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Banda News: गलत बिजली बिल उपभोक्ताओं को मार रहा करंट

Sat, 12 Oct 2024 01:19 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2024 01:19 AM IST
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Wrong electricity bills are causing electric shock to consumers
बांदा। उन्नाव के वसैना गांव निवासी शुभम ने ज्यादा बिजली बिल आने और उसे सही नहीं करने पर खुदकुशी कर ली। इसके बाद मंत्री ने एक्सईएन, जेई और एसडीओ को निलंबित कर दिया है। इसके बावजूद बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही शायद ही रुके। बिल बढ़ाकर भेजना इनकी कार्य पद्धति सी बन गई है। अधिक बिल भेजने की जिले में तीन माह में साढ़े चार सौ से अधिक शिकायतें मिली हैं।
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दरअसल, नए बिजली मीटर और अधिक बिजली बिल आने से अधिकतर उपभोक्ता परेशान हैं। वह बिजली निगम में इसकी शिकायतें करते हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती है। घरेलू कनेक्शन वाले कई उपभोक्ताओं के एक माह के बिल 10 हजार रुपये से ज्यादा के आ रहे हैं। बिजली विभाग में जुलाई से सितंबर तक 467 शिकायतें गलत बिल आनेे की आईं। उपभोक्ता शिकायत करते हैं तो एसडीओ और जेई कहते हैं कि पुरानी रीडिंग रुकी रही होगी, इसीलिए ज्यादा बिल आया है।
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जिले में इस समय स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। इसके अलावा प्रवर्तन दल और बिजली विभाग की टीम जांचकर खराब मीटर बदल रही है। आरोप हैं कि नए मीटरों की गुणवत्ता बेहद खराब है। उपभोक्ताओं को ये कर्जदार बना रहे हैं। पहले जहां उपभोक्ता 500 से एक हजार रुपये हर माह बिल जमा कर रहे थे। वहीं, अब उन्हें दो से तीन हजार रुपये बिल भरना पड़ रहा है। इधर, मीटर बदलने के बाद स्टोर रीडिंग का भी बिल आ रहा है।
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महोखर गांव निवासी अनुज के मुताबिक उनका मीटर जल गया था। प्रार्थनापत्र देने के बाद दूसरा मीटर लगाया गया। जब एक माह बाद बिल आया तो हैरान करने वाला था। करीब 16 हजार रुपये का बिल आया। बिल लेकर एसडीओ तुलसीनगर के पास गए। वहां सुनवाई नहीं हुई तो एक्सईएन के पास गए, पर अभी तक बिजली बिल ठीक नहीं किया गया है।


---बिजली का ज्यादा बिल आने पर उपभोक्ता के आवेदन पर मीटर चेक करके लगाए जाते हैं। उसी के आधार पर बिल भेजे जाते हैं। नए मीटरों में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। इस समस्या से दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
-मनदीप सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, नगरीय, बांदा

केस-1



शहर से सटे पल्हरी गांव की रन्नो ने बताया कि सात मार्च को उनके घर नया मीटर लगाया गया है। मार्च से जून तक तीन माह का बिल 41 हजार 761 रुपये आया। अगस्त में 58,859 रुपये का बिल भेजा गया। दो सितंबर को 67,7724 रुपये का बिल आया। रन्नो के पति मजदूरी करते हैं। घर में दो पंखे व चार एलईडी लाइटें जलती हैं। कई चक्कर काटने के बाद भी बिल सही नहीं किया गया।



केस-2



शहर के गायत्री नगर मोहल्ले के राजेश वर्मा ने बताया कि उनका बिल पहले हर माह 500 से 700 रुपये आता था। मीटर बदलने के बाद से दो से ढाई हजार रुपये का आ रहा है। अधिकारी कहते हैं कि रीडिंग के हिसाब से बिल भेजा जा रहा है। रीडिंग करने कब कौन आता है इसका पता भी नहीं चलता। शिकायत के बाद भी बिल सही नहीं किया जा रहा है।




केस-3



महोखर गांव के अनुज तिवारी भी ज्यादा बिजली बिल आने से परेशान हैं। बताया कि जुलाई में मीटर बदला गया था। तीन माह में 16 हजार से ज्यादा का बिल आया है, जबकि बिजली उपकरण सीमित इस्तेमाल किए जाते हैं। मीटर का पैसा भी जमा कराया था। मीटर बदलवाने के लिए पांच हजार रुपये मांग रहे हैं। एसडीओ और एक्सईएन के यहां शिकायत पर भी सुनवाई नहीं हो रही है।
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