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Barabanki News: मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार की दौड़ में 100 आवेदन निरस्त
Thu, 15 Oct 2026 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:26 AM IST
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बाराबंकी। मुख्यमंत्री विशेष पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में आवेदन को लेकर उदासीनता सामने आई है। जिले की 1155 ग्राम पंचायतों में से महज 335 ने ही पुरस्कार के लिए आवेदन किया है। 820 ग्राम पंचायतों ने आवेदन नहीं किया। वहीं, आवेदन करने वाली पंचायतों में भी निर्धारित मानकों के पालन में कमी मिली है। सत्यापन के दौरान अब तक 100 गांवों के आवेदन निरस्त किए जा चुके हैं। शेष आवेदनों की जांच जारी है।
कचरा प्रबंधन से जैविक खेती तक दिखाना था काम
योजना के तहत ग्राम पंचायतों को अपने उत्कृष्ट कार्यों के प्रमाण और विवरण प्रस्तुत करने थे। इसमें घर-घर कूड़ा संग्रहण, पंचायत की आय बढ़ाने, कॉमन सर्विस सेंटर से नागरिक सेवाएं देने, तालाबों के संरक्षण और जीर्णोद्धार, आधार केंद्र के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराने तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसे मानक शामिल हैं। इसके अलावा गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, विकास कार्यों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के कार्यों के आधार पर मूल्यांकन होना है।
आवेदन में मानकों का नहीं रखा ध्यान
पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाली कई ग्राम पंचायतों के विवरण और निर्धारित मानकों में अंतर मिला है। कुछ आवेदनों में अधूरी जानकारी दर्ज की गई थी। सत्यापन में 100 आवेदन निरस्त होने से स्पष्ट है कि केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं, बल्कि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यों का प्रमाण देना भी जरूरी है।
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अगले सप्ताह शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
जिला विकास अधिकारी भूषण कुमार ने बताया कि योजना के तहत आवेदन कम आए हैं। कई पंचायतों के आवेदन में विवरण अधूरे मिले हैं, जबकि कुछ ने मानकों के विपरीत जानकारी दी है। ऐसे आवेदन सत्यापन के दौरान निरस्त किए जा रहे हैं। शेष आवेदनों की जांच इसी सप्ताह पूरी करने का प्रयास है। इसके बाद पात्र ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट पंचायती राज विभाग के निदेशालय को भेजी जाएगी।
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कचरा प्रबंधन से जैविक खेती तक दिखाना था काम
योजना के तहत ग्राम पंचायतों को अपने उत्कृष्ट कार्यों के प्रमाण और विवरण प्रस्तुत करने थे। इसमें घर-घर कूड़ा संग्रहण, पंचायत की आय बढ़ाने, कॉमन सर्विस सेंटर से नागरिक सेवाएं देने, तालाबों के संरक्षण और जीर्णोद्धार, आधार केंद्र के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराने तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसे मानक शामिल हैं। इसके अलावा गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, विकास कार्यों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के कार्यों के आधार पर मूल्यांकन होना है।
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आवेदन में मानकों का नहीं रखा ध्यान
पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाली कई ग्राम पंचायतों के विवरण और निर्धारित मानकों में अंतर मिला है। कुछ आवेदनों में अधूरी जानकारी दर्ज की गई थी। सत्यापन में 100 आवेदन निरस्त होने से स्पष्ट है कि केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं, बल्कि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यों का प्रमाण देना भी जरूरी है।
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अगले सप्ताह शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
जिला विकास अधिकारी भूषण कुमार ने बताया कि योजना के तहत आवेदन कम आए हैं। कई पंचायतों के आवेदन में विवरण अधूरे मिले हैं, जबकि कुछ ने मानकों के विपरीत जानकारी दी है। ऐसे आवेदन सत्यापन के दौरान निरस्त किए जा रहे हैं। शेष आवेदनों की जांच इसी सप्ताह पूरी करने का प्रयास है। इसके बाद पात्र ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट पंचायती राज विभाग के निदेशालय को भेजी जाएगी।