फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   15 terminate

बर्खास्त किए गए 15 एंबुलेंस कर्मी, बढ़ा आक्रोश

Thu, 29 Jul 2021 12:39 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 12:39 AM IST
विज्ञापन
15 terminate
बाराबंकी। मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे 15 कर्मियों को कंपनी द्वारा बर्खास्त कर दिया गया है। इससे साथियों में आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है। कर्मियों का कहना है यदि बर्खास्त कर्मियों को तत्काल वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जो एंबुलेंस संचालित हो रही हैं उन्हें भी खड़ा करा दिया जाएगा।
विज्ञापन

हड़ताली कर्मियों का आरोप है कि कर्मचारियों की बर्खास्तगी कंपनी के आरएम और पीएम के इशारे पर की जा रही है। मांग की इनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जाना चाहिए। वहीं एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के चलते विभाग की दिक्कतें और बढ़ती जा रही हैं अधिकारी कर्मियों की मान मन्नौवल में लगे हुए हैं।
विज्ञापन

एंबुलेंस कर्मियों की तीन दिनों से चली आ रही हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए जीवीके ईएमआरई कंपनी के अधिकारियों ने हड़ताली कर्मियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत जिले के 15 कर्मी प्रमोद, नीरज, अवनीश, योगेश, रवि, जितेन्द्र, संजय, धर्मेंद्र, दिलीप, मनीष, किशन, उदयभान, आनंद, सुरेंद्र, सोनू को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीवनदायिनी संगठन के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार का आरोप है कि कर्मियों की बर्खास्तगी कंपनी के आरएम मनीष सरीन और पीएम मुकेश सिंह के इशारे पर की जा रही है। इनके खिलाफ भी कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का केस दर्ज कराया गया।
कहा कि यदि हम लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के बजाए हम लोगों को इसी तरह से प्रताड़ित किया जाता रहा तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जो 38 एंबुलेंस विभाग के सहयोग के लिए संचालित की जा रही उन्हें वापस लिया जा सकता है। कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में एंबुलेंस खड़ी कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर आशीष, राजकुमार, पूरन, रामअवध, बृजमोहन, रामलखन, भरत सिंह, अयोध्या आदि मौजूद रहे।
हड़ताल के चलते बढ़ती जा रही दिक्कतें
एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के चलते विभाग की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। हालांकि 38 एंबुलेंस के सहारे जैसे तैसे काम चलाया जा रहा है। इसके बावजूद पीड़ित निजी और भाड़े के वाहनों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
बुधवार को निजी वाहन से जिला महिला अस्पताल पहुंचे अवधेश ने बताया कि पत्नी को प्रसव पीड़ा पर एंबुलेंस के लिए फोन किया गया लेकिन जब काफी देर बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली तो भाड़े पर वाहन कर उपचार के लिए लाया गया। सड़क हादसे में गंभीर रुप से घायल हुए राकेश के तीमारदारों ने बताया कि एंबुलेंस नहीं मिलने पर मरीज को वह निजी वाहन से किसी तरह अस्पताल लेकर पहुंचे।

एंबुुलेंस कर्मियों से बराबर वार्ता की जा रही है। इनका सहयोग भी मिल रहा है। चूंकि इनके मुद्दे शासन स्तर के हैं फिर भी उम्मीद है कि जल्द ही एंबुलेंस कर्मी काम पर लौट आएंगे।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed