबित
जिले में एक साथ 17 शिक्षकों का निलंबन किसी बीएसए ने पहली बार किया है। वहीं ऐसे शिक्षक और शिक्षिकों पर कार्रवाई की गई है जिनकी पहुंच और रसूख किसी से छिपी नहीं है। बीएसए की इस कार्रवाई से अन्य शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
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इन विद्यालयों में तैनात करीब 33 शिक्षक और शिक्षिकाएं बिना सूचना के गायब पाए गए। विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता देख बीएसए का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इनमें से 17 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बीएसए सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय बड्डूपुर पहुंचे। स्कूल बंद मिला जिस पर यहां पर तैनात अल्पना गंगवार, मुन्नी गुप्ता, कुसमावती को निलंबित कर दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव भी बंद मिला जिस पर यहां तैनात सुनीता और प्रियंका को निलंबित कर दिया गया है।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव में तैनात वंदना शुक्ला, वाती शर्मा, उमाकांत पांडेय और धर्मेंद्र सिंह को विद्यालय बंद पाए जाने पर निलंबित किया गया है। प्राथमिक विद्यालय बच्छरौली भी बंद मिला। जिस पर यहां तैनात मधुकर कटियार, प्रियंका वर्मा, अर्चना गुप्ता को निलंबित किया गया है।
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प्राथमिक विद्यालय रमपुरवा बंद पाए जाने पर यहां तैनात अनुपम वर्मा, अर्चना वर्मा, डिम्पल पमनानी, राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यही नहीं बीएसए ने बगैर सूचना के गायब मिले उच्च प्राथमिक विद्यालय पिलेहटी के शिक्षक मो. हसन वासिफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय मल्लावां में तैनात सपना शुक्ला, कनक लता श्रीवास्तव, रामजनक यादव और उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात अनूप कुमार और निहारिका के अनुपस्थित पाए जाने पर इनका वेतन काट दिया गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय खिंजना में तैनात सरिता श्रीवास्तव, दिनेश कुमार को अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन काटा गया है।
वहीं प्राथमिक विद्यालय खिंजना में तैनात रेहाना खातून, अल्का श्रीवास्तव, पूनम गुप्ता, संतोष कुमार शर्मा, ज्योत्सना यादव, सुमन लता चौधरी का अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन काट दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय उधापुर में तैनात विजय कुमार, उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात सरिता कुमारी, प्राथमिक विद्यालय पिलेहटी में तैनात मो. आसिफ और इसी विद्यालय में तैनात मजाहिद अली के अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन काटते हुए जवाब तलब किया गया है।
निंदूरा ब्लॉक के करीब 9 विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। इनमें पांच विद्यालयों बंद मिले। इस दौरान 17 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है जबकि अनुपस्थित पाए जाने पर 17 शिक्षकों का वेतन काटते हुए जवाब तलब किया गया है।
- प्रताप नरायन सिंह बीएसए
दो का पहाड़ा नहीं सुना पाए बच्चे
बीएसए ने निरीक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता को भी परखा। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सवाल जवाब भी किए। बीएसए ने बच्चों से पूछा कि किस विद्यालय में पढ़ते हुए बच्चे स्कूल का नाम नहीं बता पाए और जवाब दिया कि वह सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। इसके अलावा कक्षा चार के बच्चे दो का पहाड़ा नहीं सुना सके। नौनिहालों के भविष्य से शिक्षक किस तरह से खिलवाड़ कर रहे हैं यह देख बीएसए भी दंग रह गए।
राजधानी में रहते हैं अधिकतर शिक्षक
सूत्रों की मानें तो निंदूरा ब्लॉक में तैनात ज्यादातर शिक्षक राजधानी से आते हैं। अपनी पहुंच और रसूख के दम पर ये शिक्षक रोड साइड का या फिर सड़क से चंद कदमों की दूरी पर बना विद्यालय पा जाते हैं। तैनाती पाने के बाद ये विद्यालय कब आते हैं और कब चले जाते हैं इसकी जानकारी न तो बच्चों को है और न ही यहां के रहने वाले लोगों को।
पहली बार हुए इतने निलंबित
जिले में एक साथ 17 शिक्षकों का निलंबन किसी बीएसए ने पहली बार किया है। वहीं ऐसे शिक्षक और शिक्षिकों पर कार्रवाई की गई है जिनकी पहुंच और रसूख किसी से छिपी नहीं है। बीएसए की इस कार्रवाई से अन्य शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।