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Barabanki News: हिंद मेडिकल कॉलेज विवाद में 15 पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
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बाराबंकी। सफेदाबाद स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज एंड इंस्टीट्यूट के स्वामित्व को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। खुद को ट्रस्टी और अध्यक्ष बताने वाले डॉ. अमोद सचान ने 10 लोगों को नामजद करते हुए 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अवैध कब्जा और मारपीट की एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं दूसरे पक्ष ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि कॉलेज के नाम पर 300 से 400 करोड़ रुपये तक का ऋण लिया गया है। इसे लेकर कॉलेज में तनातनी की आशंका को देखते हुए पुलिस बुलाना पड़ी।
डॉ. अमोद सचान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 2004 में हुई थी। वह स्वयं इसके ट्रस्टी और अध्यक्ष रहे। ट्रस्ट द्वारा सफेदाबाद स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज एंड इंस्टीट्यूट तथा अटरिया, सीतापुर स्थित मेडिकल कॉलेज का संचालन किया जाता है। वर्ष 2024 में ट्रस्टी सुशीला और मधु ने इस्तीफा दे दिया था, जबकि ट्रस्टी ऋचा मिश्रा को निलंबित किया गया था। इसके बावजूद तीन फरवरी को गोमतीनगर (लखनऊ) निवासी वरुण श्रीवास्तव, ब्रजकिशोर सिंह समेत 10 नामजद और 15 अज्ञात लोग कॉलेज परिसर में घुस आए और कब्जा करने की कोशिश की। शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराने के साथ सभी दस्तावेज और ट्रस्ट से जुड़े अभिलेखों की जांच की जा रही है।
400 करोड़ के लोन का आरोप
दूसरे पक्ष की ओर से खुद को अधिकृत प्रतिनिधि बताने वाले ब्रजकिशोर सिंह ने आरोप लगाया कि प्रतिबंध के बावजूद विपक्षियों ने परिसर में जबरन घुसने की कोशिश की गई। आरोप लगाया कि डॉ अमोद के पक्ष ने कॉलेज के नाम पर 300 से 400 करोड़ रुपये तक का ऋण ले रखा है।
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डॉ. अमोद सचान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 2004 में हुई थी। वह स्वयं इसके ट्रस्टी और अध्यक्ष रहे। ट्रस्ट द्वारा सफेदाबाद स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज एंड इंस्टीट्यूट तथा अटरिया, सीतापुर स्थित मेडिकल कॉलेज का संचालन किया जाता है। वर्ष 2024 में ट्रस्टी सुशीला और मधु ने इस्तीफा दे दिया था, जबकि ट्रस्टी ऋचा मिश्रा को निलंबित किया गया था। इसके बावजूद तीन फरवरी को गोमतीनगर (लखनऊ) निवासी वरुण श्रीवास्तव, ब्रजकिशोर सिंह समेत 10 नामजद और 15 अज्ञात लोग कॉलेज परिसर में घुस आए और कब्जा करने की कोशिश की। शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराने के साथ सभी दस्तावेज और ट्रस्ट से जुड़े अभिलेखों की जांच की जा रही है।
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400 करोड़ के लोन का आरोप
दूसरे पक्ष की ओर से खुद को अधिकृत प्रतिनिधि बताने वाले ब्रजकिशोर सिंह ने आरोप लगाया कि प्रतिबंध के बावजूद विपक्षियों ने परिसर में जबरन घुसने की कोशिश की गई। आरोप लगाया कि डॉ अमोद के पक्ष ने कॉलेज के नाम पर 300 से 400 करोड़ रुपये तक का ऋण ले रखा है।
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