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Barabanki News: जिला अस्पताल में 16 वेंटिलेटर बेकार, जान जोखिम में

Tue, 02 Dec 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Tue, 02 Dec 2025 12:37 AM IST
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16 ventilators in the district hospital are useless, lives are at risk
बाराबंकी। सर्दी बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में श्वास और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक इन गंभीर मरीजों का तांता लगा है, लेकिन मरीजों की उखड़ती सांसों को थामने वाली 16 वेंटिलेटर मशीनें यहां शोपीस बनी हैं और काम नहीं आ रही हैं।
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रविवार रात सीएचसी रामसनेहीघाट से रेफर होकर आए 72 वर्षीय स्वामी दयाल को वेंटिलेटर न मिलने के कारण रात 2 बजे लखनऊ रेफर करना पड़ा। उनके पुत्र ने बताया कि सीएचसी में ऑक्सीजन की भी उचित व्यवस्था नहीं थी। जिला अस्पताल में वेंटिलेटर न मिलने की बात कहकर उन्हें रेफर कर दिया गया।
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यह पहला मामला नहीं है। स्वामी दयाल जैसे गंभीर श्वास और हृदय रोगियों को रोजाना जिला अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है, जिनमें से कई लखनऊ पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ देते हैं। गंभीर मरीजों को रात में लखनऊ ले जाने के बजाय निजी अस्पतालों में पहुंचाने के लिए जिला अस्पताल के आसपास एजेंट भी सक्रिय रहते हैं, जहां मरीजों का आर्थिक शोषण होता है।
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करीब 35 लाख की आबादी वाले इस जिले के अस्पताल में वेंटिलेटर होते हुए भी उनका इस्तेमाल न होना एक गंभीर चिंतन का विषय है। डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक चार बार अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।

वर्ष 2009 में हृदय रोग विभाग में आईसीयू कक्ष बनाया गया था, जहां वेंटिलेटर व पल्स मॉनीटर लगे थे। बाद में यह आईसीयू कक्ष उजड़ गया। पिछले तीन साल से हृदय रोग विशेषज्ञ भी अस्पताल में नहीं हैं। कोविडकाल में लगाए गए वेंटिलेटर शोपीस बने हैं। जिस कक्ष में ये वेंटिलेटर रखे हैं, वहां वर्तमान में डेंगू के मरीज भर्ती हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस जेपी मौर्या ने 16 वेंटिलेटर होने की पुष्टि की। हालांकि, जब उनसे स्वामी दयाल को रेफर करने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होगी, इसलिए रेफर किया गया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण हृदय रोगियों को रेफर करना उनकी मजबूरी है।
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