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Barabanki News: बाढ़ से घिरी 10 हजार आबादी, टापू बने पांच गांव
Wed, 09 Aug 2023 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 09 Aug 2023 01:18 AM IST
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सूरतगंज/कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू की बाढ़ अब नदी किनारे बसे गांवों में कहर ढा रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 30 सेमी ऊपर पहुंचने के कारण करीब 15 गांवों की 10 हजार से अधिक आबादी बाढ़ से घिर गई है। इन गांवों के तालाब, नाले लबालब होने के बाद पानी रास्तों में भर गया है। आवागमन बंद होने लगा है। नदी के उस पार बसे पांच गांव टापू बन गए हैं। सामान समेट रहे ग्रामीणों का पलायन जारी है। हालांकि, अभी तक राहत व बचाव के कार्य शुरू नहीं किए गए हैं।
मंगलवार की सुबह आठ बजे सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर से करीब 26 सेमी ऊपर 106.336 मीटर पर बह रहा था। नदी लगातार उफना रही है। रामनगर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के उस पास बसे जमका, परशुरामपुर, खुज्झी, फाजिलपुर व पूरनपुर गांव टापू बन चुके हैं। इन गांवों से प्रशासन का भी सीधे संपर्क नहीं रह गया हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण आमतौर पर चलने वानी नावें बंद होने से यह हालात है। इन गांवों के रास्ते व खेत लबालब हो चुके हैं। सैकड़ों बीघा खेती नदी में समा चुकी है।
नदी का पानी गांव में आता देख लोग अपने पक्के मकान की ईटें तोड़कर सुरक्षित करने में लगे हैं। कई परिवार गांव छोड़ चुके हैं। कोई सरकारी राहत यहां नहीं पहुंची है। नदी के इस पार बसे सुंदरनगर गांव में भी बाढ़ का पानी भर रहा है। वहीं, सिरौलीगौसपुर तहयील क्षेत्र के निचले हिस्से में बसे इटाहुआपूर्व, तेलवारी, रायपुर माझा, परसवाल, नव्वनपुरवा गांव के रास्तों में पानी भर गया है। जबकि बधौली का पुरवा, टेपरा, सराय सुर्जन, भैरोकोल, गोबरहा, बिहड, बबुरी गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
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रेता गांव में पानी पहुंच गया है। लोग अपने जानवरों के साथ बाहर आ रहे हैं। पलायन कर रहे लोगों ने बताया कि कोई इंतजाम नहीं है। रामनगर व सिरौलीगौसपुर के गांवों में पका पकाया भोजन देने की कवायद नहीं शुरु की गई है। गांवों में कई दिन पहले मेडिकल टीम गई थी। उसके बाद कोई नहीं गया। एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने बताया कि सनावा और कोठरी गौरिया बाढ़ चाैकी बनाई जाएगी। 90 नावों की व्यवस्था कर ली गई है। वहीं, रामनगर के एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि नदी के उस पार बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित किया जाएगा।
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बढ़ेगी परेशानी, फिर छोड़ा 3.29 लाख क्यूसेक पानी
नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नेपाल के बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बाढ़ खंड द्वारा मंगलवार सुबह बताया गया कि तीन लाख 39 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। जबकि एक दिन पहले ही 2.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
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मंगलवार की सुबह आठ बजे सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.070 मीटर से करीब 26 सेमी ऊपर 106.336 मीटर पर बह रहा था। नदी लगातार उफना रही है। रामनगर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के उस पास बसे जमका, परशुरामपुर, खुज्झी, फाजिलपुर व पूरनपुर गांव टापू बन चुके हैं। इन गांवों से प्रशासन का भी सीधे संपर्क नहीं रह गया हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण आमतौर पर चलने वानी नावें बंद होने से यह हालात है। इन गांवों के रास्ते व खेत लबालब हो चुके हैं। सैकड़ों बीघा खेती नदी में समा चुकी है।
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नदी का पानी गांव में आता देख लोग अपने पक्के मकान की ईटें तोड़कर सुरक्षित करने में लगे हैं। कई परिवार गांव छोड़ चुके हैं। कोई सरकारी राहत यहां नहीं पहुंची है। नदी के इस पार बसे सुंदरनगर गांव में भी बाढ़ का पानी भर रहा है। वहीं, सिरौलीगौसपुर तहयील क्षेत्र के निचले हिस्से में बसे इटाहुआपूर्व, तेलवारी, रायपुर माझा, परसवाल, नव्वनपुरवा गांव के रास्तों में पानी भर गया है। जबकि बधौली का पुरवा, टेपरा, सराय सुर्जन, भैरोकोल, गोबरहा, बिहड, बबुरी गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
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रेता गांव में पानी पहुंच गया है। लोग अपने जानवरों के साथ बाहर आ रहे हैं। पलायन कर रहे लोगों ने बताया कि कोई इंतजाम नहीं है। रामनगर व सिरौलीगौसपुर के गांवों में पका पकाया भोजन देने की कवायद नहीं शुरु की गई है। गांवों में कई दिन पहले मेडिकल टीम गई थी। उसके बाद कोई नहीं गया। एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने बताया कि सनावा और कोठरी गौरिया बाढ़ चाैकी बनाई जाएगी। 90 नावों की व्यवस्था कर ली गई है। वहीं, रामनगर के एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि नदी के उस पार बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित किया जाएगा।
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बढ़ेगी परेशानी, फिर छोड़ा 3.29 लाख क्यूसेक पानी
नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नेपाल के बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बाढ़ खंड द्वारा मंगलवार सुबह बताया गया कि तीन लाख 39 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। जबकि एक दिन पहले ही 2.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।