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तीन सौ तीस पंचायतों में घोटाले की आशंका, रोका वेतन
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:04 AM IST
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330 पंचायतों में घोटाले
की आशंका, रोका वेतन
क्रासर
- कई बार निर्देश के बाद भी पिछले वर्ष के खर्च का नहीं दिया ब्यौरा
- निदेशालय से आए पत्र के बाद डीपीआरओ ने एडीओ को भेजी नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। पिछले वित्तीय वर्ष में करोड़ों की लागत से ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यो में खर्च धनराशि का लेखा जोखा प्रियासॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। इससे ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपए का घोटाला किए जाने की आशंका व्यक्त की गई है। शासन के निर्देेश पर आए एक पत्र के बाद पंचायती राज विभाग ने सभी एडीओ पंचायत को नोटिस जारी करते हुए अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया है। इस कार्रवाई के बाद से हड़कंप मच गया है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायतों में 14वें व राज्य वित्त की करोड़ों की धनराशि से विकास कार्य कराए गए थे। कार्यों पर खर्च किए गए धनराशि का ब्यौरा पंचायती राज विभाग के प्रिया सॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इस वित्तीय वर्ष के भी छह माह बीत जाने के बाद भी जिले की 330 पंचायतों ने भी तक खर्च का ब्यौरा फीड नहीं कराया है। जिससे घोटालें की आशंका जाहिर की जा रही है। निदेशक पंचायती राज के इस संबंध में पत्र आने के बाद पंचायती राज विभाग ने सभी एडीओ पंचायत का अग्रिम आदेश तक वेतन रोकते हुए नोटिस जारी की है। इससे संबंधितों में हड़कंप मच गया है।
बाक्स
बिना कार्य योजना खर्च कर दी रकम
जिले की दो ब्लॉकों के 14 पंचायतों ने बिना कार्ययोजना तैयार कर विकास कार्य शुरू कर दिए है और धनराशि खर्च करने में लगे हुए हैं। इनमें बनीकोडर ब्लॉक की 11, सूरतगंज ब्लॉक की दो और सिद्वौर ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत शामिल हैं। इन पंचायतों ने अभी तक विकास कार्यो की कोई प्लानिंग नहीं की है। और ना ही कार्ययोजना को प्लान प्लस पोर्टल पर अपलोड किया है जिसके बाद संबंधित ब्लॉक एडीओ को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है।
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बाक्स
पिछले विकास कार्यो का अभी तक 330 पंचायतों ने खर्च का हिसाब नहीं दिया है। इससे प्रिया सॉफ्ट पोर्टल पर उसकी फीडिग नहीं हो सकी है। निदेशक के पत्र के बाद एडीओ को नोटिस जारी कर वेतन रोक दिया गया है।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ।
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की आशंका, रोका वेतन
क्रासर
- कई बार निर्देश के बाद भी पिछले वर्ष के खर्च का नहीं दिया ब्यौरा
- निदेशालय से आए पत्र के बाद डीपीआरओ ने एडीओ को भेजी नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। पिछले वित्तीय वर्ष में करोड़ों की लागत से ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यो में खर्च धनराशि का लेखा जोखा प्रियासॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। इससे ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपए का घोटाला किए जाने की आशंका व्यक्त की गई है। शासन के निर्देेश पर आए एक पत्र के बाद पंचायती राज विभाग ने सभी एडीओ पंचायत को नोटिस जारी करते हुए अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया है। इस कार्रवाई के बाद से हड़कंप मच गया है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायतों में 14वें व राज्य वित्त की करोड़ों की धनराशि से विकास कार्य कराए गए थे। कार्यों पर खर्च किए गए धनराशि का ब्यौरा पंचायती राज विभाग के प्रिया सॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इस वित्तीय वर्ष के भी छह माह बीत जाने के बाद भी जिले की 330 पंचायतों ने भी तक खर्च का ब्यौरा फीड नहीं कराया है। जिससे घोटालें की आशंका जाहिर की जा रही है। निदेशक पंचायती राज के इस संबंध में पत्र आने के बाद पंचायती राज विभाग ने सभी एडीओ पंचायत का अग्रिम आदेश तक वेतन रोकते हुए नोटिस जारी की है। इससे संबंधितों में हड़कंप मच गया है।
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बिना कार्य योजना खर्च कर दी रकम
जिले की दो ब्लॉकों के 14 पंचायतों ने बिना कार्ययोजना तैयार कर विकास कार्य शुरू कर दिए है और धनराशि खर्च करने में लगे हुए हैं। इनमें बनीकोडर ब्लॉक की 11, सूरतगंज ब्लॉक की दो और सिद्वौर ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत शामिल हैं। इन पंचायतों ने अभी तक विकास कार्यो की कोई प्लानिंग नहीं की है। और ना ही कार्ययोजना को प्लान प्लस पोर्टल पर अपलोड किया है जिसके बाद संबंधित ब्लॉक एडीओ को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है।
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पिछले विकास कार्यो का अभी तक 330 पंचायतों ने खर्च का हिसाब नहीं दिया है। इससे प्रिया सॉफ्ट पोर्टल पर उसकी फीडिग नहीं हो सकी है। निदेशक के पत्र के बाद एडीओ को नोटिस जारी कर वेतन रोक दिया गया है।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ।