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Barabanki News: हेतमापुर में 13 मकान और समाधि स्थल नदी में समाए
Wed, 30 Sep 2026 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:11 AM IST
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हेतमापुर में बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए कटान रोकने में लगे ग्रामीण।
सूरतगंज। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ हेतमापुर में कटान ने विकराल रूप ले लिया है। सोमवार देर रात करीब 30 वर्ष पुराना महंत गुरु नारायण दास का समाधि स्थल और 13 मकान नदी में समा गए। अब तक करीब 70 मकान और 800 बीघा जमीन सरयू की धारा में विलीन हो चुकी है। दूरभाष केंद्र, मंदिर, मस्जिद, उप स्वास्थ्य केंद्र और पशु अस्पताल भी नदी की जद में हैं। जहां कभी गांव बसा था, वहां अब सरयू की धारा बह रही है।
हेतमापुर निवासी अशोक ने बताया कि करीब एक माह से नदी कटान कर रही है। एक सप्ताह तक कटान थमने के बाद तीन दिन से जलस्तर बढ़ने के साथ हालात तेजी से बिगड़े। सोमवार रात समाधि स्थल के बाद जगदीश, अशोक, बकरीद, आरिफ समेत 13 लोगों के मकान नदी में समा गए। ग्रामीण सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। समाधि स्थल के पास तेज कटान जारी है और मंदिर के नीचे से भी पानी गुजर रहा है।
बचाव कार्य तेज, फिर भी नहीं थम रहा कटान
बोरियां और जाल लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ खंड की टीमें नदी किनारे सामग्री डालकर धारा को रोकने में जुटी हैं, लेकिन तेज बहाव के सामने प्रयास बेअसर साबित हो रहे हैं। ग्रामीण बकरीद ने जल्द ठोस इंतजाम नहीं होने पर हेतमापुर का बचा हिस्सा भी नदी में समाने की आशंका जताई। डीएम ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि कटान रोकने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। तटीय गांवों में बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं। रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसीलों का प्रशासन रात में भी अलर्ट किया गया है।
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डेढ़ दर्जन गांव पानी से घिरे, नाव बनी सहारा
सरयू का जलस्तर बढ़ने से हेतमापुर के अलावा सुंदरनगर, कोडरी, बेलहरी, बाबापुरवा, सरसंडा, मदरहा, लालपुरवा और कोइलीपुरवा समेत करीब डेढ़ दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। संपर्क मार्ग डूबने से सड़क संपर्क प्रभावित है। ग्रामीण जरूरी काम के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी नाव से आवागमन करना पड़ रहा है।
25 गांवों में घुसा पानी, स्कूल और आरोग्य मंदिर डूबे
बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में अलीनगर-रानीमऊ तटबंध के भीतर बसे 25 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गटेपरा, बघौलीपुरवा, भयकपुरवा, कहारनपुरवा, सनावा, सिरौलीगुंग, बीहड़, मनीरामपुरवा, कोठीडीहा, घुटरू, बबुरी, सरदहा, तेलवारी, गोबरहा, सराय सुर्जन और भैरवकोल समेत कई गांवों में पानी पहुंच गया है। मांझा रायपुर, परसवाल, पारा और बेहटा भी प्रभावित हैं। प्राथमिक विद्यालय तेलवारी, सिरौलीगुंग, कोठीडीहा और परसा तथा कंपोजिट विद्यालय सनावा जलमग्न हो गए। गोबरहा का सरकारी अस्पताल और परसा का आरोग्य मंदिर भी पानी से घिर गया है। ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने सनावा, घुटरू, सिरौलीगुंग और परसा का दौरा किया।
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हेतमापुर निवासी अशोक ने बताया कि करीब एक माह से नदी कटान कर रही है। एक सप्ताह तक कटान थमने के बाद तीन दिन से जलस्तर बढ़ने के साथ हालात तेजी से बिगड़े। सोमवार रात समाधि स्थल के बाद जगदीश, अशोक, बकरीद, आरिफ समेत 13 लोगों के मकान नदी में समा गए। ग्रामीण सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। समाधि स्थल के पास तेज कटान जारी है और मंदिर के नीचे से भी पानी गुजर रहा है।
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बचाव कार्य तेज, फिर भी नहीं थम रहा कटान
बोरियां और जाल लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ खंड की टीमें नदी किनारे सामग्री डालकर धारा को रोकने में जुटी हैं, लेकिन तेज बहाव के सामने प्रयास बेअसर साबित हो रहे हैं। ग्रामीण बकरीद ने जल्द ठोस इंतजाम नहीं होने पर हेतमापुर का बचा हिस्सा भी नदी में समाने की आशंका जताई। डीएम ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि कटान रोकने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। तटीय गांवों में बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं। रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसीलों का प्रशासन रात में भी अलर्ट किया गया है।
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डेढ़ दर्जन गांव पानी से घिरे, नाव बनी सहारा
सरयू का जलस्तर बढ़ने से हेतमापुर के अलावा सुंदरनगर, कोडरी, बेलहरी, बाबापुरवा, सरसंडा, मदरहा, लालपुरवा और कोइलीपुरवा समेत करीब डेढ़ दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। संपर्क मार्ग डूबने से सड़क संपर्क प्रभावित है। ग्रामीण जरूरी काम के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी नाव से आवागमन करना पड़ रहा है।
25 गांवों में घुसा पानी, स्कूल और आरोग्य मंदिर डूबे
बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में अलीनगर-रानीमऊ तटबंध के भीतर बसे 25 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गटेपरा, बघौलीपुरवा, भयकपुरवा, कहारनपुरवा, सनावा, सिरौलीगुंग, बीहड़, मनीरामपुरवा, कोठीडीहा, घुटरू, बबुरी, सरदहा, तेलवारी, गोबरहा, सराय सुर्जन और भैरवकोल समेत कई गांवों में पानी पहुंच गया है। मांझा रायपुर, परसवाल, पारा और बेहटा भी प्रभावित हैं। प्राथमिक विद्यालय तेलवारी, सिरौलीगुंग, कोठीडीहा और परसा तथा कंपोजिट विद्यालय सनावा जलमग्न हो गए। गोबरहा का सरकारी अस्पताल और परसा का आरोग्य मंदिर भी पानी से घिर गया है। ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने सनावा, घुटरू, सिरौलीगुंग और परसा का दौरा किया।

हेतमापुर में बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए कटान रोकने में लगे ग्रामीण।

हेतमापुर में बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए कटान रोकने में लगे ग्रामीण।

हेतमापुर में बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए कटान रोकने में लगे ग्रामीण।

हेतमापुर में बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए कटान रोकने में लगे ग्रामीण।

हेतमापुर में बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए कटान रोकने में लगे ग्रामीण।

हेतमापुर में बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए कटान रोकने में लगे ग्रामीण।

हेतमापुर में बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए कटान रोकने में लगे ग्रामीण।

हेतमापुर में बाबा नारायणदास धाम को बचाने के लिए कटान रोकने में लगे ग्रामीण।