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आवास विकास शहर में बनाएगा साढ़े ग्यारह सौ पीएम आवास
Updated Sun, 27 May 2018 12:17 AM IST
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शहर में बनेंगे 1152 प्रधानमंत्री आवास
बाराबंकी। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास विकास परिषद शहर के अंदर 1152 आवासों का निर्माण कराएगा। करीब डेढ़-दो वर्ष में पूर्ण होने वाले इन आवासों का लाभ नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली पात्रों की सूची के अनुसार किया जाएगा।
तहसील प्रशासन ने निर्धारित हेक्टेयर में भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट कार्यदायी संस्था को भेज दी है। सत्यापन के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
ग्रामीण अंचलों की भांति ही शहरी क्षेत्र में भी गरीबों को आवास देने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की शुरुआत की गई थी।
इस योजना में प्रदेश सरकार ने नगरीय विकास अभिकरण विभाग को 1152 प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य दिया है। इसके निर्माण के लिए तीन हेक्टेयर भूमि की उपलब्धता निर्धारित की गई है।
आवासों के निर्माण की जिम्मेदारी मिलने के बाद आवास विकास परिषद ने एसडीएम सदर से निर्धारित हेक्टेयर में भूमि उपलब्ध कराने की डिमांड की थी।
जिसके बाद तहसील प्रशासन ने शहरी सीमा में शामिल हुए जिंहौली गांव के पास पर्याप्त मात्रा में भूमि चिह्नित की है।
कार्यदायी संस्था द्वारा इस भूमि का सत्यापन कर निर्धारित हेक्टेयर में अविवादित भूमि मिलने पर आवासों का निर्माण शुरू करेगा।
करीब डेढ़-दो वर्ष में आवासों का निर्माण पूरा होने के बाद नगरीय विकास अभिकरण द्वारा लाभार्थियों का चयन कर आवासों का आवंटन किया जाएगा।
इसके अलावा डूडा ही कार्यदायी संस्था को बजट के हिसाब से आवास निर्माण की धनराशि देकर इसकी मॉनीटरिंग करेगा।
डूडा के परियोजना अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि, शासन से आवास विकास परिषद को 1152 पीएम आवास बनाने का जिम्मा दिया गया है।
इसके लिए तहसील प्रशासन से तीन हेक्टेयर भूमि की मांग की गई है। भूमि मिलते ही उसका कार्यदायी संस्था से सत्यापन कराया जाएगा। पर्याप्त भूमि मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
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एसडीएम सदर सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि, शहरी पीएम आवास के निर्माण के लिए आवास विकास परिषद द्वारा तीन हेक्टेयर भूमि की मांग की गई थी।
शहर के अंदर इतनी भूमि नहीं मिली है। नगर पालिका क्षेत्र में शहर से सटे जिंहौली में पर्याप्त भूमि की उपलब्धता कराई गई है।
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बाराबंकी। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास विकास परिषद शहर के अंदर 1152 आवासों का निर्माण कराएगा। करीब डेढ़-दो वर्ष में पूर्ण होने वाले इन आवासों का लाभ नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली पात्रों की सूची के अनुसार किया जाएगा।
तहसील प्रशासन ने निर्धारित हेक्टेयर में भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट कार्यदायी संस्था को भेज दी है। सत्यापन के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
ग्रामीण अंचलों की भांति ही शहरी क्षेत्र में भी गरीबों को आवास देने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की शुरुआत की गई थी।
इस योजना में प्रदेश सरकार ने नगरीय विकास अभिकरण विभाग को 1152 प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य दिया है। इसके निर्माण के लिए तीन हेक्टेयर भूमि की उपलब्धता निर्धारित की गई है।
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आवासों के निर्माण की जिम्मेदारी मिलने के बाद आवास विकास परिषद ने एसडीएम सदर से निर्धारित हेक्टेयर में भूमि उपलब्ध कराने की डिमांड की थी।
जिसके बाद तहसील प्रशासन ने शहरी सीमा में शामिल हुए जिंहौली गांव के पास पर्याप्त मात्रा में भूमि चिह्नित की है।
कार्यदायी संस्था द्वारा इस भूमि का सत्यापन कर निर्धारित हेक्टेयर में अविवादित भूमि मिलने पर आवासों का निर्माण शुरू करेगा।
करीब डेढ़-दो वर्ष में आवासों का निर्माण पूरा होने के बाद नगरीय विकास अभिकरण द्वारा लाभार्थियों का चयन कर आवासों का आवंटन किया जाएगा।
इसके अलावा डूडा ही कार्यदायी संस्था को बजट के हिसाब से आवास निर्माण की धनराशि देकर इसकी मॉनीटरिंग करेगा।
डूडा के परियोजना अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि, शासन से आवास विकास परिषद को 1152 पीएम आवास बनाने का जिम्मा दिया गया है।
इसके लिए तहसील प्रशासन से तीन हेक्टेयर भूमि की मांग की गई है। भूमि मिलते ही उसका कार्यदायी संस्था से सत्यापन कराया जाएगा। पर्याप्त भूमि मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
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एसडीएम सदर सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि, शहरी पीएम आवास के निर्माण के लिए आवास विकास परिषद द्वारा तीन हेक्टेयर भूमि की मांग की गई थी।
शहर के अंदर इतनी भूमि नहीं मिली है। नगर पालिका क्षेत्र में शहर से सटे जिंहौली में पर्याप्त भूमि की उपलब्धता कराई गई है।