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वसंती बयार ने बदला मंडल का मौसम
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बांदा। वसंती बयार ने चित्रकूटधाम मंडल का मौसम बदल दिया। कई दिनों से धूप की तपिश से गरमाए वातावरण को पश्चिमी विक्षोभ ने पलट कर रख दिया। दोपहर बाद छाए घने बादल और बारिश के बीच 42 किलोमीटर प्रतिघंटे रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने एक बार फिर लोगों को गरम कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया। साथ ही वसंती बदलाव का लुत्फ भी लिया गया।
सुबह से ही हल्के फुल्के बादल थे। दोपहर बाद मौसम ने अचानक और करवट ली। घने बादलों के बीच बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। लगभग 5 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। काफी तेज रफ्तार से चल रहीं ठंडी हवाओं ने लोगों ने फिर गरम कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, घने बादल और बारिश कुछ ही देर बाद तेज हवा उड़ा ले गई। आमतौर पर 16 फरवरी को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 10 होना चाहिए।
दोपहर बाद बारिश से अधिकतम तापमान 28 से घटकर 22 हो गया। छह डिग्री की गिरावट आई। यह सामान्य से तीन डिग्री कम है। इस बाबत कृषि विश्वविद्यालय में मौसम विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दिनेश साहा ने बताया कि बारिश के अनुमान 17 फरवरी को लगाया गया था, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ से बादलों की रफ्तार बढ़ने से यह एक दिन पहले ही आ गए। उन्होंने कहा कि फूल वाली फसलों को कुछ मामूली नुकसान पहुंच सकता है। अन्य सभी फसलों के लिए बारिश फायदेमंद है।
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सुबह से ही हल्के फुल्के बादल थे। दोपहर बाद मौसम ने अचानक और करवट ली। घने बादलों के बीच बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। लगभग 5 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। काफी तेज रफ्तार से चल रहीं ठंडी हवाओं ने लोगों ने फिर गरम कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, घने बादल और बारिश कुछ ही देर बाद तेज हवा उड़ा ले गई। आमतौर पर 16 फरवरी को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 10 होना चाहिए।
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दोपहर बाद बारिश से अधिकतम तापमान 28 से घटकर 22 हो गया। छह डिग्री की गिरावट आई। यह सामान्य से तीन डिग्री कम है। इस बाबत कृषि विश्वविद्यालय में मौसम विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दिनेश साहा ने बताया कि बारिश के अनुमान 17 फरवरी को लगाया गया था, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ से बादलों की रफ्तार बढ़ने से यह एक दिन पहले ही आ गए। उन्होंने कहा कि फूल वाली फसलों को कुछ मामूली नुकसान पहुंच सकता है। अन्य सभी फसलों के लिए बारिश फायदेमंद है।
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