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घाघरा की धारा मोड़कर कटान रोकने के प्रयास शुरू
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घाघरा की धारा मोड़कर कटान रोकने की कोशिश
बाराबंकी। टेपरा गांव के पास घाघरा की कटान से डरे ग्रामीणों को राहत मिलने की आस जगी है। अब घाघरा की धारा मोड़कर ड्रेजिंग से होने वाली कटान रोकी जा सकेगी। इसके लिए ड्रेजिंग कर घाघरा की बालू गांव की ओर डंप करने के प्रयास भी रविवार से शुरू हो गए। यह देख ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के घाघरा की तराई में बसे टेपरा गांव के पास ड्रेजिंग कार्य के कारण कई दिनों से घाघरा की कटान में कृषि भूमि समा रही थी। गुरूवार को कटान तेज होने से कई ग्रामीणों के खेत घाघरा में विलीन हो गए। ऐसे में टेपरा, सनावां, सरायं सुर्जन व तेलवारी गांव के अस्तित्व पर खतरा देख ग्रामीण सहम गए। इसकी खबर अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित की। इस पर शुक्रवार सुबह एसडीएम सिरौलीगौसपुर अशोक कुमार व सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया।
एसडीएम ने मौके से ही बाढ़ खंड के अधिकारियों से फोन के जरिए बात कर ड्रेजिंग कार्य व कटान को रोकने के निर्देश दिए। शनिवार को बाढ़ खंड वाराणसी जोन के अधिशाषी अभियंता टीएन सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए घाघरा की धारा मोड़कर कटान रोकने के निर्देश ड्रेजिंग कार्य में लगे कर्मचारियों को दिए। उन्होंने कहाकि गांव की तरह ड्रेजिंग कर बालू डंप कर घाघरा की धारा मोड़ने से कटान का खतरा समाप्त होगा। इसके बाद शनिवार को पूरे दिन बंद रहा र्डेजिंग कार्य रविवार को शुरू हुआ और कटान से बचाव के प्रयास शुरू हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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बाराबंकी। टेपरा गांव के पास घाघरा की कटान से डरे ग्रामीणों को राहत मिलने की आस जगी है। अब घाघरा की धारा मोड़कर ड्रेजिंग से होने वाली कटान रोकी जा सकेगी। इसके लिए ड्रेजिंग कर घाघरा की बालू गांव की ओर डंप करने के प्रयास भी रविवार से शुरू हो गए। यह देख ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के घाघरा की तराई में बसे टेपरा गांव के पास ड्रेजिंग कार्य के कारण कई दिनों से घाघरा की कटान में कृषि भूमि समा रही थी। गुरूवार को कटान तेज होने से कई ग्रामीणों के खेत घाघरा में विलीन हो गए। ऐसे में टेपरा, सनावां, सरायं सुर्जन व तेलवारी गांव के अस्तित्व पर खतरा देख ग्रामीण सहम गए। इसकी खबर अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित की। इस पर शुक्रवार सुबह एसडीएम सिरौलीगौसपुर अशोक कुमार व सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया।
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एसडीएम ने मौके से ही बाढ़ खंड के अधिकारियों से फोन के जरिए बात कर ड्रेजिंग कार्य व कटान को रोकने के निर्देश दिए। शनिवार को बाढ़ खंड वाराणसी जोन के अधिशाषी अभियंता टीएन सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए घाघरा की धारा मोड़कर कटान रोकने के निर्देश ड्रेजिंग कार्य में लगे कर्मचारियों को दिए। उन्होंने कहाकि गांव की तरह ड्रेजिंग कर बालू डंप कर घाघरा की धारा मोड़ने से कटान का खतरा समाप्त होगा। इसके बाद शनिवार को पूरे दिन बंद रहा र्डेजिंग कार्य रविवार को शुरू हुआ और कटान से बचाव के प्रयास शुरू हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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