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घाघरा में समाए 10 मकान, दहशत

Sat, 23 Jul 2016 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sat, 23 Jul 2016 11:31 PM IST
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10 houses submerged in Ghaghra, panic
कचनापुर गांव के पास कटान तेज - फोटो : अमर उजाला
घाघरा की चपेट में आकर कचनापुर गांव के दस और घर नदी के पानी में समा गए हैं। नदी का जलस्तर भले ही घटा हो लेकिन कचनापुर के निकट कटान तेज होने से यहां के वासियों में हड़कंप मच गया है।
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नदी के तेवरों को देखते हुए लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं। वहीं एलिगभन चरसरी तटबंध के पास कट-वन और टू पर भी नदी का पानी कटान कर रहा है। वहीं नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से 34 सेमी ऊपर बह रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कतें उन लोगाें को हो रही हैं जो बंधों पर शरण लिए हुए हैं। 
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घाघरा नदी का पानी भले ही खतरे के निशान से 106.076 से घटकर 106.416 पर पहुंचकर स्थिर हो गया है। नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से 34 सेमी ऊपर बह रहा है। पानी भले ही स्थिर हो गया हो लेकिन कचनापुर और रायपुर के निकट नदी का पानी अभी भी कटान कर रहा है।
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जिससे यहां के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। बेलहरा प्रतिनिधि के अनुसार कचनापुर गांव के रहने वाली रुबिया, मो. आसिफ, अतीक, इलियास, गुलाम वारिस, उस्मान, जुबैर, मुकीर समेत करीब दस लोगों के घर नदी के पानी में समा गए हैं।

इन घरों में रखा गृहस्थी का सामान भी नदी का पानी अपने साथ बहा ले गई है। नदी का पानी गांव में भरने की वजह से इस क्षेत्र के लोग हेतमापुर बंधे पर परिवारीजनों और मवेशियों के साथ शरण लिए हुए हैं।

वहीं परसावल, नैपुरा, रायपुर समेत अन्य कई गांवों के लोग परिवारीजनों के साथ अभी भी तटबंध पर जीवन गुजार रहे हैं। टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार एलिगभन चरसरी तटबंध के पास बने कट वन और टू के पास नदी का पानी अभी भी कटान कर रहा है। कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारी तटबंध पर डेरा डाले हुए हैं। 

नहीं मिली राहत
इससे पहले खुज्जी और विझौली गांव के दस घर नदी के पानी में समा चुके हैं। शनिवार को जिन लोगों के घर नदी में समा गए हैं उनमें धर्मदेव, मुन्ना लाल, रामनाथ, बिजई और बिझौली के  सुखदेव, सुंदर, पंचम, श्रीनाथ आदि शामिल हैं। ये सभी पीड़िता हेतमापुर बंधे पर अपना जीवन गुजार रहे हैं। इन लोगों का कहना है राहत मिलने का आश्वासन तो मिलता है लेकिन राहत नहीं मिलती है। 


घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से 34 सेमी ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया है। कचनापुर के जो गांव नदी में समा गए हैं इसकी जांच के लिए राजस्व कर्मियों को मौके पर भेजा गया है। बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। -हरिकेश चौरसिया, एडीएम
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