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एक शिक्षक के सहारे है चौबीसी का राजकीय हाईस्कूल
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:34 AM IST
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एक शिक्षक के सहारे चौबीसी
का राजकीय हाईस्कूल
- अग्रेजी, विज्ञान, संस्कृत समेत आठ विषय पढ़ा रहीं प्रधानाचार्या
-न तो बाउंड्री न ही पेयजल की सुविधा, जमीन पर भी कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो- 46 पी
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। राजकीय हाई स्कूल में तैनात एक मात्र प्रधानाचार्य अंग्रेजी, विज्ञान, संस्कृत सहित आठ विषय पढ़ा रही हैं। पांच वर्ष से संचालित विद्यालय में बाउंड्री व पेयजल सहित कोई सुविधा भी नहीं है। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते विद्यालय में पढ़ रहे 86 छात्र छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं है।
ग्रामीण अंचल में बच्चों को माध्यमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए चौबीसी ग्राम पंचायत में लखनऊ हाईवे के निकट राजकीय हाई स्कूल की स्थापना की गई थी। लाखों की लागत से भवन बनाकर वर्ष 2013 से विद्यालय में छात्र छात्रओं का नामांकन कर शिक्षण में सत्र शुरू कर दिया गया। लेकिन पांच वर्ष में विद्यालय में कोई शिक्षक तैनात नहीं हो सका। दो वर्ष से तैनात प्रधानाचार्या संतोष शुक्ला लिपिक अतुल कांत के सहयोग से विद्यार्थियों को सभी विषयों में शिक्षित करने की औपचारिकता निभा रही है।
वर्जन-
कई वर्षों से एलटी ग्रेड की भर्ती नहीं से टीचर्स की कर्मी है। भर्ती हुई है, अब एक-दो महीने में सहायक अध्यापक की तैनाती की जाएगी। इसके बाद भी यदि शिक्षकों की कमी है तो पीटीए द्वारा भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
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- राज कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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का राजकीय हाईस्कूल
- अग्रेजी, विज्ञान, संस्कृत समेत आठ विषय पढ़ा रहीं प्रधानाचार्या
-न तो बाउंड्री न ही पेयजल की सुविधा, जमीन पर भी कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो- 46 पी
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। राजकीय हाई स्कूल में तैनात एक मात्र प्रधानाचार्य अंग्रेजी, विज्ञान, संस्कृत सहित आठ विषय पढ़ा रही हैं। पांच वर्ष से संचालित विद्यालय में बाउंड्री व पेयजल सहित कोई सुविधा भी नहीं है। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते विद्यालय में पढ़ रहे 86 छात्र छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं है।
ग्रामीण अंचल में बच्चों को माध्यमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए चौबीसी ग्राम पंचायत में लखनऊ हाईवे के निकट राजकीय हाई स्कूल की स्थापना की गई थी। लाखों की लागत से भवन बनाकर वर्ष 2013 से विद्यालय में छात्र छात्रओं का नामांकन कर शिक्षण में सत्र शुरू कर दिया गया। लेकिन पांच वर्ष में विद्यालय में कोई शिक्षक तैनात नहीं हो सका। दो वर्ष से तैनात प्रधानाचार्या संतोष शुक्ला लिपिक अतुल कांत के सहयोग से विद्यार्थियों को सभी विषयों में शिक्षित करने की औपचारिकता निभा रही है।
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वर्जन-
कई वर्षों से एलटी ग्रेड की भर्ती नहीं से टीचर्स की कर्मी है। भर्ती हुई है, अब एक-दो महीने में सहायक अध्यापक की तैनाती की जाएगी। इसके बाद भी यदि शिक्षकों की कमी है तो पीटीए द्वारा भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
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- राज कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक