फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Woman buried under rolled pipes while cutting wood, dies

लकड़ी काटते समय लुढ़के पाइपों के नीचे दबी महिला, मौत

Sun, 30 Jan 2022 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 11:21 PM IST
विज्ञापन
Woman buried under rolled pipes while cutting wood, dies
पाइपों के नीचे से महिला को निकालकर बाहर लाते परिजन। - फोटो : BANDA
तिंदवारी। जल जीवन मिशन की पाइप लाइन ने गरीब महिला का जीवन छीन लिया। घर का चूल्हा जलाने के लिए जंगल में लकड़ी काटने के दौरान रखे पाइपों के लुढ़कने से दबकर महिला की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने घटनास्थल के नजदीक स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। सीओ ने ठेकेदार पर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया तब जाम खोला गया।
विज्ञापन

घटना रविवार को सुबह की है। तिंदवारी के गांधी नगर निवासी ऊषा देवी (40) पत्नी श्यामलाल वर्मा सुबह करीब 11 बजे खाना बनाने को चूल्हा जलाने के लिए ढाबा के पास सड़क किनारे जंगली लकड़ी काटने गई थी। जहां वह लकड़ी काट रही थी वहां जल जीवन मिशन (नमामि गंगे परियोजना) के भारी भरकम कई पाइप रखे थे। पेड़ की टहनी काटने के दौरान एक के ऊपर एक रखे पाइप लुढ़क गए। एक पाइप ऊषा के ऊपर आ गिरा। वह खाई में पाइप के नीचे दब गईं।
विज्ञापन

कुछ ही देर में तड़प कर मौत हो गई। ग्रामीणों और परिजनों ने बांदा-बहराइच स्टेट हाईवे पर पाइप लाइन के अवरोध खड़ा कर यातायात ठप कर दिया। कुछ देर बाद पुलिस ने हाइड्रा बुलवाकर पाइप हटवाया और नीचे दबे ऊषा के शव को बाहर निकाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रभारी थाना निरीक्षक पीएन सिंह ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजन और ग्रामीणों को एडीएम (नमामि गंगे) एमपी सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर सत्य प्रकाश शर्मा ने सांत्वना देकर शांत किया। सीओ ने कहा कि तहरीर आने पर ठेकेदार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

उज्ज्वला योजना की लाभार्थी, फिर भी लकड़ी काटने की मजबूरी
तिंदवारी। गरीब महिला की मौत ने एक बार फिर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया। हादसे का शिकार हुई ऊषा देवी को वर्ष 2018 में उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन मिला था। आर्थिक रूप से बहुत कमजोर ऊषा गैस सिलिंडर की रीफिलिंग नहीं करा पाई। जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हा जलाना मजबूरी बन गया। अंतत: इसी मजबूरी में उसकी जान चली गई। उसका पति श्यामलाल भी मजदूर है। ग्रामीणों का कहना था कि सिलिंडर में गैस मुफ्त भरी जाती तो शायद ऊषा की मौत न होती।

थाने में मौजूद मृतका के परिजन व ग्रामीण। संवाद

थाने में मौजूद मृतका के परिजन व ग्रामीण। संवाद- फोटो : BANDA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed